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Today Panchang आज का पंचांग रविवार, 23 नवम्बर 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 23 नवम्बर 2025
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
*इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है। *रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
👸🏻 शिवराज शक 352
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – दक्षिणायन
🌧️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – रविवार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि 07:25 PM तक उपरांत चतुर्थी
✏️ तिथि स्वामी – तृतीया तिथि की स्वामी माँ गौरी और कुबेर जी है ।तृतीया: किसी भी पक्ष की तीसरी तारीख को तृतीया तिथि या तीज कहते है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र मूल 07:27 PM तक उपरांत पूर्वाषाढ़ा
🪐 नक्षत्र स्वामी – मूल नक्षत्र के देवता निऋति हैं, जो विघटन और विनाश की देवी मानी जाती हैं। इस नक्षत्र का स्वामी ग्रह केतु है और इसका राशि स्वामी गुरु है।
⚜️ योग – धृति योग 12:08 PM तक, उसके बाद शूल योग
प्रथम करण : गर – 07:24 पी एम तक
द्वितीय करण : वणिज – पूर्ण रात्रि तक
🔥 गुलिक काल : रविवार को शुभ गुलिक काल 02:53 पी एम से 04:17 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सायं 4:51 बजे से 6:17 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:04:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:07:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:03 ए एम से 05:56 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:30 ए एम से 06:50 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:46 ए एम से 12:29 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:53 पी एम से 02:36 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:22 पी एम से 05:49 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:25 पी एम से 06:45 पी एम
💧 अमृत काल : 12:21 पी एम से 02:07 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:41 पी एम से 12:35 ए एम, नवम्बर 24
सर्वार्थ सिद्धि योग : 06:50 ए एम से 07:28 पी एम
❄️ रवि योग : 07:28 पी एम से 06:51 ए एम, नवम्बर 24
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारम्भ करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
💁🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में पिताम्बर चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – रवि योग/ सर्वार्थ सिद्धि योग/ मुस्लिम जमादिल- आखिर मासारंभ/ ईसाई पर्व दिवस/ आध्यात्मिक गुरु सत्य साईं बाबा जन्मोत्सव, प्रसिद्ध पा‌र्श्वगायिका गीता दत्त जन्म दिवस, भौतिक विज्ञानी हेनरी मोसले जन्म दिवस, संविधान दिवस, प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ॰ जगदीश चन्द्र बसु पुण्य तिथि, भारतीय क्रांतिकारी सखाराम गणेश देउस्कर स्मृति दिवस, राष्ट्रीय काजू दिवस, राष्ट्रीय क्रैनबेरी खाओ दिवस, भारतीय पुलिस झंडा दिवस, राष्ट्रीय औषधि दिवस, राष्ट्रीय एकता दिवस (सप्ताह)
✍🏼 तिथि विशेष – तृतीया तिथि में नमक का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। तृतीया तिथि एक सबला अर्थात बल प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह तृतीया तिथि आरोग्यकारी रोग निवारण करने वाली तिथि भी मानी जाती है। इस तृतीया तिथि की स्वामिनी माता गौरी और इसके देवता कुबेर देवता हैं। यह तृतीया तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह तृतीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
यदि पूजा घर में किसी देवी-देवता की मूर्ति टूट जाए तो उसे घर में रखना वर्जित है। खंडित मूर्ति को तुरंत घर से बाहर करें, बहते जल में प्रवाहित करें या पीपल/वट वृक्ष के नीचे रख दें। टूटी मूर्ति से वास्तु दोष बढ़ता है और घर में शांति कम होती है।
टूटा शीशा: फैलती है नकारात्मकता घर का दर्पण, खिड़की का शीशा या कोई भी कांच अगर टूट जाए, तो उसे लंबे समय तक घर में न रखें। टूटे शीशे को शुक्र ग्रह से संबंधित माना गया है। ऐसे कांच घर में नकारात्मक ऊर्जा पैदा करते हैं। माना जाता है कि टूटा शीशा आपकी आर्थिक स्थिति और रिश्तों पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है।* टूटे बर्तन: आती है दरिद्रता ज्यादातर लोग चिटके हुए बर्तनों का बेझिझक इस्तेमाल करते हैं, लेकिन किचन में रखे टूटे बर्तन घर की समृद्धि को प्रभावित करते हैं। इसमें खाना बनाना या खाना दोनों ही वास्तु के अनुसार अशुभ है। माना जाता है कि टूटे बर्तनों की वजह से घर में दरिद्रता प्रवेश करती है और अन्नपूर्णा की कृपा कम हो जाती है। ❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
मां कहती थीं कि शाम के समय अमरुद मत खाओ खांसी हो जायेगी और फिर खांसी होने पर सुबह मां वही अमरूद को चूल्हे की आग में भून कर कहती थी कि खाओ खांसी ठीक हो जाएगी।
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थोड़ी सी अरहर की दाल के दाने के साथ खड़ा नमक चूसने को देती थीं।* अमरूद के पत्ते चबाने को दिए जाते थे और गला खुल जाता था।*
नीम के पत्ते चबाने को दिए जाते थे और दाने, फुंसी सब गायब।* तुलसी के पत्ते भी रोज खाने को दिए जाते थे जिससे दांत में कीड़े नहीं लगते हैं। हाथ पैर फटने पर ग्लिसरीन लगाने को देती थीं। पेट दर्द होने पर नींबू को काटकर गैस पर गर्म करके नमक लगाकर खाने को दिया जाता था और पेट दर्द फुर्र। जब भी खांसी होती थी घर पर घर का निकला शहद रहता थ। *हम लोग स्वयं छत्ते से शहर निकलते थे और फिर खूब खाते थे। सर्दी जुकाम होने पर , सेंधा नमक घी में मिलाकर सीने पर मलकर उढ़ाकर सुला देते थे। लूज मोशन होने पर ठंडा ठंडा मठ्ठा नमक डाल कर पिलाती थीं । मूंग की दाल की खिचड़ी, भुना जीरा व हींग मिले दही के साथ लूज मोशन में दी जाती थी। दूध फाड़कर फटे पानी पीने से दस्त रुक जाते थे। 🍃 *आरोग्य संजीवनी* ☘️ आयुर्वेद में हर पेड़ पौधे का कुछ न कुछ उपयोग जरूर होता है. इसी लिस्‍ट में जलपत्ती भी शामिल हैं, जिसमें शरीर को स्वस्थ रखने के तमाम गुण हैं. यह जलपत्ती नामक औषधि काफी उपयोगी है. इसमें कई ऐसे गुण पाए जाते हैं, जोकि शरीर के रोगों को ठीक करते हैं. इसे टैलिनम फ्रुटिकोसम के नाम से भी जानते हैं.डॉ. प्रियंका सिंह ने बताया कि जलपत्ती हृदय और कैंसर जैसे रोग को भी रोकने में सहायक है. इसके अलावा यह पाचन, संक्रमण, वजन, हड्डी, दांत और आंख जैसी तमाम बीमारियों के लिए संजीवनी बूटी की तरह काम करती है.ये है इस औषधि के फायदेडॉ. प्रियंका सिंह ने आगे बताया कि यह जलपत्ती औषधि मानव जीवन के लिए बेहद लाभकारी है. इसे एक तरह से पालक का साग भी समझा जा सकता है. इसका कच्चा सेवन भी किया जा सकता है, लेकिन ज्‍यादा कच्चा सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है. साथ ही बताया कि ब्लड प्रेशर के लिए रामबाण है, तो मोतियाबिंद और त्वचा के लिए भी बेहद उपयोगी है। 🪐 गुरु भक्ति योग 🌍
शास्त्र के अनुसार, हमारा जीवन 9 ग्रहों के प्रभाव से संचालित होता है। अगर ग्रह अनुकूल हों तो सफलता, समृद्धि और सुख मिलता है, जबकि ग्रहों के कमजोर होने पर जीवन में संघर्ष बढ़ जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ पानी का एक सरल उपाय सूर्य, चंद्रमा, गुरु, बुध, शुक्र सहित शनि, राहु और केतु तक को शांत कर सकता है? आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, नियमित रूप से किए गए जल उपाय से सूर्य से लेकर केतु तक सभी ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम किया जा सकता है। चलिए जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम से कि जल के जरिए ग्रहों को शांत करने के क्या करना होगा।
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सूर्य दोष शांत करने का जल उपाय अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य पीड़ित है, करियर में रुकावटें आ रही हैं या पिता से अनबन बनी रहती है, तो रोज या रविवार के दिन सूर्य को अर्घ्य दें। इसके लिए पानी में लाल चंदन और लाल फूल मिलाएं। यह उपाय सूर्य के अशुभ प्रभाव को कम करता है और सम्मान, यश तथा स्थिरता बढ़ाता है।
*चंद्र दोष दूर करने के लिए जलाभिषेक चंद्रमा के खराब होने पर मूड स्विंग, तनाव, अनिद्रा और मानसिक अशांति बढ़ती है। ऐसे लोग सोमवार के दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। चाहें तो जल में गाय का दूध और सफेद फूल मिला सकते हैं। यह उपाय मन को स्थिर करता है और चंद्र दोष को शांत करता है। *गुरु दोष मिटाने के लिए हल्दी स्नान गुरु के खराब होने पर शिक्षा, विवाह, भाग्य और करियर में बाधाएं आती हैं। इसके लिए नहाने के पानी में थोड़ा सी हल्दी मिलाकर स्नान करें। प्रतिदिन संभव न हो, तो हर गुरुवार यह उपाय करें। हल्दी मिश्रित जल गुरु के दोष को कम करता है। साथ ही जीवन में शुभता बढ़ती है।
*बुध दोष दूर करने के लिए तुलसी को जल चढ़ाएं बुध ग्रह के कमजोर होने पर वाणी, बुद्धि और व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ता है। रविवार छोड़कर हर दिन तुलसी के पौधे में एक लोटा जल चढ़ाएं। यह जल उपाय बुध ग्रह को मजबूत करता है और फैसले लेने की क्षमता बढ़ाता है। *शुक्र दोष शांत करने का गुलाब जल उपाय अगर शुक्र पीड़ित है और दांपत्य जीवन, प्रेम संबंध या भौतिक सुखों में कमी आ रही है, तो पानी में गुलाब के फूल या गुलाब जल मिलाकर स्नान करें। यह उपाय व्यक्ति के आकर्षण, रिश्तों और सौभाग्य को बढ़ाता है।
*शनि दोष दूर करने के लिए जल दान साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष से पीड़ित लोग रोजाना सफाई कर्मचारी, जरूरतमंद या अपने घर के कामगार को पानी पिलाएं। जल दान शनि को शांत करने का सबसे प्रभावी उपाय माना गया है। *मंगल दोष दूर करने का उपाय अगर आपकी कुंडली में मंगल अशुभ है, तो घर के बाहर प्याऊ लगवाएं या राहगीरों और गरीबों को पानी पिलाएं। यह उपाय क्रोध, दुर्घटना और विवाद की स्थिति को कम करता है।
*राहु दोष दूर करेगा ये आसान उपाय राहु दोष होने पर रोज एक बर्तन में पानी भरकर घर के बाहर रखें और उस पानी को किसी कुत्ते को पिला दें। यह उपाय राहु के नकारात्मक प्रभाव को कम करता है। *केतु दोष मिटाने के लिए इष्ट देव के सामने जल रखें शास्त्र के अनुसार, केतु के खराब होने पर जीवन में भ्रम, अनिश्चितता और रुकावटें बढ़ती हैं। इसके लिए अपने इष्ट देव के समक्ष एक लोटा जल रखें और बाद में उस जल का सेवन करें। यह उपाय केतु दोष को शांत करता है।
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⚜️ तृतीया तिथि केवल बुधवार की हो तो अशुभ मानी जाती है। अन्यथा इस तृतीया तिथि को सभी शुभ कार्यों में लिया जा सकता है। आज तृतीया तिथि को माता गौरी की पूजा करके व्यक्ति अपनी मनोवाँछित कामनाओं की पूर्ति कर सकता है। आज तृतीया तिथि में एक स्त्री माता गौरी की पूजा करके अचल सुहाग की कामना करे तो उसका पति सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। आज तृतीया तिथि को भगवान कुबेर जी की विशिष्ट पूजा करनी चाहिये। देवताओं के कोषाध्यक्ष की पूजा आज तृतीया तिथि को करके मनुष्य अतुलनीय धन प्राप्त कर सकता है।

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