ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 05 सितम्बर 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग
मंगलवार 05 सितम्बर 2023

05 सितम्बर 2023 दिन मंगलवार को ही भादपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। आज हलषष्ठी (ललही छठ) का पावन व्रत है। आज सर्वार्थसिद्धियोग, रवियोग एवं त्रिपुष्करयोग: है। आज किसी भी कार्य के लिए अत्यन्त ही शुभ मुहूर्त है। आज रात्री 08:35PM बजे मंगल देवता पश्चिम दिशा में अस्त हो जाएंगे। आप सभी सनातनियों को ललही छठ व्रत की हार्दिक शुभकामनायें।।
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
⛈️ मास – भाद्रपद मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – भाद्रपद कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि 03:46 PM तक उपरांत सप्तमी
✏️ तिथि स्वामी – षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र स्कन्द कुमार है।💫 नक्षत्र – नक्षत्र भरणी 09:00 AM तक उपरांत कृत्तिका
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह होता है। तथा नक्षत्र के देवता यम है।
🔕 योग – व्याघात योग 11:23 PM तक, उसके बाद हर्षण योग
प्रथम करण : वणिज – 03:46 पी एम तक
द्वितीय करण : विष्टि – 03:36 ए एम, सितम्बर 06 तक
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का (अशुभ गुलिक) काल 12:21 पी एम से 01:58 पी एम
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से गुड़ खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : मंगलवार का राहुकाल 03:35 पी एम से 05:11 पी एम राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:24:20
🌅 सूर्यास्त – सायं 18:49:01
🎆 ब्रह्म मुहूर्त : 04:30 ए एम से 05:15 ए एम
🌌 प्रातः सन्ध्या : 04:53 ए एम से 06:01 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:54 ए एम से 12:45 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:26 पी एम से 03:16 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:39 पी एम से 07:01 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:39 पी एम से 07:47 पी एम
🌸 त्रिपुष्कर योग : 03:46 पी एम से 06:01 ए एम, सितम्बर 06
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:57 पी एम से 12:43 ए एम, सितम्बर 06
❄️ रवि योग : 09:00 ए एम से 06:01 ए एम, सितम्बर 06
सर्वार्थ सिद्धि योग : 09:00 ए एम से 06:01 ए एम, सितम्बर 06
🚓 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में बूंदी के लड्डू चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/भद्रा, राष्ट्रीय शिक्षक दिवस, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जन्म दिवस, रतनजी टाटा पुण्यतिथि, अशोक चक्र विजेता विमान परिचारिका नीरजा भनोट स्मृति दिवस, विश्व प्रसिद्ध समाज सेविका मदर टेरेसा स्मृति दिवस, स्वामी हरिदास जयंती महोत्सव (वृन्दावन), दान का अंतर्राष्ट्रीय दिवस, भारतीय क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा जन्म दिवस, राष्ट्रीय पोषाहार दिवस (सप्ताह)
✍🏼 विशेष – षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय हैं तथा नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है।
🗼 Vastu Tips 🗽
वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे की कैसे पेड़-पौधे घर में नहीं लगाने चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार नींबू, कैक्टस आदि कांटेदार पेड़-पौधों को घर के अंदर नहीं लगाना चाहिए। साथ ही ऐसे पौधे जिनसे दूध निकलता है उन्हें भी नहीं लगाना चाहिए, ऐसे पौधों को अशुभ माना जाता है। ऐसे पौधों से नकारात्मक ऊर्जा निकलती है जिससे घर में अशांति रहती है। कांटेदार पौधों में गुलाब का पौधा घर में लगाना शुभ माना जाता है लेकिन काला गुलाब नहीं लगाना चाहिए क्योंकि काला गुलाब लगाने से चिंता बढ़ती है। घर में ऐसे पेड़-पौधे भी नहीं लगाने चाहिए जो सांप, मधुमक्खी, उल्लू आदि को आमंत्रित करते हैं।
इन बातों का भी रखें ध्यान वास्तु शास्त्र में पेड़ों की दिशा के बारे में विस्तार से बताया गया है जिसके अनुसार ऊंचे और घने पेड़ों को दक्षिण या पश्चिम दिशा में लगाना चाहिए और इन्हें घर की दीवार से थोड़ा दूर लगाना चाहिए, जिससे उन्हें पर्याप्त सूर्य का प्रकाश मिल सके। पहले से उपस्थित पेड़ों को कभी नहीं काटना चाहिए बल्कि उनकी देख रेख करनी चाहिए।
घर में पूर्व दिशा में फूलों के पौधे, घास और मौसमी पौधे लगाने से घर के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं होती है। पान, हल्दी, चंदन आदि कुछ पौधों को पश्चिम-उत्तर के कोने में लगाने से परिवार के सदस्यों में आपसी प्रेम बढ़ता है।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
क्या लगाने से बाल बढ़ते हैं? अंडा प्रोटीन से भरपूर होता है और सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। अंडा बालों की ग्रोथ के लिए भी लाभदायक साबित होता है। इसके लिए आप हफ्ते में कम से कम 1 बार अंडे का हेयर मास्क बालों में जरूर लगाएं। अंडे का मास्क बनाने के लिए आपको 1 अंडे में 1 चम्मच जैतून का तेल और 1 चम्मच शहद मिलाना होगा। इसे मास्क को 20 से 30 मिनट के लिए लगाएं और फिर शैंपू कर लें।
मेथी दाना बालों में मेथी दाने का इस्तेमाल फायदेमंद साबित होता है। बालों की लंबाई और क्वालिटी अच्छी करने के लिए महीने में कम से कम 4 बार आप मेथी के मास्क का प्रयोग जरूर करें। इसे बनाने के लिए आपको 3 से 4 चम्मच मेथी के दानों को रातभर के लिए भिगोना होगा और सुबह इसका पेस्ट बनाना होगा। मेथी के पेस्ट को आप बालों पर अच्छे से लगाएं और 30 से 40 मिनट के बाद इसे अच्छे से धोएं।
प्याज के रस के बालों के लिए आपने फायदे तो सुने ही होंगे। बालों की ग्रोथ के लिए आप प्याज के रस को स्कैल्प पर मलते हुए लगाएं और फिर 15 से 20 मिनट के बाद इसे शैंपू से धो लें। प्याज का रस बाल झड़ने से भी रोकता है।
🥝 आरोग्य संजीवनी 🍓
उल्टी और कमजोरी-शरीर में अगर विटामिन डी की मात्रा ज्यादा होती है तो इससे आपको उल्टी हो सकती है या फिर आपको कमजोरी आ सकती है। दरअसल, विटामिन जी आपके पाचन क्रिया को प्रभावित करता है और इससे पाचन गति भी प्रभावित होती है। इससे आपको बार-बार मतली महसूस हो सकती है, उल्टी हो सकती है और आप कमजोरी के भी शिकार हो सकते हैं।
हड्डियों में दर्द और किडनी से जुड़ी समस्याएं- शरीर में विटामिन डी ज्यादा होने से आपकी हड्डियों में तेज दर्द हो सकता है। ये इसलिए कि जब कैल्शियम आपके खून में जमा होने लगता है तो हड्डियों पर इसका घनत्व कम हो जाता है। इसके अलावा ब्लड सर्कुलेशन भी प्रभावित रहता है। जिससे आप हड्डियों में तेज दर्द हो सकता है। साथ ही ये किडनी के फिल्ट्रेशन को भी प्रभावित कर सकता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
शंकर भगवान की 5 लड़कियों के नाम क्या हैं?
भगवान शिव के परिवार की बात जब भी आती है तो सबसे पहले मुंह पर श्री गणेश और कार्तिकेय जी का नाम आता है। ऐसे में आज हम आपको भगवान शिव की पांच पुत्रियों के बारे में बताने जा रहे हैं।
आचार्य श्री गोपी राम का कहना है कि गणेश, कार्तिकेय, अशोक सुंदरी, ज्योति, मनसा और जालंधर के अलावा भगवान शिव की 5 बेटियां भी थीं। तो चलिए जानते हैं महादेव की बेटियों के जन्म की कथा और इनसे जुड़ी रहस्यमयी बातें।
⚜️ शिव पुराण में है वर्णन
शिव पुराण में भगवान शिव और माता पार्वती की पुत्रियों का वर्णन मिलता है। शिव पुराण में लिखित कथा के अनुसार, भगवान शिव और माता पार्वती सरोवर में ध्यान मग्न थे कि उसी समय भगवान शिव के मुख पर एक मंद मुस्कान आई।
उस मुस्कान से 5 मोती सरोवर में झड़ कर गिर गए। उन पांच मोतियों से पांच कन्याओं का जन्म हुआ लेकिन यह कन्याएं मनुष्य रूप में होने के स्थान पर नाग रूप में जन्मी थीं
पुत्रियों के साथ खेलने जाते थे भगवान शिव
ध्यान मग्न होने के कारण माता पार्वती को इस बात की कोई जानकारी न थी कि महादेव की मुस्कान से पुत्रियों का जन्म हुआ है किन्तु महादेव को इस बात का आभास था।
महादेव अपनी अन्य संतानों की तरह ही अपनी पुत्रियों से प्रेम करते थे और इन पांच नाग पुत्रियों के साथ नियमित रूप से भोर काल के ब्रह्म मुहूर्त में खेलने भी जाया करते थे।
एक दिन माता पार्वती को आश्चर्य हुआ कि भगवान शिव इतनी भोर में कहां जाते हैं। माता पार्वती सत्य का पता लगाने भगवान शिव के पीछे पीछे चल दीं।
जब माता पार्वती सरोवर के पास पहुंची तब उन्होंने भगवान शिव को उन पांच कन्याओं पर पिता की भांति अपार प्रेम लुटाते देखा लेकिन पत्नी प्रेम से पूर्ण होने के कारण माता पार्वती के मन में भय उत्पन्न हुआ कि कहीं ये नाग कन्याएं महादेव को आहात न कर दें।
इसी कारण से माता पार्वती ने इन कन्याओं का अंत करने का निर्णय किया। भगवान शिव माता पार्वती की मंशा भांप गए और उन्होंने माता पार्वती को रोक लिया। माता पार्वती के भगवान शिव से पूछने पर उन्हें उन नाग कन्याओं की माता होने का सत्य ज्ञात हुआ।
🙏🏻 भगवान शिव की बेटियों के नाम
भगवान शिव की इन पांच नाग कन्याओं के नाम जया, विषहर, शामिलबारी, देव और दोतलि है। शिव पुराण में इस बात का उल्लेख है कि भगवान शिव ने अपनी पुत्रियों को विशेष वरदान दिया है।
इस वरदान के अनुसार, जो भी व्यक्ति महादेव की पूजा के साथ साथ उन नाग कन्याओं की भी पूजा करेगा उसके परिवार को कभी भी सर्पदंश का भय नहीं रहेगा। इसके साथ ही इन नाग देवियों की कृपा से कभी भी धन-धान्य में कमी नहीं होगी।
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⚜️ आपके उपर यदि मंगल कि दशा चल रही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो भगवान कार्तिकेय का पूजनकरें। मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी कार्य में सफलता प्राप्ति केलिये षष्ठी तिथि के सायंकाल में शिवमन्दिर में छः दीप दान करें। कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा परबाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं एवं सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती है।
जिस व्यक्ति का जन्म षष्ठी तिथि को होता है, वह व्यक्ति सैर-सपाटा पसंद करने वाला होता है। इन्हें देश-विदेश घुमनेका कुछ ज्यादा ही शौक होता है अत: ये काफी यात्राएं करते रहते हैं। इनकी यात्रायेंमनोरंजन और व्यवसाय दोनों से ही प्रेरित होती हैं। इनका स्वभाव कुछ रूखा जैसा होताहै और छोटी छोटी बातों पर भी लड़ने को तैयार हो जाता हैं।

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