पर्यावरणमध्य प्रदेश

पांच दिन से थमी बारिश, उमस ने किया बेहाल

तापमान बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ी, फसलों पर मंडराने लगा संकट
सिलवानी। नगर एवं आसपास के क्षेत्र में पिछले पांच दिनों से बारिश नहीं होने के कारण लोगों को भीषण उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। आसमान में सुबह से शाम तक बादलों की आवाजाही बनी रहती है, लेकिन बारिश नहीं होने से मौसम और अधिक उमस भरा हो गया है। कभी तेज धूप तो कभी बादलों की छांव के बीच लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
नगर में अंतिम बार 21 जुलाई को वर्षा दर्ज की गई थी। इसके बाद से लगातार बारिश नहीं होने के कारण क्षेत्र में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। उमस भरी गर्मी से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। कूलर और पंखे भी उमस के आगे बेअसर साबित हो रहे हैं। वहीं बिजली की आंख-मिचौली ने लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं, जिससे रात का आराम भी प्रभावित हो रहा है।
किसानों की बढ़ी चिंता
बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है। खरीफ सीजन की बोवाई के बाद खेतों में अंकुरित फसलों को इस समय पर्याप्त नमी और पानी की आवश्यकता है। समय पर वर्षा नहीं होने से फसलों के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। किसान अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं।
मानसून की चाल का खेती पर असर
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की अनियमित चाल खरीफ फसलों के लिए चिंता का विषय है। बोवाई के बाद शुरुआती अवस्था में फसलें मिट्टी की नमी पर निर्भर रहती हैं। यदि समय पर वर्षा नहीं होती है तो अंकुरण प्रभावित होने के साथ पौधों की वृद्धि भी रुक सकती है, जिससे उत्पादन में कमी आने की संभावना बढ़ जाती है। कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्र में समय पर पर्याप्त वर्षा किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
स्थानीय नागरिकों और किसानों को अब मानसून के दोबारा सक्रिय होने का इंतजार है, ताकि गर्मी और उमस से राहत मिलने के साथ खेतों में खड़ी फसलों को भी जीवनदायी पानी मिल सके।

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