कुष्ठ रोगियों को दवा वितरण में नहीं होती परेशानी, आपात स्थिति में भी वैकल्पिक व्यवस्था

रजनीश विश्वकर्मा ने कहा ड्यूटी के दौरान फील्ड में रहने पर संजय द्विवेदी को दवा वितरण की जिम्मेदारी दी जाती है।
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उमरियापान में कुष्ठ रोगियों को दवा वितरण को लेकर सामने आई शिकायतों के संबंध में संबंधित कर्मचारी रजनीश विश्वकर्मा ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है । उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोगियों को दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था नियमित रूप से संचालित हो रही है और ऐसा कोई मामला नहीं है, जिसमें किसी मरीज को दवा उपलब्ध नहीं कराई गई हो । उन्होंने कहा कि मरीजों को दवा वितरण में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाती है ।
रजनीश विश्वकर्मा ने बताया कि उनके कार्यक्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कछार गांव सहित करीब 200 गांव शामिल हैं । इन गांवों में विभागीय कार्यों के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी जिम्मेदारियां भी रहती हैं । सोमवार को उनकी ड्यूटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उमरियापान में रहती है, जहां वे मुख्य रूप से कुष्ठ रोगियों से संबंधित कार्य देखते हैं और मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निभाते हैं ।
उन्होंने बताया कि विभागीय कार्यों की प्रकृति के कारण कई बार उन्हें किसी आपात स्थिति, आवश्यक कार्य या फील्ड की गतिविधियों के लिए अस्पताल से बाहर जाना पड़ता है । ऐसी स्थिति में भी कुष्ठ रोगियों को दवा लेने के लिए वापस लौटना न पड़े या उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए पहले से ही वैकल्पिक व्यवस्था कर दी जाती है ।
*संजय द्विवेदी को दी जाती है जिम्मेदारी*
विश्वकर्मा के अनुसार, जब वे किसी आवश्यक कार्य के चलते फील्ड में रहते हैं, तब वे संजय द्विवेदी को कुष्ठ रोगियों को दवा वितरण की जिम्मेदारी सौंप देते हैं । मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में संबंधित कर्मचारी को जानकारी रहती है । उनका कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य यही है कि किसी भी मरीज को दवा के लिए परेशान न होना पड़े और उपचार की प्रक्रिया लगातार जारी रहे ।
उन्होंने कहा कि उनका कार्यक्षेत्र काफी बड़ा है और करीब 200 गांवों में विभागीय कार्यों की जिम्मेदारी रहती है । ऐसे में आवश्यकता के अनुसार फील्ड में जाना उनकी ड्यूटी का हिस्सा है । इसके बावजूद अस्पताल में आने वाले कुष्ठ रोगियों को दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था प्रभावित नहीं होती । मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दवा वितरण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पहले
से सुनिश्चित की जाती है ।
*मरीजों को दवा से वंचित नहीं किया जाता*
रजनीश विश्वकर्मा ने स्पष्ट किया कि किसी भी कुष्ठ रोगी को दवा से वंचित नहीं किया जाता और न ही मरीजों को अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ता है। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। यदि किसी दिन वे विभागीय अथवा आपात कार्य के कारण फील्ड में रहते हैं, तो दूसरे कर्मचारी को दवा वितरण की जिम्मेदारी सौंप दी जाती है।
उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोगियों का उपचार नियमित रूप से जारी रहना आवश्यक है और मरीजों को समय पर दवा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में दवा वितरण की व्यवस्था की जाती है। उनका कहना है कि किसी मरीज को दवा लेने में कोई समस्या आती है तो वह अस्पताल के संबंधित कर्मचारियों से संपर्क कर
व्यवस्था की जानकारी ले सकता है ।
*शिकायत की स्थिति में जानकारी लेने की अपील*
विश्वकर्मा ने मरीजों और उनके परिजनों से अपील की कि दवा वितरण को लेकर किसी प्रकार की गलतफहमी या परेशानी होने पर वे अस्पताल में संबंधित कर्मचारी से जानकारी प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था का उद्देश्य मरीजों को समय पर उपचार और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराना है । फील्ड ड्यूटी के कारण किसी कर्मचारी की अनुपस्थिति होने पर भी मरीजों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था रखी जाती है, ताकि दवा वितरण की प्रक्रिया बाधित न हो।



