नामांतरण में लापरवाही पर पटवारी की परिवीक्षा अवधि समाप्त नहीं करने के निर्देश

वनग्राम शिविर में पहुंचे कलेक्टर, तहसीलदार को नोटिस
रिपोर्टर : विपिन शर्मा
बम्होरी । ग्राम पंचायत समनापुर के ग्राम गजंदा में वनग्राम को राजस्व ग्राम में शामिल करने की प्रक्रिया और आदिवासी ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के लिए शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित सिसोनिया पहुंचे और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। शिविर में डीएफओ प्रतिभा शुक्ला, जिला पंचायत सीईओ कमल सोलंकी और एसडीएम अलका सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। शिविर के दौरान एक नामांतरण प्रकरण में लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर रोहित सिसोनिया ने पटवारी लोकेश मेहरा की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने पटवारी की परिवीक्षा अवधि समाप्त नहीं करने और संबंधित तहसीलदार महेंद्र राजपूत को नोटिस जारी करने के निर्देश एसडीएम अलका सिंह को दिए।
कलेक्टर रोहित सिसोनिया ने शिविर में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए कई मामलों का मौके पर ही निराकरण कराया। वहीं, शेष आवेदनों पर संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यों में लापरवाही और अनियमितता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही की शिकायत मिलने पर जांच कर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए। कार्यक्रम में वन सुरक्षा सैनिक को साइकिल और टी शर्ट वितरित की गई।
राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने से मिलेंगी सुविधाएं
वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में शामिल करने की प्रक्रिया के तहत आयोजित इस शिविर का उद्देश्य आदिवासी परिवारों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने के साथ उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, राजस्व संबंधी सुविधाओं और अन्य शासकीय सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना है।



