बाड़ी का जम्बो सीताफल : ‘एक जिला, एक उत्पाद’ के तहत जिले को मिलेगी नई पहचान, उद्यानिकी विभाग ने जारी किए निर्देश
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। रायसेन और तहसील बाड़ी जिले में बहुत अधिक मात्रा में सीताफल की पैदावार होती है। वहीं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई स्कीम) अंतर्गत जिला स्तरीय योजना क्रियान्वयन समिति ने निर्णय लिया कि एक जिला, एक उत्पाद के तहत रायसेन जिले के सीताफल को एक विशिष्ट पहचान मिलेगी। इसके लिए रायसेन और जिला मुख्यालय के आसपास समेत जिले की कुछ तहसीलों में उगाए जा रहे सीताफल को अब “रायसेन जम्बो सीताफल” के ब्रांड नाम से जाना जाएगा।
जम्बो सीताफल के ब्रांड नाम से होगा विक्रय…..
विभाग के उपसंचालक अधिकारी डीएस तोमर ने बताया कि
उद्यानिकी विभाग की ओर से लोगों को कहा जा रहा है कि समस्त सीताफल उत्पादक, विक्रेता, उद्यमी और अन्य समस्त संस्थाओं को अवगत कराया जाता है कि जिले में उत्पादित सीताफल का विक्रय “रायसेन जम्बो सीताफल” के ब्रांड नाम से किया जाना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही सीताफल से संबंधित प्रसंस्कृत उत्पाद के कच्चे माल की जानकारी में भी रायसेन जम्बो सीताफल के ब्रांड नाम का ही उपयोग करेंगे।
रायसेन और तहसील बाड़ी में होती है सीताफल की होती है बंपर पैदावार…..
रायसेन ज़िला मुख्यालय की किले की पहाड़ी पीपलखेड़ा सराय गनेरा बाग सीतातलाई पहाड़ी पाटनदेव की गोल पहाड़ी राहुल नगर वार्ड 14 में सीताफल की सर्वाधिक पैदावार होती है। जहां से कई प्रदेशों में क्षेत्र का सीताफल निर्यात किया जाता था। एक जमाना। था जब सीताफल के नाम से रायसेन जिले की विशिष्ट पहचान दिल्ली, भोपाल, उज्जैन, इंदौर में बनाई थी। इसके अलावा तहसील बाड़ी के बाग बगीचों पहाड़ी क्षेत्र के जंबो सीताफल का स्वादिष्ट स्वाद लोगों को काफी लुभाता था। लेकिन मौजूदा समय में रायसेन, बाड़ी में सीताफलों के पेड़ों की जलाऊ लकड़ी के रूप में हो रही अंधाधुंध कटाई के कारण जंबो सीताफलों में कमी आने लगी है।



