Aaj ka Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 18 मई 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 18 मई 2023
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
यदि गुरुवार को स्त्रियां हल्दी वाला उबटन शरीर में लगाएं तो उनके दांपत्य जीवन में प्यार बढ़ता है।और कुंवारी लड़कियां / लड़के यह करें तो उन्हें योग्य, मनचाहा जीवन साथी मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – ज्येष्ठ मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी 09:42 PM तक उसके बाद अमावस्या है ।
✏️ तिथि के स्वामी – चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान भोलेनाथ जी और पूर्णिमा तिथि के स्वामी चंद्र देव जी है।
💫 नक्षत्र- अश्विनी 07:22 AM तक उसके बाद भरणी
🪐 नक्षत्र स्वामी – अश्विनी नक्षत्र का स्वामी केतु ग्रह है। – इस नक्षत्र के देवता अश्विनी कुमार है।
📢 योग –सौभाग्य – 19:36:32 तक
⚡ प्रथम करण : विष्टि – 10:02 ए एम तक
✨ द्वितीय करण – शकुनि – 09:42 पी एम तक
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 03:33:00 से 05:08:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 1:30 से 3:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:22:00 A.M
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:38:00 P. M
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:06 ए एम से 04:47 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:27 ए एम से 05:29 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:50 ए एम से 12:45 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:34 पी एम से 03:28 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:05 पी एम से 07:26 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:06 पी एम से 08:09 पी एम
💧 अमृत काल : 02:40 ए एम, मई 19 से 04:16 ए एम, मई 19
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:57 पी एम से 12:38 ए एम, मई 19
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:29 ए एम से 07:22 ए एम
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-आज विष्णु मंदिर में केशर चढाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भगवान गौतम बुद्ध जयंती, प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा जन्मोत्सव, धार्मिक गुरु जय गुरुदेव पुण्य तिथि, थावर चंद गहलोत जन्म दिवस, जगदीप धनखड़ जन्म दिवस, प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा जन्म दिवस, राष्ट्रीय लता मंगेशकर अलंकरण सम्मानित दिवस, संग्रहालय दिवस, विश्व एड्स टीका दिवस, पोखरण परमाणु विस्फोट दिवस (1974), अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस, विश्व एड्स वैक्सीन दिवस ( world AIDS Vaccine Day ), मूल समाप्त
✍🏼 विशेष – चतुर्दशी तिथि को शहद त्याज्य होता है। चतुर्दशी तिथि को एक क्रूरा तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं चतुर्दशी तिथि को उग्रा तिथि भी माना जाता है। यह चतुर्दशी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्दशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। इस चतुर्दशी तिथि के देवता भगवान शिवजी हैं।
🕉️ Vastu tips 🗽
हिंदू धर्म में स्वास्तिक को शुभता का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक कार्यों के अलावा वास्तु शास्त्र में भी स्वास्तिक का बहुत महत्व है । धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, शुभ कार्यों के दौरान स्वास्तिक का चिन्ह बनाने से उस कार्य के और भी शुभ फल प्राप्त होते हैं। नवरात्र के दौरान भी घर में स्वास्तिक का चिन्ह बनाने से शुभ फलों की प्राप्ति होगी।
इस दिशा में बनाएं स्वास्तिक आप हल्दी या सिंदूर से स्वास्तिक का चिन्ह बना सकते हैं। अगर दिशा की बात करें तो इस काम के लिए उत्तर-पूर्व दिशा सबसे अच्छी है। आप स्वास्तिक का चिन्ह पूजा के स्थान पर या घर के मुख्य द्वार पर भी बना सकते हैं। ऐसा करने से देवी मां की कृपा से शुभ फल तो मिलते ही हैं, साथ ही वास्तु संबंधी समस्या के निगेटिव इफेक्ट से भी छुटकारा मिलता है। स्वास्तिक का चिन्ह घर में पॉजिटिविटी लाने वाला होता है।
स्वास्तिक बनाते समय इस बात का रखें ध्यान घर के मुख्य द्वार और मंदिर में स्वास्तिक बनाने से वास्तु दोष दूर होता है। इन दोनों जगहों पर हल्दी से स्वास्तिक बनाएं और उसके नीचे शुभ लाभ लिख दें। ऐसा करने से आपके घर में हमेशा सकरात्मकता बनी रहेगी। साथ देवी लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहेगी। ध्यान रखें कि स्वास्तिक का चिन्ह 9 उंगली लंबा और चौड़ा होना चाहिए।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
गर्मी में ऐसे करें अपनी स्किन की धूप से सुरक्षा
गर्मी के दिनों में भरी दोपहरी में बाहर निकलने से अवॉयड करना चाहिए लेकिन अगर किसी जरूरी काम की वजह से निकलना पड़ रहा है स्किन पर सनस्क्रीन का प्रयोग जरूर करें। धूप में निकलने से करीब 20 मिनट पहले सनस्क्रीन लगाएं। यह क्रीम आपकी स्किन को हानिकारक यूवी किरणों से बचाता है।_
अगर आपकी स्किन ऑयली है तो ऑयल फ्री सनस्क्रीन क्रीम का इस्तेमाल करें। आप चाहे तो एंटी-टैन सनस्क्रीन भी लगा सकते हैं।
अगर आप समुद्र किनारे छुट्टियां मनाने जा रहे हैं तो सनस्क्रीन जरूर लगाएं। इन जगहों पर आपकी स्किन को धूप अधिक नुकसान पहुंचाता है।
🌿 आरोग्य संजीवनी ☘️
सांस फूलना अगर सीढ़ियां चढ़ते समय आपकी सांस फूलती है तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए। दरअसल, ये दिल के काम काज के खराब होने का लक्षण हो सकता है। साथ ही ये बताता है कि आपको हर काम को करने में कितनी मेहनत लग रही है और ऑक्सीजन सप्लाई भी बाधित रहता है।
नाक से खून आना नाक से खून आने को आप यूं ही हल्के में न लें। दरअसल, जब आपका बीपी बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ होता है तो नाक की पतली-पतली झिल्लियों के फटने का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में अगर नाक से खून आने लगे तो समझ जाएं कि आपकी नाक के अंदर की पतली-पतली झिल्लियां फटने लगी हैं।
झटके आना सीजर या झटके आना, हाई बीपी के कारण हो सकता है। ये स्ट्रॉक की वजह से भी हो सकता है। इसलिए इस स्थिति को नजरअंदाज न करें और इससे बचने की कोशिश करें और डॉक्टर को तुरंत दिखाएं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने हमारे जीवन संबंधी कई नीतियां बताई है। ऐसे ही इंसान को ऐसी आदत के बारे में बताया है जिसे उसे कभी नहीं छोडनी चाहिए। आज हम आपको ऐसी 3 चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपने साथ रखने से आप अपना बुढ़ापा हँसते हुए बिताएंगे।
दूसरों की मदद की करना आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं कि आप अपने जीवन में कितनी ही मुश्किल परिस्थिति में क्यों न हो। अगर आपसे कोई मदद मांगे तो आप कभी उसे मना मत करना। दूसरों की मदद करने से आप बेहद अच्छा महसूस करेंगे। और इस आदत की बदौलत आपके चाहने वालों की कमी नहीं होगी। जो आगे चलकर आपके बुढ़ापे में बेहद काम आएगी।
अनुशासन का पालन करना उस व्यक्ति को कोई नहीं हरा सकता जो समय का पाबंद हो। जो इंसान समय की इज़्ज़त करता है एक दिन समय उसकी ज़रूर कदर करता है। अपने समय का सदुपयोग करना सीखें। अपने खाली समय में अपनी फिटनेस पर ध्यान दे और नियमित तौर पर योग और एक्सरसाइज़ करें। ऐसा करने से जब आपका बुढ़ापा आएगा तब भी आप फिट और जवान नज़र आएंगे। कोई भी बीमारी आपके पास नहीं फटेकगी। इसलिए अपने जीवन में अनुशासित व्यक्ति बनें।
धन का अच्छी तरह उपयोग आप कितना धन कमा रहे हैं। उससे कहीं ज़्यादा अहम है कि आप कितना धन बचा रहे हैं। आप लाख पैसा कमाएं लेकिन अगर आपने उन्हें सुरखित नहीं रखा तो आपका बूढ़ा बहुत कष्टदायी हो सकता है। अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए आप आपने कमाए हुए पैसों को जमा करके ज़रूर रखें। यही पैसे आगे चलकर आपके बुढ़ापे में काम आएंगे।
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⚜️ चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना करवाना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है।
जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्दशी तिथि को होता है वह व्यक्ति नेक हृदय का एवं धार्मिक विचारों वाला होता है। इस तिथि को जन्मा जातक श्रेष्ठ आचरण करने वाला होता है अर्थात धर्म के मार्ग पर चलने वाला होता है। इनकी संगति भी उच्च विचारधारा रखने वाले लोगों से होती है। ये बड़ों की बातों का पालन करते हैं तथा आर्थिक रूप से सम्पन्न होते हैं। देश तथा समाज में इन्हें उच्च श्रेणी की मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।

