
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
*_जय श्री हरि_*
🧾 *आज का पंचांग_* 🧾
*बुधवार 06 मई 2026_*
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ *_दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
*_बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
*_बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🔮 *_शुभ हिन्दू नववर्ष 2026 विक्रम संवत : 2083 सिद्धार्थी विक्रम : 1969 शर्वरी_*
🌐 *_रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083,_*
✡️ *_शक संवत 1948 (पराभव संवत्सर), चैत्र_*
☮️ *_गुजराती सम्वत : 2082 पिङ्गल_*
☸️ *_काली सम्वत् 5127_*
🕉️ *_संवत्सर (बृहस्पति) पराभव_*
☣️ *_आयन – उत्तरायण_*
☂️ *_ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु_*
☀️ *_मास – ज्यैष्ठ मास_*
🌓 *_पक्ष – कृष्ण पक्ष_*
📆 *_तिथि – बुधवार ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि 07:51 AM तक उपरांत पंचमी_*
📝 *_तिथी स्वामी – पंचमी के देवता हैं नागराज। इस तिथि में नागदेवता की पूजा करने से विष का भय नहीं रहता, स्त्री और पुत्र प्राप्ति होती है। यह लक्ष्मीप्रदा तिथि हैं।_*
💫 *_नक्षत्र- नक्षत्र मूल 03:53 PM तक उपरांत पूर्वाषाढ़ा_*
🪐 *_नक्षत्र स्वामी – मूल नक्षत्र के स्वामी ग्रह केतु हैं। मूल नक्षत्र की प्रमुख अधिष्ठात्री देवी निऋति हैं, जो विनाश, विघटन और पुनर्गठन की देवी मानी जाती हैं।_*
⚜️ *_योग : सिद्ध योग 01:11 AM तक, उसके बाद साध्य योग_*
⚡ *_प्रथम करण : बालव 07:51 AM तक_*
✨ *_द्वितीय करण : कौलव 09:04 PM तक, बाद तैतिल_*
🔥 *_गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 11:10 से 12:35 बजे तक_*
⚜️ *_दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ_*
🤖 *_राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:35 से 2:00 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए_*
🌞 *_सूर्योदयः – प्रातः 05:29:00_*
🌅 *_सूर्यास्तः – सायं 06:36:00_*
👸🏻 *_ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 04:12 ए एम से 04:54 ए एम_*
🌇 *_प्रातः सन्ध्या : प्रातः 04:33 ए एम से 05:37 ए एम_*
🌟 *_अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं_*
✡️ *_विजय मुहूर्त : दोपहर 02:32 पी एम से 03:25 पी एम_*
🐃 *_गोधूलि मुहूर्त : शाम 06:58 पी एम से 07:19 पी एम_*
🌌 *_सायाह्न सन्ध्या : शाम 06:59 पी एम से 08:03 पी एम_*
💧 *_अमृत काल : प्रातः 08:42 ए एम से 10:30 ए एम_*
🗣️ *_निशिता मुहूर्त : रात्रि 11:56 पी एम से 12:39 ए एम, मई 07_*
🚓 *_यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।_*
👉🏼 *_आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।_*
🤷🏻♀️ *_आज का उपाय-किसी बटुक को सवाकिलो साबुत मूंग परिपूरित कांस्य पात्र भेंट करें।_*
🪵 *_वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।_*
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – गण्ड मूल/ सीता जयंती/ स्वतंत्रता सेनानी मोती लाल नेहरू जयन्ती/ व्याख्याता संत आचार्य गोविंदराव गोसावी स्मृति दिवस, छत्रपति शाहू महाराज स्मृति दिवस, प्रख्यात विधिवेत्ता भूलाभाई देसाई पुण्य तिथि, राजनीतिज्ञ श्याम लाल यादव स्मृति दिवस, अजमल कसाब शहादत दिवस, अंतर्राष्ट्रीय आहार निषेध दिवस, राष्ट्रीय नर्स दिवस, या राष्ट्रीय नर्स मान्यता दिवस, राष्ट्रीय स्कूल नर्स दिवस, राष्ट्रीय कुशल व्यापार दिवस, राष्ट्रीय पर्यटन प्रशंसा दिवस, विश्व हास्य दिवस, विश्व अस्थमा दिवस, अंतर्राष्ट्रीय नो डाइट डे (International No Diet Day)
✍🏼 *_तिथि विशेष – पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। पञ्चमी तिथि को खट्टी वस्तुओं का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य है। पञ्चमी तिथि धनप्रद अर्थात धन देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि अत्यंत शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस पञ्चमी तिथि के स्वामी नागराज वासुकी हैं। यह पञ्चमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ और कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायीनी मानी जाती है।
🏘️ *_Vastu tips_* 🏚️
किसी भी व्यक्ति के साथ आकारण दुर्घटना, घर में इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का बिना कारण के बार-बार खराब होना, बार-बार क्रोध आना क्रोध के कारण हिंसा, यह सब मंगल ग्रह के कारण होता है। सरल शब्दों में कहा जाए तो मंगल आपकी जन्मपत्री में आपके पराक्रम को दर्शाता है,
*_व्यक्ति कितना मेहनती है अथवा कितना डरपोक है यह मंगल ग्रह के आकलन से पता चलता है। भले ही सामने से व्यक्ति बहुत बलवान दिखे लेकिन मंगल की स्थिति से यह पता लग जाता है कि व्यक्ति के अंदर कितना दाम है। मंगल बहुत सारी चीजों को दर्शाता है मंगल से छोटा भाई भी देखा जाता है, मंगल से रक्त संचार का संबंध भी है, स्त्रियों का मासिक धर्म मंगल और चंद्रमा के प्रभाव से जुड़ा हुआ है इसी प्रकार मंगल खराब होने पर दुर्घटना के कारण व्यक्ति का रक्त निकलता है, मंगल के प्रभाव से व्यक्ति को गुस्सा भी आता है इसलिए मंगल से क्रोध भी देखा जाता है यही सब मैंने ज्योतिष शास्त्र की शिक्षा के दौरान सीखा है
♻️ *जीवनोपयोगी कुंजियां* ⚜️
बाल बढ़ाने में मददगार-बालों के न बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन कपूर के तेल से इस समस्या से आसानी से निपटा जा सकता है। इसके लिए बालों वाले तेल में कपूर के तेल को मिलाइए और लगाइए। इससे सिर की त्वचा में रक्त प्रवाह बढ़ता है, जो कि बालों की वृद्धि में मदद करता है।
*_मच्छरों से बचाए-डेंगू मच्छरों के काटने से होने वाला एक घातक रोग है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि मच्छरों से बचाव किया जाए। कपूर मच्छरों को भगाने के लिए बेहतरीन उपाय है। इसके लिए कमरे में कपूर को जलाकर सारे खिड़की और दरवाजे बंद कर दें। यह कमरे के कोने में छिपे मच्छरों को मारने में मदद करता है और मलेरिया तथा डेंगू जैसी घातक बीमारियों से बचाता है।
*_दिमाग को रखे शांत-नींद न आना आजकल की आम समस्याओं में से एक है। कपूर के तेल की खूशबू दिमाग को शांत रखने और बेहतर नींद लाने में असरदार है। इसके लिए कपूर के तेल की कुछ बूंदों को अपने तकिए पर लगाएं और आराम की नींद सोएं।
*_बंद नाक खोले-सर्दियों में जुकाम हो जाना बहुत आम है। ऐसे में बंद नाक, सांस लेने में तकलीफ और छींक आने जैसी समस्याएं परेशान करती हैं। कपूर इस समस्या से निजात दिलाने वाला बेहतरीन उपाय है। इसके लिए एक बड़े कटोरे में पानी गर्म कीजिए और इसमें कपूर का एक टुकड़ा मिलाइए। अब अपने सिर और कटोरे को तौलिए से ऐसे ढंकिए कि स्टीम बाहर ना जाने पाए। अब इस भाप को नाक के रास्ते अंदर खींचिए।
🫘 *आरोग्य संजीवनी* 🥔
मदन मंजरी वटी आयुर्वेद में एक प्रसिद्ध औषधि मानी जाती है, जिसका उपयोग खासतौर पर शरीर की कमजोरी, यौन स्वास्थ्य और स्टैमिना बढ़ाने के लिए किया जाता है।
*_अगर इसके फायदों की बात करें तो—
*_यह शरीर में ताकत और ऊर्जा बढ़ाने में मदद करती है, पुरुषों में स्टैमिना और परफॉर्मेंस सुधारने में सहायक मानी जाती है। इसके अलावा यह थकान, कमजोरी और मानसिक तनाव को कम करने में भी उपयोगी हो सकती है।
*_कुछ लोग इसे नर्वस सिस्टम को मजबूत करने और शरीर को अंदर से एक्टिव रखने के लिए भी लेते हैं।
👉🏼 *_कैसे लें?_*
आमतौर पर इसे 1–2 गोली गुनगुने दूध या पानी के साथ ली जाती है, लेकिन सही मात्रा व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर करती है, इसलिए डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहता है।
*_ध्यान रखें, किसी भी आयुर्वेदिक दवा का सेवन बिना जानकारी के ज्यादा मात्रा में नहीं करना चाहिए, वरना नुकसान भी हो सकता है।
📖 *_गुरु भक्ति योग_* 🕯️
दैत्यगुरू शुक्राचार्य कि कथा आइए जाने हमारी कलम से शुक्राचार्य हिंदू पौराणिक कथाओं में असुरों (दैत्यों) के गुरु और महान ऋषि भृगु के पुत्र थे। वे संजीवनी विद्या (मृत को जीवित करने की कला) के एकमात्र स्वामी थे, जो उन्होंने भगवान शिव की तपस्या से प्राप्त की थी। वे वेदों, मंत्रों और नीतिशास्त्र के प्रकांड विद्वान थे और उन्होंने दैत्यों का मार्गदर्शक बनकर देवताओं के विरुद्ध संतुलन बनाए रखा।
*_शुक्र गुरु के बाद सबसे शुभ ग्रह है शुक्र की स्तिथि ही हमे भोगो का स्वाद चखाती है, शुक्र मात्र ऐसा ग्रह है जो व्यय भाव में बैठ कर सभी प्रकार के भोग कराता है।
*_शुक्र लग्न में हो तो जातक गोरा ना भी हो तो आकर्षक होता है, मंत्र तन्त्र में विशेष रुचि रखता है अगर पुरुष के कुंडली में यह योग हो तो पुरुषो के नखरे स्त्रियों से ज्यादा पाए गए शुक्र मंगल के कार्यो, वैवाहिक जीवन , पति , वीर्य और जीवन के समस्त भोगो को दर्शाता है।
*_दूसरे भाव का शुक्र हो तो जातक पेय चीजो में ज्यादा रुचि रखता है उचे शौक भी पालता है
*_तीसरा शुक्र हो तो जातक अक्सर एक से अधिक स्त्रियों के साथ सम्बन्ध बनाता है जो उसके वैवाहिक जीवन पर बुरा प्रभाव डाल सकता है खैर बहनो का सुख ज्यादा मिलता है और हस्ताक्षर तो मन मोह लेते है। ─━━━━━━━⊱✿⊰━━━━━━━─
⚜️ पञ्चमी तिथि में शिव जी का पूजन सभी कामनाओं की पूर्ति करता है। आज पञ्चमी तिथि में नाग देवता का पूजन करके उन्हें बहती नदी में प्रवाहित करने से भय और कष्ट आदि की सहज ही निवृत्ति हो जाती है। ऐसा करने से यहाँ तक की कालसर्प दोष तक की शान्ति हो जाती है। अगर भूतकाल में किसी की मृत्यु सर्पदंश से हुई हो तो उसके नाम से सर्प पूजन से उसकी भी मुक्ति तक हो जाती है।।

