
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• *जय श्री हरि* •••✦
🧾 *_आज का पंचाग_* 🧾
*शुक्रवार 15 मई 2026_*
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 *_दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
*_शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
*_शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
*_शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 *_शुभ हिन्दू नववर्ष 2026 विक्रम संवत : 2083 सिद्धार्थी विक्रम : 1969 शर्वरी_*
🌐 *_रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083,_*
✡️ *_शक संवत 1948 (पराभव संवत्सर), चैत्र_*
☮️ *_गुजराती सम्वत : 2082 पिङ्गल_*
☸️ *_काली सम्वत् 5127_*
🕉️ *_संवत्सर (बृहस्पति) पराभव_*
☣️ *_आयन – उत्तरायण_*
☂️ *_ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु_*
☀️ *_मास – ज्यैष्ठ मास_*
🌒 *_पक्ष – कृष्ण पक्ष_*
📆 *_तिथि – शुक्रवार ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि 08:31 AM तक उपरांत चतुर्दशी तिथि 05:11 AM तक उपरांत अमावस्या_*
🖍️ *_तिथि स्वामी :- चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान भोलेनाथ जी है। प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है । चतुर्दशी को चौदस भी कहते हैं। चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान शिव हैं।_*
💫 *_नक्षत्र- नक्षत्र अश्विनी 08:14 PM तक उपरांत भरणी_*
🪐 *_नक्षत्र स्वामी – अश्विनी नक्षत्र के स्वामी केतु ग्रह हैं। अश्विनी नक्षत्र के स्वामी अश्वनीकुमार हैं।_*
⚜️ *_योग – आयुष्मान योग 02:21 PM तक, उसके बाद सौभाग्य योग_*
⚡ *_प्रथम करण : वणिज 08:31 AM तक, बाद विष्टि 06:54 PM तक_*
✨ *_द्वितीय करण : शकुनि 05:11 AM तक, बाद चतुष्पद_*
🌞 *_सूर्योदयः – प्रातः 05:29:43_*
🌅 *_सूर्यास्तः – सायं 19:04:52_*
👸🏻 *_ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः काल 04:07 ए एम से 04:49 ए एम_*
🌆 *_प्रातः सन्ध्या : प्रातः काल 04:28 ए एम से 05:30 ए एम_*
🌟 *_अभिजित मुहूर्त : सुबह 11:50 ए एम से 12:45 पी एम_*
🔯 *_विजय मुहूर्त : दोपहर 02:33 पी एम से 03:28 पी एम_*
🐃 *_गोधूलि मुहूर्त : सायं काल 07:03 पी एम से 07:24 पी एम_*
🎆 *_सायाह्न सन्ध्या : सायं काल 07:05 पी एम से 08:07 पी एम_*
💧 *_अमृत काल : दोपहर 01:44 पी एम से 03:11 पी एम_*
🗣️ *_निशिता मुहूर्त : रात्रि 11:57 पी एम से 12:38 ए एम, मई 16_*
⭐ *_सर्वार्थ सिद्धि योग : प्रातः काल 05:30 ए एम से 08:14 पी एम_*
🚓 *_यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।_*
👉🏼 *_आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।_*
🤷🏻♀️ *_आज का उपाय-लक्ष्मी मन्दिर में खीर चढ़ाएं।_*
🪵 *_वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।_*
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – वृषभ संक्रान्ति, मासिक शिवरात्रि/ भद्रा/ गण्ड मूल/ सर्वार्थ सिद्धि योग/ आडल योग/ विडाल योग/ राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत स्मृति दिवस, ज्ञानानंद जी महाराज प्राकट्योत्सव, देबेंद्रनाथ टैगोर जयन्ती, दिल्ली के सुल्तान मुइजुद्दीन बहराम शाह शहादत दिवस, भारतीय क्रांतिकारी सुखदेव थापर जयन्ती, राष्ट्रीय साइकिल से कार्यस्थल दिवस, कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डोड्डालाहल्ली केम्पेगौड़ा शिवकुमार जन्म दिवस, प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित जन्म दिवस, ‘किसी को फूल देने का दिवस’, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू जयन्ती, राष्ट्रीय चॉकलेट चिप दिवसअंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस (International Day of Families)
⚜️ चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना करवाना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है।।
🎠 *_Vastu tips_* 🗽
वास्तु अनुसार सात घोड़े निरंतर आगे बढ़ने, मेहनत और सफलता का प्रतीक होते हैं। यह हमें जीवन में रुकने के बजाय लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। मनोवैज्ञानिक दृष्टि से भी ऐसी तस्वीरें दिमाग पर सकारात्मक प्रभाव डालती हैं, जिससे व्यक्ति अधिक फोकस्ड और ऊर्जावान महसूस करता है।
*_किस दिशा में लगाना होता है सही सात घोड़ों की फोटो लगाने के लिए पूर्व और दक्षिण दिशा सबसे अच्छी मानी जाती है। पूर्व दिशा नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी होती है, जबकि दक्षिण दिशा करियर और सफलता से संबंधित मानी जाती है। इन दिशाओं में फोटो लगाने से घर में प्रगति का माहौल बनता है।
*_घर के किस हिस्से में लगाएं इस तस्वीर को लिविंग रूम या ड्रॉइंग रूम की दीवार पर लगाना सबसे बेहतर होता है। यह घर का ऐसा स्थान होता है जहां परिवार के सदस्य और मेहमान अधिक समय बिताते हैं, जिससे सकारात्मक ऊर्जा पूरे घर में फैलती है। बेडरूम या किचन में इसे लगाने से बचना चाहिए।
♻️ *जीवनोपयोगी कुंजियां* ⚜️
आयुर्वेद में प्रत्येक व्यक्ति की शरीर प्रकृति यानी दोष के अनुसार छाछ का सेवन अलग होता है। उदाहरण के लिए, जिन लोगों का शरीर वात प्रधान है, उनके लिए छाछ पीने से पहले कुछ बदलाव आवश्यक हैं। वात प्रकृति वाले व्यक्ति को ठंडी छाछ में एक चुटकी सेंधा नमक डालकर सेवन करना चाहिए। ऐसा करने से पेट संबंधी परेशानियां नहीं होतीं और पाचन शक्ति दुरुस्त रहती है। कई बार छाछ पीने के तुरंत बाद शौच की जरूरत महसूस होती है; सेंधा नमक या काले नमक के साथ छाछ लेने से यह समस्या कम होती है और पाचन अग्नि मजबूत बनी रहती है।
*_वहीं, पित्त प्रकृति वाले व्यक्ति के लिए छाछ में मिश्री मिलाकर सेवन करना फायदेमंद होता है। पित्त शरीर में गर्मी पैदा करता है और इस वजह से पेट में जलन या एसिड बनने की समस्या हो सकती है। छाछ और मिश्री का मिश्रण शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है और पाचन क्रिया को सुचारू बनाए रखता है।
*_कफ प्रकृति वाले लोग छाछ में एक चुटकी सोंठ मिलाकर पिएं। इससे छाछ पीने के तुरंत बाद कफ नहीं निकलेगा, गले की खराश या नाक बंद होने जैसी समस्याएं नहीं होंगी, और पाचन अग्नि मंद नहीं होगी।
🩸 *आरोग्य संजीवनी* 💊
*♦️थकावट और कमजोरी♦️_*
अगर लगातार थकान और कमजोरी महसूस हो रही है तो क्योंकि गाढ़ा खून कोशिकाओं तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाने में बाधा डालता है, जिससे लगातार थकान और कमजोरी महसूस होती है।
*♦️सुन्न होना या झुनझुनी महसूस होना♦️*
*हाथों, पैरों या अंगुलियों में सुन्नता या झुनझुनी महसूस होना इस बात का संकेत हो सकता है कि खून का प्रवाह ठीक से नहीं हो रहा।
*♦️सिरदर्द और चक्कर आना♦️*
*_खून गाढ़ा होने से मस्तिष्क तक पर्याप्त ऑक्सीजन और रक्त नहीं पहुंचता, जिससे सिरदर्द और चक्कर आने की समस्या हो सकती है।
*♦️धुंधलापन या कम दिखना♦️*
*_आंखों की रक्त वाहिकाओं में खून का संचार सही से ना होने पर धुंधलापन और बाधित या अचानक दृष्टि की समस्या हो सकती है।
*♦️सीने में दर्द या भारीपन♦️*
*_गाढ़े खून के कारण हृदय को रक्त पंप करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे सीने में दर्द या भारीपन महसूस हो सकता है।
🌷 *_गुरु भक्ति योग_* 🌸
*भस्मासुर और भगवान शिव की अनोखी लीला :*
*यह कथा है भगवान शिव और एक असुर भस्मासुर की। भस्मासुर एक राक्षस था, लेकिन वह भगवान शिव का बहुत बड़ा भक्त था। उसने कठोर तपस्या की। कई वर्षों तक केवल एक ही मंत्र का जाप करता रहा। आखिरकार उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर शिव जी प्रकट हुए और बोले : वरण करो, तुम्हें क्या चाहिए? भस्मासुर ने चालाकी से कहा : मुझे ऐसा वरदान दीजिए कि मैं जिसके सिर पर हाथ रखूँ, वह तुरंत भस्म (राख) हो जाए। शिव जी, जो भोलेनाथ कहलाते हैं, बिना अधिक विचार किए उसे यह वरदान दे बैठे। वरदान मिलते ही भस्मासुर के मन में अहंकार आ गया। उसने सोचा कि क्यों न पहले इसी शक्ति को शिव जी पर ही आजमाया जाए !
*_वह शिव जी के पीछे दौड़ पड़ा। भगवान शिव को अपनी भूल का एहसास हुआ और वे उससे बचने के लिए भागने लगे। तब भगवान विष्णु ने स्थिति संभालने का निश्चय किया। उन्होंने एक अत्यंत सुंदर स्त्री मोहिनी का रूप धारण किया।
*_मोहिनी को देखकर भस्मासुर मोहित हो गया। उसने उससे विवाह का प्रस्ताव रखा। मोहिनी ने कहा : पहले तुम मेरे साथ नृत्य करो, अगर तुम मेरे हर स्टेप की नकल कर पाए, तभी मैं तुमसे विवाह करूँगी। भस्मासुर मान गया।
*_नृत्य शुरू हुआ, मोहिनी जो-जो करती, भस्मासुर वैसा ही करता गया। नृत्य के दौरान मोहिनी ने धीरे-धीरे अपना हाथ अपने सिर पर रखा। भस्मासुर ने भी वही किया और जैसे ही उसने अपने सिर को छुआ, वह तुरंत भस्म हो गया।
👉🏼 *_इस कहानी से ये शिक्षा मिलती है कि शक्ति मिलने पर अहंकार विनाश का कारण बनता है, भगवान की लीला में हर समस्या का समाधान होता है और बुद्धि (विष्णु) तथा शक्ति (शिव) का संतुलन जरूरी है।
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⚜️ चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना करवाना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है।।


