धार्मिकमध्य प्रदेश

मां नर्मदा की अनन्य भक्ति में रमे संत नवनाथ नाईक, चौथी परिक्रमा जारी

रिपोर्टर : कमलेश अवधिया
साईंखेड़ा/नर्मदा तट। मां नर्मदा के प्रति अटूट श्रद्धा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत कर रहे महाराष्ट्र-गोवा सीमा क्षेत्र के डिंगणे गांव निवासी संत नवनाथ नाईक इन दिनों अपनी चौथी नर्मदा परिक्रमा पर हैं। उनकी यह परिक्रमा अब तक 3 वर्ष, 3 माह और 13 दिन की लंबी अवधि पूरी कर चुकी है और निरंतर जारी है। इसी के अंतर्गत नवनाथ नाईक का आगमन दादाजी धूनी वालों की नगरी साईखेड़ा में हुआ दादाजी की पूजन अर्चन करने के उपरांत नगर में रात्रि विश्राम किया उसी समय हम लोगों की उनसे मुलाकात हुई उन्होंने अपना वृत्तांत सुनाया एवं साईखेड़ा से सुबह नर्मदा तट श्रीश्री संदूक संगम घाट रवाना हुए/
बी.कॉम. शिक्षित नवनाथ नाईक पहले रेनबो इंक एंड वार्निश मैन्युफैक्चरिंग कंपनी प्रा. लि. में क्लेरिकल पद पर कार्यरत रहे हैं। सांसारिक जीवन के साथ-साथ उनकी आस्था मां नर्मदा में इतनी गहरी रही कि उन्होंने नर्मदा परिक्रमा को अपने जीवन का महत्वपूर्ण आध्यात्मिक साधन बना लिया। नवनाथ नाईक इससे पूर्व भी तीन सफल नर्मदा परिक्रमाएं पूर्ण कर चुके हैं। उनकी पहली परिक्रमा 110 दिनों, दूसरी 117 दिनों तथा तीसरी 113 दिनों में संपन्न हुई थी। वर्तमान में चल रही चौथी परिक्रमा उनकी दृढ़ आस्था, तपस्या और मां नर्मदा के प्रति समर्पण का जीवंत प्रमाण है।
नर्मदा तट पर मिलने वाले श्रद्धालु और संतजन उनके इस कठिन आध्यात्मिक संकल्प की सराहना कर रहे हैं। नवनाथ नाईक का कहना है कि मां नर्मदा की कृपा से ही उन्हें इस लंबी यात्रा को पूरा करने की शक्ति और प्रेरणा मिल रही है।
मां नर्मदा के प्रति उनकी यह निष्ठा श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है तथा यह संदेश देती है कि सच्ची आस्था और दृढ़ संकल्प से कोई भी आध्यात्मिक लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

Related Articles

Back to top button