प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना से बदली किस्मत, मसाला उद्योग लगाकर आत्मनिर्भर बने मदन मोहन शर्मा

सिलवानी। भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन (पीएमएफएमई) योजना युवाओं और ग्रामीण उद्यमियों के लिए वरदान साबित हो रही है। योजना के माध्यम से न केवल स्वरोजगार को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। सिलवानी विकासखंड के ग्राम चिचौली निवासी कृषक मदन मोहन शर्मा ने पीएमएफएमई योजना का लाभ लेकर मसाला उद्योग स्थापित किया है। पहले वे एक छोटी किराना दुकान संचालित करते थे, जिससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 से 12 हजार रुपये की आय होती थी। सीमित आय के कारण परिवार का भरण-पोषण कठिनाई से हो पाता था।
योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने उद्यानिकी विभाग के अधिकारी मनोज साहू से संपर्क कर विस्तृत जानकारी प्राप्त की और मसाला उद्योग स्थापित करने के लिए आवेदन किया। सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया से ऋण स्वीकृत होने के बाद उन्होंने आधुनिक मशीनों के साथ अपना उद्योग शुरू किया। उन्हें उद्यानिकी विभाग द्वारा 35 प्रतिशत अनुदान सहायता भी प्रदान की गई।
वर्तमान में वे “श्री भैया जी मसाले” ब्रांड नाम से धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर सहित अन्य मसालों का उत्पादन कर सिलवानी, गैरतगंज, रायसेन एवं आसपास के जिलों में विक्रय कर रहे हैं। इससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 30 से 35 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है।
आय में वृद्धि से उनके परिवार के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। मदन मोहन शर्मा ने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को देते हुए आभार व्यक्त किया है।
पीएमएफएमई योजना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार की नई संभावनाएं पैदा कर रही है और युवाओं को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बना रही है।



