धार्मिकमध्य प्रदेश

सिलतरा में गंगा–जमुनी तहज़ीब की अनूठी मिसाल… मुस्लिम बहुल क्षेत्र में गूंज रही वेद–मंत्रों की ध्वनि

शुरू हुआ सात दिवसीय श्रीराम महायज्ञ
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । सिलतरा गांव से आज एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो भारत की असली पहचान… गंगा–जमुनी तहज़ीब को पूरे गौरव के साथ दिखाती है। मुस्लिम बहुल क्षेत्र होने के बावजूद यहां सात दिवसीय श्रीराम महायज्ञ और संगीतमय कथा का आयोजन पूरे उत्साह के साथ किया जा रहा है… और सबसे खास बात— गांव का हर धर्म, हर समुदाय, कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग कर रहा है। यही है भारत… यही है हमारी संस्कृति।
सात दिवसीय पंचकुंडी श्रीराम महायज्ञ के दूसरे दिन पावन बेला में परंपरागत विधि–विधान के साथ मंडप प्रवेश और अग्नि मंथन की दिव्य प्रक्रिया सम्पन्न की गई।
ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अग्नि को प्रकट किया… और यजमानों ने श्रद्धा के साथ आहुतियां अर्पित कीं।
अग्नि प्रज्वलित होते ही पूरा वातावरण “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा।
पंचकुंडी यज्ञ में बड़ी संख्या में यजमान बैठे दिखाई दिए… पंडितगण मंत्रोच्चार कर रहे थे और यजमान श्रद्धापूर्वक हर एक आहुति का अनुकरण कर रहे थे।
मंडप के चारों ओर भक्तों की भीड़, भजन–कीर्तन की धुन और पवित्र वातावरण ने पूरे गांव को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
यज्ञ का संपूर्ण कार्यक्रम संत श्री राघव दास जी महाराज के सानिध्य में संचालित हो रहा है।
संत जी के प्रवचन, गांव वालों का सहयोग और आपसी भाईचारा मिलकर एक ऐसी मिसाल पेश कर रहा है जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है।
सिलतरा में चल रहा यह महायज्ञ केवल धार्मिक आयोजन नहीं… बल्कि सामाजिक एकता, सौहार्द और भाईचारे का संदेश देता सांस्कृतिक पर्व बन चुका है।

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