Aaj ka Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 28 फरवरी 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 28 फरवरी 2023
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए । मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
मंगलवार के व्रत से सुयोग्य संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन उत्तरायण
🌦️ ऋतु – सौर बसन्त ऋतु
🌤️ मास – फाल्गुन माह
🌖 पक्ष -शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – अष्टमी 05:13 AM बजे तक उपरान्त नवमी तिथि है।
✏️ तिथि स्वामी – तिथि की देवी हैं दुर्गा। दशमी – इस तिथि के देवता हैं यमराज।
💫 नक्षत्र – रोहिणी 09:17 AM तक उपरान्त मृगशिरा नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र का स्वामी शुक्र है। नक्षत्र देवता: ब्रह्मा जी है।
📢 योग – विष्कुम्भ 18:51 PM तक उपरान्त प्रीति योग है।
⚡ प्रथम करण : बालव – 03:16 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : कौलव – 04:18 ए एम, मार्च 01 तक
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का (अशुभ) काल 12:34 पी एम से 02:00 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:00 बजे से 16:30 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:16:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:44:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:08 ए एम से 05:58 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:33 ए एम से 06:48 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:11 पी एम से 12:57 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:29 पी एम से 03:15 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:18 पी एम से 06:43 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:20 पी एम से 07:35 पी एम
💧 अमृत काल : 12:08 ए एम, मार्च 01 से 01:54 ए एम, मार्च 01
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:08 ए एम, मार्च 01 से 12:58 ए एम, मार्च 01
❄️ रवि योग : 07:20 ए एम से 06:47 ए एम, मार्च 01
💥 विष्कुंभ योग – आज शाम 4 बजकर 26 मिनट तक
☄️ रोहिणी नक्षत्र – आज सुबह 7 बजकर 20 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏻 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में सिंदूर का चोला चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व व त्यौहार – रवियोग, स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय जयंती, महाराणा प्रताप के पिता राणा उदयसिंह स्मृति दिवस, दिग्विजय सिंह जन्म दिवस, अरुण जेटली (भारतीय राजनेता, वकील) जन्म दिवस, मुगल बादशाह बहादुर शाह स्मृति दिवस, कमला नेहरु पुण्यतिथि, मोरारजी रणछोड़जी देसाई जन्मोत्सव, आचार्य आर्यनंदी, कृष्णकांत जयंती, उप्पलापु श्रीनिवास जयंती, डॉ. राजेंद्र प्रसाद (स्वतंत्रता सेनानी) स्मृति दिवस, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (रमन प्रभाव खोज दिवस), विश्वविख्यात गायक ‘पंडित जसराज’ जन्म दिवस, राष्ट्रीय डि-एडिक्शन दिवस (मोरारजी देसाई का जन्म दिवस)
✍🏼 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🗼 Vastu tips 🗽
वास्तु शास्त्र के अनुसार पानी के नल को और शावर को घर की उत्तर पूर्व दिशा में लगाना चाहिए। वाश बेसिन को भी उत्तर या फिर ईशान कोण पर होना चाहिए।
वहीं गिजर को घर के आग्नेय कोण पर होना चाहिए। नहाने के लिए उपयोग में आने वाला बाथ टब भी आप उत्तर या ईशान कोण में रख सकते हैं। साथ ही घर से पानी के निकासी की व्यवस्था उत्तर दिशा में करवानी चाहिए। इन सब के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण बात का ध्यान रखना चाहिए कि पानी के नल और शावर को उपयोग करने के बाद सही ढंग से बंद कर देना चाहिए। क्योंकि अगर इससे पानी टपकता है तो घर में धन संबंधी दिक्कतें आती हैं और कई तरह के नुकसान होते हैं।
कई बार ऐसा देखा जाता है कि घर में लगे नल को साफ करते समय वह अपनी जगह से हिल जाते हैं और फिर नल में से पानी टपकने लग जाता है। हालांकि नल से पानी टपकने के और भी कई कारण हो सकते हैं। कई बार ऐसा होता है कि नल के अंदर पानी या फिर कुछ समान जमा हो जाता है जिसके चलते नल ब्लॉक हो जाता है और लीक करने लग जाता है। वास्तु के अनुसार, नल से पानी टपकना होता है अशुभ माना जाता है।
🔏 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
कोई आपको शत्रु मान के परेशान करता हो तो …
कोई आपको शत्रु मान के परेशान करता हो तो प्रतिदिन प्रात:काल पीपल के नीचे वृक्ष के दक्षिण की ओर अरंडी के तेल का दीपक लगायें तथा थोड़ी देर गुरुमंत्र या भगवन्नाम जपें और उस व्यक्ति को भगवान सद्बुद्धि दें तथा मेरा, उसका-सबका मंगल हो ऐसी प्रार्थना करें | कुछ दिनों तक ऐसा करने से शत्रु शनै: शनै : दब जाते हैं व शत्रु पीड़ा धीरे-धीरे दूर हो जाती है |
🍻 आरोग्य संजीवनी 🍺
पित्त की समस्याओं के लिए
मोबाइल फोन से सिरदर्द, आँखों की जलन और बहुत सारी गडबडियाँ पायी गयी हैं | अत: मोबाइल का उपयोग कम करें | जिनको सिरदर्द हो या आँखों में जलन हो, मुँह में छाले हों उनको पित्त की तकलीफ है | वे सुबह मंजन करते समय एक कटोरी में ठंडा पानी लें, उसका एक कुल्ला मुँह में रखें, बाकी के पानी में एक-एक आँख डुबा के आधा-आधा, एक-एक मिनट मिचकाये फिर मुँह का पानी बाहर कुल्ला कर दें तो मस्तक में चढ़ी हुई गर्मी आँखों व दाँतों के द्वारा भी नीचे आयेगी | सुबह सूर्योदय से पूर्व स्नान करें और सर्वप्रथम अपने सिर पर पानी डालें | पहले पैरों पर पानी डालने से पैरों की गर्मी सिर पर चढती हैं |
शयनं पित्तनाशाय….. गहरी नींद पित्त को उखाड़ फेंकती है | रात को नींद नहीं आती है तो गुनगुने पानी में थोड़ी मिश्री डाल के सोने के आधा-पौना घंटा पहले पी लो, फिर थोड़ा घूम-फिर के सो जाओ | सोते समय श्वास अंदर जाय तो ‘ॐ;, बाहर आये तो ‘1’….. श्वास अंदर जाय तो ‘शांति’, बाहर आये तो ‘2’….. – ऐसी मानसिक गिनती करो | अथवा तो अच्छी नींद आने का मंत्र जपो | इससे नींद अच्छी आयेगी |
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
भविष्य में आने वाली समस्याओं का अनुमान लगाना मुश्किल कार्य है। लेकिन उन समस्याओं से बचने के लिए या उनसे निपटने के लिए महापुरुषों द्वारा दिए गए ज्ञान का सहारा अवश्य लिया जा सकता है। आज आचार्य श्री गोपी राम की शास्त्र नीति के इस भाग में हम बात करेंगे कि एक व्यक्ति को विपरीत परिस्थितयों में किस तरह का व्यवहार करना चाहिए। आइए जानते हैं।
प्रलये भिन्नमर्यादा भवन्ति किल सागराः ।
सागरा भेदमिच्छन्ति प्रलयेऽपि न साधवः ।।
शास्त्र नीति के अनुसार जिस अथाह सागर को हम सभी गंभीर समझते हैं, वही प्रलय आने पर विकराल रूप धारण कर लेता है और अपनी मर्यादाओं को भूलता हुआ जल-थल एक देता है। किन्तु श्रेष्ठ एवं साधु व्यक्ति संकटों का पहाड़ टूट जाने पर भी अपना संयम नहीं त्यागता है और अपनी बुद्धिमानी से उन समस्याओं का समाधान निकालता है। ऐसे ही श्रेष्ठ व्यक्ति को सागर से भी महान कहा जाता है। इसलिए व्यक्ति को मुश्किल के समय अपना संयम नहीं खोना चाहिए, अन्यथा वह और अधिक मुश्किलों में पड़ सकता है। जबकि, इस स्थिति में शांत रहते हुए उन समस्याओं से कैसे बचा जाए इसकी तैयारी करनी चाहिए।
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।
नवमी तिथि को जन्म लेने वाला व्यक्ति भाग्यशाली एवं धर्मात्मा होता है। इस तिथि का जातक धर्मशास्त्रों का अध्ययन कर शास्त्रों में विद्वता हासिल करता है। ये ईश्वर में पूर्ण भक्ति एवं श्रद्धा रखते हैं। धनी स्त्रियों से इनकी संगत रहती है तथा इसके पुत्र गुणवान होते हैं।

