अंतर्राष्ट्रीय महिला सप्ताह पर सिलवानी में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

सिलवानी। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायसेन अनिल कुमार सुहाने के मार्गदर्शन में तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला सप्ताह के उपलक्ष्य में जनपद पंचायत हॉल सिलवानी में महिलाओं के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी की अध्यक्ष एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुनीता पचौरिया ने उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को जमीनी स्तर पर विधिक रूप से जागरूक करने एवं महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से इस जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं के लिए कानूनी साक्षरता का ज्ञान उनके तथा उनके परिवार के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। विधिक जागरूकता के माध्यम से ही महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण संभव है।
उन्होंने बताया कि अक्सर महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति कानून की जानकारी के अभाव में आवाज नहीं उठा पाती हैं, जिसके कारण उन्हें कई प्रकार की प्रताड़नाओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने महिलाओं को अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और उनका लाभ उठाने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने कहा कि लैंगिक अपराधों के प्रति सभी को सतर्क रहना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति पीछा करता है, छेड़छाड़ करता है या अनुचित तरीके से घूरता है, तो यह भी अपराध की श्रेणी में आता है।
शिविर में सुनीता पचौरिया द्वारा भारतीय दण्ड संहिता में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों से संबंधित प्रावधान, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, पोक्सो अधिनियम 2012, महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों तथा घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 के अंतर्गत महिलाओं को प्राप्त विभिन्न अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि यदि कोई महिला आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण मुकदमे की पैरवी करने में असमर्थ है, तो आवेदन करने पर उसे निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक सुरक्षा विश्वकर्मा ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश में चल रही योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की स्वायत्तता और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के साथ उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति में निरंतर सुधार लाने के लिए राज्य महिला आयोग भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर आबिदा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।



