वैज्ञानिक सोच और नवाचार से बच्चों के सपनों को मिलेगी नई उड़ान- कलेक्टर

कलेक्टर ने साईखेड़ा में राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी किया शुभारंभ
साईंखेड़ा । राज्य स्तरीय विज्ञान, गणित, पर्यावरण एवं सामाजिक विज्ञान प्रदर्शनी का शुभारंभ गुरुवार को साईंखेड़ा स्थित सांदीपनि शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में कलेक्टर रजनी सिंह की विशेष उपस्थिति में उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। प्रदर्शनी में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए विद्यार्थियों ने विज्ञान, गणित, पर्यावरण एवं सामाजिक विज्ञान से जुड़े उत्कृष्ट मॉडल प्रदर्शित किए।
कलेक्टर रजनी सिंह ने कहा कि वैज्ञानिक टेम्परामेंट अर्थात वैज्ञानिक सोच बच्चों में जिज्ञासा, तर्क, प्रयोग और नवाचार की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ प्रदेशभर के उत्कृष्ट मॉडलों को देखने, समझने और उनसे सीखने का अवसर प्रदान करते हैं। साईंखेड़ा जैसे शहर में प्रदेश के विभिन्न जिलों के विद्यार्थियों के उत्कृष्ट मॉडल देखने का अवसर मिलना विद्यार्थियों के लिए गौरव की बात है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को इतनी कम उम्र में सीखने, प्रयोग करने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच और सुविधाएं मिल रही हैं, यह प्रसन्नता की बात है। साईंखेड़ा का सांदीपनि शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय शिक्षा के प्रति शासन के समर्पण और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयासों का उदाहरण है। विद्यालय में ऐसी अनेक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो किसी महानगर के अच्छे निजी विद्यालय में देखने को मिलती हैं। उन्होंने विद्यालय के संगीत कक्ष की भी सराहना की।
आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियां सपनों की राह में बाधा न बनें
कलेक्टर रजनी सिंह ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी आर्थिक अथवा पारिवारिक परिस्थितियों को लेकर कभी हीन भावना न रखें। किसी बच्चे को यह नहीं सोचना चाहिए कि संसाधनों की कमी के कारण वह पढ़ाई या जीवन में आगे नहीं बढ़ सकता। शिक्षा ऐसा सशक्त माध्यम है, जो किसी भी सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले व्यक्ति को फर्श से अर्श तक पहुंचाने की क्षमता रखती है।
उन्होंने कहा कि शासन का प्रयास है कि शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले प्रतिभावान बच्चों को भी वही अवसर, सुविधाएं और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण मिले, जो अच्छे निजी विद्यालयों में उपलब्ध होता है। इसका उद्देश्य बच्चों के मन से किसी भी प्रकार की हीन भावना को दूर करना और उनमें यह विश्वास पैदा करना है कि वे भी बड़े सपने देख सकते हैं और उन्हें साकार कर सकते हैं।
आसपास की हर घटना में छिपा है विज्ञान
कलेक्टर ने कहा कि विज्ञान केवल किताबों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। हमारे आसपास होने वाली प्रत्येक घटना के पीछे विज्ञान है। बारिश क्यों होती है, हवा क्यों चलती है, तूफान कैसे आता है- इन सवालों के जवाब खोजने की जिज्ञासा ही वैज्ञानिक सोच की शुरुआत है। विज्ञान हमें केवल तथ्यों की जानकारी नहीं देता, बल्कि ‘क्यों’ और ‘कैसे’ के माध्यम से तार्किक ढंग से सोचने की क्षमता विकसित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, खेल, व्यवसाय सहित अपनी रुचि के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आज युवाओं के सामने आगे बढ़ने के अनेक अवसर हैं। आवश्यकता केवल अपनी रुचि पहचानने, लक्ष्य निर्धारित करने और निरंतर मेहनत करने की है।
छोटे मंच का अनुभव बड़े अवसरों की राह खोलता है
कलेक्टर ने कहा कि किसी प्रतियोगिता में भाग लेना केवल पुरस्कार जीतने के लिए महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इससे बच्चों में आत्मविश्वास पैदा होता है। छोटे मंच पर किया गया प्रदर्शन आगे चलकर बड़े अवसरों की राह खोलता है। उन्होंने प्रदर्शनी में शामिल सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इस अनुभव से सीख लेकर जिला और प्रदेश स्तर से आगे राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि “देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें।” उन्होंने कहा कि देश और समाज ने हमें जो अवसर और संसाधन दिए हैं, उनका उपयोग केवल अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने के लिए भी किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम को नगर परिषद अध्यक्ष स्वाति सचिन अग्रवाल ने भी संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा एवं वैज्ञानिक सोच की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर नवाचार और नई सीख के लिए प्रेरित किया।
उत्कृष्ट मॉडलों ने किया आकर्षित
प्रदर्शनी में प्रदेश के जिलों से आए विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विज्ञान, गणित, पर्यावरण एवं सामाजिक विज्ञान के मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे। विद्यार्थियों ने अपने मॉडलों के माध्यम से विभिन्न वैज्ञानिक अवधारणाओं, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सरोकारों और नवाचारों को सरल एवं रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिए सीखने, विचार साझा करने और अपनी प्रतिभा को निखारने का महत्वपूर्ण अवसर बनी।
विज्ञान प्रदर्शनी का किया अवलोकन
सांदीपनि शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय सांईखेड़ा में आयोजित राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी का कलेक्टर सहित अन्य अतिथियों ने अवलोकन किया। उन्होंने प्रदेशभर के विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विज्ञान, गणित, पर्यावरण एवं सामाजिक विज्ञान विषयों पर आधारित मॉडल्स का अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने अपने-अपने मॉडल्स की कार्यप्रणाली एवं उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कलेक्टर ने विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच, नवाचार एवं रचनात्मकता की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
इसके पश्चात विद्यार्थियों के साथ भोजन कक्ष में बैठकर उनसे आत्मीय संवाद कर उनकी पढ़ाई, रुचियों एवं भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने भी कलेक्टर के साथ सहज एवं आत्मीय संवाद का आनंद लिया।
इस अवसर पर मिनेन्द्र डागा, दिग्विजय सिंह, कीरत सिंह पटेल, गौरीशंकर खेमरिया, पंचम सिंह पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. अनिल कुशवाहा, डीपीसी प्रदीप द्विवेदी, अन्य अधिकारी कर्मचारी, गणमान्य नागरिक, प्रदेश के विद्यालयों से आए शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी मौजूद थे।



