पंचायत भवनों पर ताले ग्रामीण भटकने को मजबूर

जिला सीईओ बोले जांच के बाद होगी कार्रवाई
सिलवानी। जनपद पंचायत सिलवानी अंतर्गत ग्राम पंचायत पड़रिया खुर्द में पंचायत व्यवस्था की जमीनी हकीकत चिंताजनक सामने आई है। गांव स्तर पर संचालित होने वाली पंचायत व्यवस्था कागजों तक सीमित नजर आ रही है। पंचायत भवनों पर ताले लटके रहने से ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए सरपंच और सचिव के घरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
कार्यालय खुलने का तय समय नहीं
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव और रोजगार सहायक की मनमानी के चलते पंचायत कार्यालय नियमित रूप से नहीं खुलता। कभी खुलता भी है तो केवल एक दो घंटे के लिए औपचारिकता निभाई जाती है। ऐसे में अधिकांश समय ग्रामीणों को ताला ही लटका मिलता है।
मौके पर मिला बंद भवन
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान पंचायत भवन पूरी तरह बंद मिला। परिसर में कोई भी कर्मचारी या जनप्रतिनिधि मौजूद नहीं था। भवन पर ताला लटका होने से परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीणों का कहना है कि कार्यालय कभी कभार ही खुलता है जिससे उन्हें योजनाओं की जानकारी तक नहीं मिल पाती।
नियमों की खुलेआम अनदेखी
शासन के निर्देश अनुसार पंचायत कार्यालय सुबह 10:30 बजे से शाम 5 बजे तक खुलना अनिवार्य है, लेकिन पड़रिया खुर्द में इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पंचायत कार्यालय को नियमित समय पर खुलवाया जाए और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें बार बार भटकना न पड़े।
इस संबंध में रायसेन जिला पंचायत सीईओ कमल सोलंकी का कहना है कि मामला मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया है। शीघ्र जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।



