क्राइम

फर्जी टेंडर के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप, कलेक्टर व एसपी से की गई कार्रवाई की मांग

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी

हटा । दमोह जिले हटा भाटिया ग्राम निवासी शुभम ने पथरिया जनपद में पदस्थ बाबू विनायक सिंह पर फर्जी टेंडर दिखाकर लाखों रुपये की ठगी करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस संबंध में दमोह कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त सागर, दमोह जनपद सीईओ एवं पथरिया जनपद सीईओ को लिखित शिकायत आवेदन सौंपते हुए संबंधित कर्मचारी को निलंबित कर जांच कराने की मांग की है।
पीड़ित शुभम ने बताया कि जून 2025 में उनके मित्र विनायक सिंह ने फोन कर बताया कि उसे मंडला जिले में ऑर्गेनिक किट सप्लाई का लगभग 8 करोड़ रुपये का टेंडर मिला है, जिसमें ढाई से तीन करोड़ रुपये का लाभ होगा। इसी सिलसिले में उसने दमोह बुलाया।
दमोह में बस स्टैंड स्थित केनरा बैंक के नीचे भारत सैंडविच हाउस पर मुलाकात हुई, जहाँ विनायक सिंह के साथ उसका कथित पार्टनर प्रतीक तिवारी (निवासी सागर) भी मौजूद था। बातचीत के दौरान बताया गया कि टेंडर मिल चुका है और कार्य प्रारंभ करने के लिए मंत्री जी को 5 प्रतिशत राशि एडवांस देनी होगी।
शुभम के अनुसार, उन्होंने शुरू में इतनी बड़ी रकम लगाने से इनकार किया, लेकिन उन्हें भरोसा दिलाया गया कि वर्क ऑर्डर सब कुछ होता है, एक महीने में भुगतान हो जाएगा और सभी पैसे वापस कर दिए जाएंगे। साथ ही पार्टनरशिप का आश्वासन भी दिया गया।
आरोप है कि इसके बाद अलग-अलग चरणों में
5 लाख रुपये नकद,
1 लाख रुपये ऑनलाइन,
पुनः 5 लाख रुपये नकद,
तथा सागर से परिचित व्यक्ति से 15 लाख रुपये नकद
लिए गए। इन पैसों की व्यवस्था पीड़ित ने अपनी जमीन-प्लॉट गिरवी रखकर की।
पीड़ित का कहना है कि लगातार उन्हें ई-वे बिल, एमओयू और एग्रीमेंट भेजकर यह विश्वास दिलाया जाता रहा कि काम चल रहा है। जब भुगतान में देरी हुई तो उन्होंने भोपाल जाकर संबंधित विभाग के मंत्री के बंगले पर जानकारी ली, जहाँ विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई वर्क ऑर्डर विभाग द्वारा जारी ही नहीं हुआ है।
जब इस संबंध में विनायक सिंह से सवाल किया गया तो उसने इसे “अंदरूनी प्रक्रिया” बताते हुए ऑफलाइन टेंडर होने की बात कही और आश्वासन देता रहा। समय बीतने के बाद जब शुभम ने हिसाब-किताब कर पैसे लौटाने को कहा, तो विनायक सिंह ने साफ इनकार कर दिया और पैसे लेने से भी मना कर दिया।
पीड़ित ने बताया कि बाद में जानकारी मिली कि आरोपी द्वारा अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह टेंडर और काम के नाम पर धनराशि ली जा चुकी है।
अंत में शुभम ने माननीय कलेक्टर से मांग की है कि विनायक सिंह को तत्काल निलंबित कर निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर सेवा से बर्खास्त किया जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य व्यक्ति के साथ ऐसी धोखाधड़ी न हो और भ्रष्ट अधिकारियों में कानून का भय बना रहे।

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