विधि-विधान और वेद मंत्रों के साथ संपन्न हुआ राम-जानकी विवाह

कौड़िया में शारदेय नवरात्र पर रामलीला मंचन, भगवान के विवाह में शामिल होकर श्रद्धालुओं ने स्वयं को माना सौभाग्यशाली
रिपोर्टर ; सतीश चौरसिया
उमरियापान। शारदेय नवरात्र के पावन अवसर पर तहसील क्षेत्र के ग्राम कौड़िया में धार्मिक आस्था और भक्ति का वातावरण बना हुआ है। गांव में आदर्श नवयुवक रामलीला मंडल के तत्वावधान में रामलीला का मंचन किया जा रहा है। रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों का सजीव चित्रण किया जा रहा है, जिसे देखने के लिए ग्रामीणजन एवं आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में रविवार की रात्रि भगवान श्रीराम एवं माता जानकी के विवाह का भव्य प्रसंग प्रस्तुत किया गया। वैदिक मंत्रों, पारंपरिक रीति-रिवाजों और विधि-विधान के साथ हुए राम-जानकी विवाह के मंचन ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
*धनुष भंग के बाद अयोध्या पहुंची लग्न पत्रिका*
रामलीला मंचन में भगवान श्रीराम द्वारा शिवजी का धनुष भंग किए जाने के बाद विवाह की तैयारियों का प्रसंग दिखाया गया। इसके अंतर्गत एक नाई और पंडित को लग्न पत्रिका लेकर अयोध्या महाराज दशरथ के पास भेजा जाता है। लग्न पत्रिका मिलने के बाद महाराज दशरथ अपने गुरुजनों, परिजनों और अयोध्या के प्रजावासियों के साथ भव्य बारात लेकर जनकपुर पहुंचते हैं। जनकपुर में बारात के आगमन के साथ विवाहोत्सव का उल्लास छा जाता है। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार भगवान श्रीराम एवं माता जानकी का विवाह संपन्न होने का दृश्य प्रस्तुत किया गया।
*भगवान के चरण पखार श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद*
राम-जानकी विवाह के दौरान ग्राम कौड़िया में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। भगवान श्रीराम एवं माता जानकी के विवाह प्रसंग में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे। विवाह की रस्मों के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान के चरण पखारकर स्वयं को सौभाग्यशाली माना और सुख-समृद्धि की कामना की। वैदिक मंत्रों की गूंज, पारंपरिक विवाह संस्कार और भक्तिमय वातावरण ने आयोजन को विशेष बना दिया। रामलीला के माध्यम से दर्शकों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
*आज होगा भगवान श्रीराम के वनगमन का मंचन*
आदर्श नवयुवक रामलीला मंडल द्वारा आयोजित रामलीला में प्रतिदिन रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया जा रहा है। रविवार की रात्रि राम-जानकी विवाह का प्रसंग प्रस्तुत किया गया, जबकि सोमवार को कैकेयी-मंथरा संवाद का मंचन किया गया। इसके बाद आज भगवान श्रीराम के वनगमन का प्रसंग प्रस्तुत किया जाएगा। रामलीला के इन प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीराम के त्याग, कर्तव्यपालन, पितृभक्ति और मर्यादा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। शारदेय नवरात्र के दौरान ग्राम कौड़िया में रामलीला मंचन को लेकर धार्मिक उत्साह बना हुआ है।



