तारादेही गेहूं उपार्जन केंद्र पर अनियमितता पाए जाने पर प्रभारी निलंबित

ब्यूरो चीफ: भगवत सिंह लोधी
तेंदूखेड़ा। कंट्रोल रूम में प्राप्त शिकायत के आधार पर प्रशासन ने सेवा सहकारी समिति सारसबगली, स्थान तारादेही स्थित गेहूं खरीदी केंद्र पर कथित अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि किसानों से शासन द्वारा निर्धारित मात्रा से अधिक गेहूं लिया जा रहा है।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर एसडीएम एवं तहसीलदार को मौके पर भेजा गया। जांच के दौरान बोरियों की तौल कराई गई, जिसमें निर्धारित सीमा से अधिक वजन पाए जाने पर संबंधित उपार्जन केंद्र के समिति प्रबंधक एवं प्रभारी विजय सिंह लोधी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही केंद्र पर नए प्रभारी की नियुक्ति भी कर दी गई है। मामले में नोडल अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
कलेक्टर श्री यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शासन के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए।
किसानों से चर्चा, फिलहाल शिकायत की पुष्टि नहीं
कलेक्टर श्री यादव ने बताया कि एसडीएम पथरिया द्वारा बटियागढ़ क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने किसानों से सीधे चर्चा कर स्थिति की जानकारी ली तथा उसका वीडियो भी प्रशासन को भेजा। फिलहाल किसी भी किसान ने यह स्वीकार नहीं किया कि उनसे अवैध मांग की जा रही है या उन्हें परेशान किया जा रहा है। इस कारण फिलहाल कोई नया मामला दर्ज नहीं किया गया है।
उपार्जन केंद्रों पर लगातार होगा निरीक्षण
कलेक्टर श्री यादव ने सभी अधिकारियों को नियमित रूप से उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी सुबह, शाम अथवा अचानक भ्रमण करते रहें, ताकि किसानों का विश्वास बना रहे और किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो सके।
किसानों को सुविधा देने के निर्देश
उपार्जन केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शासन द्वारा तय मानकों के अनुसार ही गेहूं की तौल की जाए। सभी केंद्रों पर पीपी बैग और जूट बैग में निर्धारित मात्रा संबंधी जानकारी दीवारों पर प्रदर्शित की गई है। किसानों को तत्काल पावती देने, छाया और पेयजल की समुचित व्यवस्था रखने तथा हर स्थिति में किसानों को सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
कलेक्टर श्री यादव ने चेतावनी दी है कि यदि जांच में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



