ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग शनिवार, 11 अप्रैल 2026

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 11 अप्रैल 2026
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ *दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए। *शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
*शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है । *शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
*शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है । 🔮 *शुभ हिन्दू नववर्ष 2026 विक्रम संवत : 2083 सिद्धार्थी विक्रम : 1969 शर्वरी* 🌐 रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083,
✡️ शक संवत 1948 (पराभव संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2082 पिङ्गल
☸️ काली सम्वत् 5127_

🕉️ संवत्सर (बृहस्पति) पराभव
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर बसंत ऋतु
☀️ मास – बैशाख मास
🌗 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📅 तिथि – शनिवार बैशाख माह के कृष्ण पक्ष नवमी तिथि 12:37 AM तक उपरांत दशमी
✏️ तिथि स्वामी – नवमी की देवी हैं दुर्गा। इस तिधि में जगतजननी त्रिदेवजननी माता दुर्गा की पूजा करने से मनुष्य इच्छापूर्वक संसार-सागर को पार कर लेता है तथा हर क्षेत्र में सदा विजयी प्राप्त करता है।
💫 नक्षत्र- नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 01:39 PM तक उपरांत श्रवण
🪐 नक्षत्र स्वामी – उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के स्वामी सूर्य हैं, इस नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता विश्वेदेव (दस विश्वदेव) हैं।
⚜️ योग – सिद्ध योग 06:38 PM तक, उसके बाद साध्य योग
प्रथम करण – तैतिल 12:01 PM तक
द्वितीय करण – गर 12:38 AM तक, बाद वणिज
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6: 53 से 8:19 बजे तक
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:44 से 11:09 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 05:51:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 06:23:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 04:30 ए एम से 05:15 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : प्रातः 04:53 ए एम से 06:00 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : दोपहर 11:57 ए एम से 12:48 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : दोपहर 02:30 पी एम से 03:21 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : शाम 06:43 पी एम से 07:06 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : शाम 06:45 पी एम से 07:52 पी एम
💧 अमृत काल : सुबह 06:40 ए एम से 08:25 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : दोपहर 11:59 पी एम से 12:44 ए एम, अप्रैल 12 तक व 04:09 ए एम, अप्रैल 12 से 05:51 ए एम, अप्रैल 12
सर्वार्थ सिद्धि योग : दोपहर 01:39 पी एम से 05:59 ए एम, अप्रैल 12
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शनि मंदिर में सरसों का तेल चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थ सिद्धि योग/ आडल योग/ विडाल योग/ महात्मा कस्तूरबा गांधी जयन्ती, महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले जयन्ती, राष्ट्रीय पालतू पशु दिवस, राष्ट्रीय जीवित दाता दिवस, हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कथाकार फणीश्वर नाथ रेणु पुण्य तिथि, आध्यात्मिक गुरु श्रीमत राजचंद्र स्मृति दिवस, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन स्थापना दिवस, राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस, भारतीय अभिनेता एवं गायक कुन्दन लाल सहगल स्मृति दिवस, अभिनेत्री रोहिणी हटंगडी जन्म दिवस, भारतीय मोडल पूनम पांडे जन्म दिवस, प्रमुख कैंसर अनुसंधान वैज्ञानिक, पद्म विभूषण पुरस्कार विजेता, कमल समर्थ उर्फ कमल रणदिवे स्मृति दिवस, जनरल लेफ्टिनेंट हनुत सिंह राठौर स्मृति दिवस, प्रसिद्ध भारतीय महिला चिकित्सक कमल रणदिवे स्मृति दिवस, विश्व पार्किंसंस दिवस, (भारतीय रेल सप्ताह)
✍🏼 *तिथि विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है। ⛲ *_Vastu tips* 🗽
आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार आपको घर में कभी भी शीशा या आईना नहीं लगाना चाहिए। यह सजावट की वास्तु है और किचन में इसे रखना सही नहीं माना जाता। वास्तु के अनुसार रसोई अग्नि तत्व से संबंधित स्थान है और यहां पर शीशे को रखने से जीवन में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं।
*चूल्हे के पास न रखें पानी जल और अग्नि दोनों अलग-अलग तत्व हैं इसलिए आपको कभी भी किचन में इन दोनों को पास नहीं रखना चाहिए। अगर जल और चूल्हा यानि अग्नि बहुत पास हैं तो ये मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। इसके कारण घर के लोगों के बीच अनबन भी हो सकती है। *रसोई में न रखें टूटे बर्तन वास्तु के अनुसार किचन में कभी भी आपको टूटे हुए बर्तन नहीं रखने चाहिए। इसके कारण सुख-समृद्धि से आप वंचित रह सकते हैं। टूटे हुए बर्तन किचन में होने से माता अन्नपूर्णा भी रूठ जाती हैं।
*चूल्हे को रखें सही जगह किचन में चूल्हे को सही दिशा में रखना चाहिए। चूल्हा रखने के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा (वायव्य कोण) या दक्षिण-पूर्व दिशा (आग्नेय कोण) को सही माना जाता है। इस दिशा में चूल्हे को रखने से घर के लोग स्वस्थ रहते हैं और जीवन में संतुलन आता है। ♻️ *जीवनोपयोगी कुंजियां* ⚜️ ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करे- ब्लड प्रेशर पर काबू पाने के लिए इलायची के पानी को डाइट प्लान में शामिल किया जा सकता है। इलायची का पानी आपके दिल की सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। अगर आप अपनी बॉडी के मेटाबॉलिज्म को बूस्ट कर अपनी वेट लॉस जर्नी को आसान बनाना चाहते हैं, तो भी इस ड्रिंक को कंज्यूम करना शुरू कर सकते हैं। बैड ब्रेथ की समस्या से छुटकारा पाने के लिए भी इलायची के पानी का सेवन किया जा सकता है। *कैसे बनाएं इलायची का पानी- सबसे पहले एक पैन में एक गिलास पानी निकाल लीजिए। अब इस पानी में 2 कुटी हुई इलायची डालिए। इसके बाद आपको इस पानी को लगभग 5 से 6 मिनट तक बॉइल करना है। आपका इलायची का पानी तैयार है। आपको इसे ठंडा होने देना है और फिर गिलास में छान लेना है। बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए सुबह-सुबह खाली पेट इलायची का पानी पिएं।
🫗 *आरोग्य संजीवनी* 🍶
जोड़ों के दर्द से मिलेगा छुटकारा- हल्दी वाला दूध हड्डियों के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। अगर आप जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों या फिर हड्डियों के दर्द से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो हल्दी वाले दूध का सेवन करना शुरू कर सकते हैं। सूजन को कम करने के लिए भी इस ड्रिंक को कंज्यूम किया जा सकता है। बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए एक गिलास दूध में हाफ स्पून हल्दी ही मिलाएं।
*सर्दी-जुकाम से मिल सकती है राहत- दादी-नानी के जमाने से सर्दी, जुकाम होने पर हल्दी वाले दूध को पीने की सलाह दी जाती रही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हल्दी वाले दूध में मौजूद तत्व फेफड़ों में जमा कफ को बाहर निकलने में कारगर साबित हो सकते हैं। हल्दी वाला दूध आपकी गट हेल्थ पर भी पॉजिटिव असर डाल सकता है। आपको लिमिट में रहकर ही हल्दी वाले दूध का सेवन करना चाहिए वरना आपकी सेहत पर पॉजिटिव की जगह नेगेटिव असर भी पड़ सकता है। *गहरी और अच्छी नींद आएगी- गर्म दूध में हल्दी मिलाकर पीने से तनाव कम होता है और इस वजह से नींद भी अच्छी आती है। क्या आप अपनी बॉडी को डिटॉक्स करना चाहते हैं? अगर हां, तो आप भी हल्दी वाले दूध को अपने डाइट प्लान में शामिल कर सकते हैं। ध्यान रहे कि अगर आपको किडनी से जुड़ी कोई समस्या है, तो आपको हल्दी वाले दूध का सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिए।
🌷 गुरु भक्ति योग 🕯️
*हर व्यक्ति चाहता है कि उसके पास पर्याप्त मात्रा में धन हो और कभी उसे किसी के सामने हाथ न फैलाने पड़ें। हालांकि, बहुत कम ही लोग ऐसे होते हैं जिनको पर्याप्त मात्रा में धन हमेशा मिलता है। ज्यादातर लोग धन की कमी के कारण परेशान रहते हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से देखा जाए तो आपके जीवन में धन का कारक भाव कुंडली का दूसरा भाव होता है। ज्योतिष के अनुसार इस भाव से जुड़े कुछ कार्य करने से आपको जीवन में आर्थिक लाभ प्राप्त हो सकता है और माता लक्ष्मी की कृपा आप पर बरस सकती है। आज आचार्य श्री गोपी राम आपको इसी के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। *कुंडली का दूसरा भाव कैसे पता करें?*
नीचे दी कुंडली में दूसरे भाव को बताया गया है। इस भाव में संख्या 1 से 12 तक कुछ भी लिखी हो लेकिन कुंडली का धन भाव यही रहेगा। इस भाव से जुड़े कार्य करने से आपकी आर्थिक स्थिति में कुछ ही दिनों में अच्छे बदलाव आने लगते हैं।
धन भाव को मजबूत करने के उपाय
धन भाव में जो संख्या लिखी हो (1 से 12 तक) यह दर्शाती है कि कौन सी राशि उस घर में विराजमान है। उदाहरण के लिए अगर धन भाव में संख्या 3 लिखी हो तो धन भाव की राशि होगी मिथुन और धन भाव के स्वामी होंगे बुध, क्योंकि बुध ग्रह मिथुन राशि के स्वामी हैं। इसी तरह कोई भी संख्या धन भाव में लिखी हो उस राशि का नाम और उसके स्वामी के बारे में आप इंटरनेट पर आसानी से पता कर सकते हैं। धन भाव की राशि और इसके स्वामी का पता करने के बाद बस आपको करना ये है कि धन भाव के स्वामी से जुड़े उपाय करने हैं। धन भाव के स्वामी से जुड़े उपाय आप करते हैं तो कुछ दिनों में ही आपको धन से जुड़ी परेशानियों से मुक्ति मिल सकती है।
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धन भाव में अगर कोई ग्रह बैठा है तो उससे जुड़े उपाय और सावधानियां भी आपको बरतनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं हो पा रहा है और आप कुंडली को समझने में परेशानी महसूस कर रहे हैं तो आपको सीधे गुरु ग्रह के उपाय करना शुरू कर देना चाहिए। गुरु ग्रह द्वितीय भाव के कारक ग्रह हैं इनके उपाय करने से द्वितीय भाव मजबूत होने लगता है। गुरु के उपाय करने से हर किसी को धन-धान्य की प्राप्ति हो सकती है। गुरु के साथ ही चंद्रमा के उपाय आपको करने चाहिए। गुरु और चंद्रमा के उपाय करने से माता लक्ष्मी और विष्णु भगवान का आशीर्वाद भी आपको मिलता है और धन से जुड़ी समस्याओं से आपको मुक्ति मिलती है।
*बिना कुंडली देखे ऐसे करें धन भाव को मजबूत- बिना कुंडली देखे अगर आप धन भाव को मजबूत करना चाहते हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। कभी किसी से कोई भी चीज मुफ्त में न लें। मंगल, गुरु और शनिवार को मांस-मदिरा का सेवन करने से बचें। सामर्थ्य के अनुसार दान करें और माता लक्ष्मी के मंत्र ‘ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ का यथा संभव जप करें। ऐसा करने से कुछ हफ्तों में ही आप देखेंगे कि आपकी आर्थिक स्थिति सुधरने लगी है। *••••✤••••┈•✦ 👣✦•┈••••✤••••
⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।।
*_आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।।

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