तीन साल से टूटा दतला नदी का पुल, आदिवासी ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की बढ़ी परेशानी

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । क्षेत्र की आदिवासी बाहुल्य ग्राम पंचायत कचनारी के आश्रित ग्राम छीतापाल को जोड़ने वाला दतला नदी का पुल पिछले तीन वर्षों से टूटा पड़ा है । वर्षा के दौरान पुल बह जाने के बाद आज तक इसका पुनर्निर्माण नहीं हो सका है, जिससे ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है ।
ग्रामीणों ने बताया कि पुल नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है । स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों एवं आदिवासी परिवारों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए नदी पार करने में जोखिम उठाना पड़ता है । कई बार लोगों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त परेशानी होती है ।
ग्राम के रोशन सिंह एवं अशोक सिंह ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से पुल निर्माण की मांग को लेकर प्रशासन को कई बार लिखित आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है । ग्रामीणों का कहना है कि पुल के अभाव में शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है ।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से शीघ्र दतला नदी पर पुल निर्माण कराए जाने की मांग की है, ताकि आदिवासी क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके ।



