क्राइम

अवैध बढ़ईगिरी पर वन विभाग की कार्रवाई, 41 नग सागौन चिरान जब्त

कछार गांव बड़ा में राकेश बढ़ई के घर में तलाशी के दौरान 0,232 घन मीटर सागौन की लकड़ी, औजार भी किए गए जब्त
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । वन परिक्षेत्र ढीमरखेड़ा के वन अमले ने अवैध रूप से संचालित बढ़ईगिरी एवं वनोपज के अवैध उपयोग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ग्राम कछारगांव (बड़ा) में एक बढ़ई के घर से बड़ी मात्रा में सागौन चिरान जब्त किया है । विभागीय टीम ने मौके से 41 नग सागौन चिरान बरामद किए, जिसकी कुल मात्रा 0.232 घनमीटर बताई गई है । कार्रवाई के बाद वन विभाग ने वन अपराध प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उप वन मंडलाधिकारी कटनी पश्चिम से प्राप्त तलाशी वारंट के आधार पर वन विभाग की टीम ने 17 अगस्त को ग्राम कछारगांव (बड़ा) निवासी राकेश बढ़ई के घर तलाशी की कार्रवाई की । तलाशी के दौरान घर में बिना वैध अनुमति के बढ़ईगिरी एवं फर्नीचर निर्माण का कार्य संचालित पाया गया । टीम ने परिसर की जांच की तो वहां बड़ी संख्या में सागौन के चिरान रखे मिले ।
वन अमले द्वारा सागौन चिरान से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन मौके पर वनोपज के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने मौके से मिले 41 नग सागौन चिरान को जब्त कर लिया । इसके साथ ही बढ़ईगिरी एवं फर्नीचर निर्माण में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न औजारों को भी जब्त कर उनकी सूची तैयार की गई ।
कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम ने विधिवत जब्ती पंचनामा तैयार किया तथा संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज किया । विभाग के अनुसार आरोपी की ओर से विभागीय राजीनामा भी प्रस्तुत किया गया है । वन विभाग द्वारा जब्त की गई वनोपज के स्रोत एवं अन्य पहलुओं को लेकर आवश्यक जांच की जा रही है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अवैध रूप से वनोपज का संग्रहण, परिवहन अथवा उपयोग करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कछारगांव में की गई यह कार्रवाई भी विभागीय जांच एवं निगरानी का हिस्सा है ।
यह कार्रवाई वनमंडलाधिकारी गर्वित गंगवार, उप वन मंडलाधिकारी कटनी पश्चिम कार्तिकेय भट्ट एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी ढीमरखेड़ा सचिन नामदेव के निर्देशन में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा की गई । विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन संपदा के अवैध उपयोग पर आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी ।

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