Aaj ka Panchang आज का पंचांग बुधवार, 03 मई 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 03 मई 2023
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर वसंत ऋतु
🌤️ मास – वैशाख मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – त्रियोदशी 23.49 PM तक तत्पश्चात चतुर्दशी
✏️ तिथि के स्वामी – त्रियोदशी तिथि के स्वामी कामदेव जी और चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान श्री भोलेशंकर जी है।
💫 नक्षत्र – हस्त 20.56 PM तक तत्पश्चात चित्रा
🪐 नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- हस्त नक्षत्र के देवता सुर्य और स्वामी चंद्र देव जी है।
🔉 योग – हर्षण 11.28 AM तक तत्पश्चात वज्र
⚡ प्रथम करण : कौलव – 11:38 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : – तैतिल 23.49 PM तक तत्पश्चात गर
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:00 से 1:30 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:31:00 AM
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:29:00 PM
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:13 ए एम से 04:56 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:35 ए एम से 05:39 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
🔯 विजय मुहूर्त : 02:31 पी एम से 03:24 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:56 पी एम से 07:17 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:57 पी एम से 08:01 पी एम
💧 अमृत काल : 02:38 पी एम से 04:19 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:56 पी एम से 12:39 ए एम, मई 04
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:39 ए एम से 08:56 पी एम
❄️ रवि योग : 08:56 पी एम से 05:38 ए एम, मई 04
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-शिवजी का फ़लों के रस से अभिषेक करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – प्रदोष व्रत/सर्वार्थसिद्धि योग/अन्नप्राशन/कर्णभेद/मुण्डन, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक स्थापना दिवस, राजनीतिज्ञ उमा भारती जन्म दिवस, महिला राजनीतिज्ञ सुमित्रा सिंह जन्म दिवस, पूर्व रक्षा मंत्री वी. के. कृष्ण मेनन जन्म दिवस, एथेंस विश्वविद्यालय स्थापना दिवस, सैयद शासक खिज्र खान स्मृति दिवस, विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस
✍🏼 विशेष:- त्रयोदशी तिथि को बैंगन त्याज्य होता है। अर्थात आज त्रयोदशी तिथि में भूलकर भी बैंगन की सब्जी या भर्ता नहीं खाना चाहिए। त्रयोदशी तिथि जयकारी अर्थात विजय दिलवाने वाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों क्षेत्रों में सिद्धियों को देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी होती है।
🗼 Vastu tips 🗽
पूजा घर कभी भी धातु का ना हो, यह लकड़ी, पत्थर और संगमरमर का होना शुभ माना जाता है।
पूजा का कमरा खुला और बड़ा होना चाहिए। पूजा घर को सीढ़ियों के नीचे बिलकुल भी नहीं बनवाना चाहिए। यह हमेशा ग्राउंड फ्लोर पर होना ही श्रेष्ठ माना गया है , इसे कभी भी तहखाने में भी नहीं बनाना चाहिए ।
पूजा घर कभी भी शयन कक्ष में नहीं बनाना चाहिए लेकिन यदि स्थानाभाव के कारण बनाना भी पड़े तो पूजा स्थल में पर्दा अवश्य ही होना चाहिए । दोपहर और रात में पूजास्थल को परदे से अवश्य ही ढक दें ।
पूजाघर में मूर्तियां कभी भी प्रवेश द्वार के सम्मुख नहीं होनी चाहिए ।
पूजाघर में बड़ी, वजनी और प्राण प्रतिष्ठित मूर्तियाँ नहीं रखनी चाहिए । घर के मंदिर में क़म वजन की मूर्तियाँ और तस्वीरें ही रखनी चाहिए। इन्हें दीवार से कुछ दूरी पर रखना चाहिए दीवार से टिका कर नहीं ।
पूजाघर में देवताओं की मूर्तियां / तस्वीरें एक दूसरे के सामने चाहिए अर्थात देवताओं की दृष्टि एक-दूसरे पर भी नहीं पड़नी चाहिए।
◼️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
बालों के लिए प्याज के फायदे: प्याज, बालों की कई समस्याओं के लिए कारगर है। प्याज में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण है जो कि बालों की कई समस्याओं को दूर करता है। इसके अलावा भी प्याज के कई फायदे हैं लेकिन इसके लिए आपको इस्तेमाल का सही तरीका पता होना चाहिए। तो, फेमस हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब ने अपने इंस्टा पोस्ट में इस बात को शेयर किया है, क्यों और कैसे, जानते हैं।
प्याज का रस बालों में कैसे लगाएं-बालों के लिए प्याज का इस्तेमाल आप कई प्रकार से कर सकते हैं। इसके लिए आपको करना ये है कि प्याज का रस निकाल लें और इसे सीधे अपने बालों में लगाएं। आपको प्याज का तेल बालों में नहीं लगाना है। बस इसका रस निकाल कर बालों में लगाना है।
🍵 आरोग्य संजीवनी 🍶
मतली और उल्टी मतली और उल्टी, दोनों ही फाइबर की कमी के कारण हो सकता है। दरअसल, इसकी कमी से पेट साफ नहीं होता और बचे हुए कणों को पचाने के लिए पेट बार-बार एसिड प्रड्यूस करता है जिससे मतली व उल्टी हो सकती है।
बैड कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना फाइबर की कमी से मतली और उल्टी हो सकती है। ये आपके शरीर में वेस्ट और फैट लिपिड को बढ़ावा देता है जिससे बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, ब्लड वेसेल्स को नुकसान होता है और दिल की कई बीमारियां हो सकती हैं।
भूख न लगाना भूख न लगाना, फाइबर की कमी से जुड़ा हुआ हो सकता है। दरअसल, जब पेट खाली नहीं होता तो ब्लोटिंग की समस्या बनी रहती है। ऐसे में दिमाग को कभी ये मैसेज नहीं जाता कि पेट खाली है और भूख लग रही है। इसलिए व्यक्ति को भूख नहीं लगती।
📗 गुरु भक्ति योग 🕯️
बुद्ध का प्रेरक प्रसंग:जब मन अशांत हो तो कुछ समय मौन रहकर हालात समझें और फिर निर्णय लें, मन को मिल सकती है शांति
गौतम बुद्ध से एक व्यक्ति ने कहा कि मुझे आपसे बहुत सारे प्रश्न पूछना हैं, बुद्ध ने कहा कि पहले एक साल तक मौन रखो, फिर प्रश्न पूछना
अशांत मन में प्रश्नों की अधिकता रहती है। प्रश्नों की वजह से हम सही निर्णय नहीं ले पाते हैं। ऐसी स्थिति में कुछ मौन हो जाना चाहिए, मौन रहकर हालात समझेंगे तो मन को शांति मिल सकती है। इस संबंध में गौतम बुद्ध से जुड़ा एक प्रेरक प्रसंग प्रचलित है। जानिए आचार्य श्री गोपी राम से ये प्रसंग…
प्रचलित प्रसंग के अनुसार गौतम बुद्ध रोज अपने शिष्यों को उपदेश देते थे। बुद्ध के प्रवचन सुनने शिष्यों के साथ ही अन्य लोग भी पहुंचते थे। एक दिन जब बुद्ध प्रवचन दे रहे थे, तभी एक व्यक्ति पहुंचा और वह बोला कि तथागत मैं आपसे बहुत सारे प्रश्न पूछना चाहता हूं। मेरा मन बहुत अशांत है। कृपया मेरे प्रश्नों के उत्तर दें, ताकि मेरा मन शांत हो सके।
बुद्ध ने उससे कहा कि मैं तुम्हारे प्रश्नों के उत्तर जरूर दूंगा। लेकिन, तुम्हें एक साल तक मौन धारण करना होगा। एक साल के बाद तुम जो भी पूछोगे, तुम्हें उसका उत्तर जरूर मिल जाएगा। उस व्यक्ति ने कहा कि एक साल बाद आप मेरे प्रश्नों के अवश्य देंगे ना? बुद्ध ने कहा कि मैं अपनी बात का पक्का हूं, तुम्हें सारे प्रश्नों के जवाब दूंगा, लेकिन एक साल बाद।
बुद्ध की बात मानकर उस व्यक्ति ने मौन व्रत धारण कर लिया। धीरे-धीरे वह मौन की वजह से उसका मन एकाग्र होने लगा, वह ध्यान में उतरने लगा। मन भी शांत होने लगा। उसके सभी प्रश्न खत्म होने लगे। एक साल बीत गया।
समय पूरा होने के बाद बुद्ध ने उस व्यक्ति से कहा कि अब तुम अपने सभी प्रश्न मुझसे पूछ सकते हो। ये बात सुनकर वह व्यक्ति हंसा और कहा कि एक साल पहले मेरे मन में कई प्रश्न थे, लेकिन अब सारे प्रश्न शांत हो गए हैं। अब मेरे पास आपसे पूछने के लिए कोई प्रश्न नहीं है।
बुद्ध ने उस व्यक्ति से कहा कि जब तक हमारा मन शांत नहीं है, मन में ढेरों प्रश्न उठते रहते हैं, उसकी परेशानियां बनी रहती हैं। अज्ञान और भ्रम की वजह से हमारा मन प्रश्नों के उत्तर तक पहुंच ही नहीं पाता है। कुछ समय मौन धारण करके हम हालातों को समझेंगे तो सारे प्रश्नों के उत्तर स्वत: ही मिलने लगते हैं।
मन शांत हो जाता है तो सभी प्रश्न भी खत्म हो जाते हैं। सारी चीजें हम आसानी से समझने लगते हैं और जीवन में सुख-शांति मिल जाती है।
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⚜️ त्रयोदशी तिथि के स्वामी कामदेव जी हैं। कामदेव प्रेम के देवता माने जाते है । उन्हें सदैव युवा और आकर्षक रहने का वरदान है। पौराणिक कथाओं के अनुसार कामदेव, भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी के पुत्र माने गए हैं।
उनका विवाह प्रेम और आकर्षण की देवी रति से हुआ है।
कामदेव के हाथ में धनुष है जिसका एक कोना स्थिरता और दूसरा कोना चंचलता का प्रतीक है। कामदेव का धनुष फूलों का बना हुआ है। कामदेव जब कमान से अपना तीर छोड़ते हैं, तो उसमें कोई आवाज नहीं होती है।
कामदेव का वाहन हाथी को माना गया है। शास्त्रों में कुछ जगह कामदेव का वाहन तोते को भी बताया गया है ।
त्रयोदशी के दिन मीठे वचन बोलने, प्रसन्न रहने से जातक रूपवान होता है, उसे अपने प्रेम में सफलता एवं इच्छित एवं योग्य जीवनसाथी प्राप्त होता है।

