Aaj ka Panchang आज का पंचांग रविवार, 03 सितम्बर 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 03 सितम्बर 2023
03 सितम्बर 2023 दिन रविवार को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष कि चतुर्थी तिथि है। आज संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत है। इसे बहुला चतुर्थी व्रत भी कहा जाता है। सायंकाल में श्रीगणेश जी की पुजा आराधना पूरी श्रद्धा से करने के बाद रात्री 10 :37 PM पर चंद्रोदय होने के बाद चन्द्रमा को अर्घ्य प्रदान करके ही व्रत को खोला जाता है। “या पालयन्त्यनाथाश्च परपुत्रान् स्वपुत्रवत्। ता धन्यास्ता: कृतार्थाश्च तास्त्रियों: लोकमातर:”।। इस मंत्र से गौ पूजन करना चाहिए। यह व्रत अपने बच्चों के जीवन में आनेवाली अनेकों प्रकार के कष्ट-परेशानियाँ एवं विफलताओं से रक्षा के निमित्त माताओं को करना चाहिए। आज दिन में 03:58 के बाद पंचक (पचखा) समाप्त हो जाएगा। आप सभी सनातनियों को संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत की हार्दिक शुभकामनायें।।
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
⛈️ मास – भाद्रपद मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – भाद्रपद कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि 06:24 PM तक उपरांत पंचमी
✏️ तिथि का स्वामी – चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणपति जी और पंचमी तिथि के स्वामी नाग देवता जी है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र रेवती 10:38 AM तक उपरांत अश्विनी
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र के देवता पूषा हैं। तथा नक्षत्र के स्वामी ग्रहों में बुध हैं।
📢 योग – वृद्धि योग 03:11 AM तक, उसके बाद ध्रुव योग
⚡ प्रथम करण : बव – 07:31 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : बालव – 06:24 पी एम तक कौलव – 05:27 ए एम, सितम्बर 04 तक
🔥 गुलिक काल : रविवार का शुभ (गलिक काल) 03:37 पी एम से 05:16 पी एम
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से पान या घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सायं – 4:30 से 6:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:23:53
🌅 सूर्यास्त – सायं 18:50:48
🎇 ब्रह्म मुहूर्त : 04:29 ए एम से 05:15 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:52 ए एम से 06:00 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:55 ए एम से 12:46 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:27 पी एम से 03:18 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:41 पी एम से 07:04 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:41 पी एम से 07:49 पी एम
💧 अमृत काल : 08:25 ए एम से 09:54 ए एम 02:36 ए एम, सितम्बर 04 से 04:07 ए एम, सितम्बर 04
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:58 पी एम से 12:43 ए एम, सितम्बर 04
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 10:38 ए एम से 06:00 ए एम, सितम्बर 04
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में स्वर्ण भेंट करें।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – बहुला चतुर्थी व्रत (चंद्रोदय रात्रि 9:17 मि.)/सर्वार्थसिद्धि योग/रक्षा पंचमी (उड़ीसा)/ गणेश संकष्ट चतुर्थी व्रत/ हेरंब संकष्टी चतुर्थी, अभिनेता पृथ्वीराज कपूर जयन्ती, भारतीय राजनीतिज्ञ कमलापति त्रिपाठी जयन्ती, तबला वादक पंडित किशन महाराज जन्म दिवस, (National Watermelon Day ), पंचक समाप्ति 10. 37
✍🏼 विशेष – चतुर्थी तिथि को मूली एवं पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों त्याज्य होता है। इसलिए चतुर्थी तिथि को मूली और तिल एवं पञ्चमी को बिल्वफल नहीं खाना न ही दान करना चाहिए। चतुर्थी तिथि एक खल और हानिप्रद तिथि मानी जाती है। इस चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं तथा यह चतुर्थी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्थी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी गयी है।
🗽 Vastu tips 🗼
वास्तु के अनुसार सकारात्मक ऊर्जा हमेशा पूर्व से पश्चिम, उत्तर से दक्षिण या पूर्वात्तर से दक्षिण-पश्चिम के नैऋत्य कोण की ओर बहती है, इसलिए उत्तर और पूर्व में कम घने और छोटे पौधे लगाना चाहिए जिससे सकारात्मक उर्जा के आने में अवरोध न उत्पन्न हो। घर में पूर्व दिशा में फूलों के पौधे, घास और मौसमी पौधे लगाने से घर के लोगों को स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या नहीं होती है। पान, हल्दी,चन्दन आदि कुछ पौधों को पश्चिम-उत्तर के कोने में लगाने से परिवार के सदस्यों में आपसी प्रेम बढ़ता है।
इन पौधों को घर में न लगाएं वास्तु शास्त्र के मुताबिक, नीम्बू, कैक्टस आदि काटेदार पेड़-पौधों को घर केस अन्दर नहीं लगाना चाहिए साथ ही ऐसे पौधे जिनसे दूध निकलता है उन्हें भी नहीं लगाना चाहिए, ऐसे पौधों को अशुभ माना जाता है। ऐसे पौधों से नकारात्मक ऊर्जा निकलती है जिससे घर में अशांति रहती है। काटेदार पौधों में गुलाब का पौधा घर में लगाना शुभ माना जाता है लेकिन काला गुलाब नहीं लगाना चाहिए क्योंकि काला गुलाब लगाने से चिंता बढ़ती है। घर में ऐसे पेड़-पौधे भी नहीं लगाने चाहिए जो सांप, मधुमक्खी, उल्लू आदि को आमंत्रित करते हैं।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
पेट के लिए हेल्दी है रोज 1 संतरा खाना आपको पेट से जुड़ी कई बीमारियों से बचा सकता है। इसका फाइबर आपके पाचन तंत्र तेज करने और वेट बैलेंस करने में मदद कर सकता है। संतरे में मौजूद फाइबर का आधा हिस्सा घुलनशील फाइबर होता है, जो एक जेल पदार्थ बना सकता है जो पाचन को धीमा कर देता है। इससे न सिर्फ भूख कंट्रोल होती है बल्कि, डायबिटीज भी कंट्रोल में रहता है।
विटामिन सी से भरपूर संतरा विटामिन सी का एक बड़ा स्रोत है। विटामिन सी कोलेजन के निर्माण को बढ़ावा देकर आपकी त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है, आपके शरीर में आयरन की कमी को रोकता है। इसके अलावा विटामिन सी इम्यूनिटी बीस्टर भी है और आपको स्किन से जुड़ी कई समस्याओं से बचाने में मदद कर सकता है।
फोलेट से भरपूर संतरा फोलेट यानी बी9 से भरपूर है जो कि डीनए बनाने में मददगार है। ये न सिर्फ सेल्स और न्यूरॉन्स की सेहत को बेहतर बनाने में मददगार है बल्कि, ये महिलाओं की सेहत के लिए भी अच्छा है। प्रेगनेंसी में भी महिलाएं इस फल का सेवन कर सकते हैं।
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
पूरे शरीर में खुजली क्रिएटिनिन बढ़ने पर आपके पूरे शरीर में खुजली हो सकती है। दरअसल, क्रिएटिनिन का बढ़ने से खून में कुछ दूषित कंपाउंड्स बढ़ जाते हैं इससे स्किन खराब होने लगती है और फिर धीमे-धीमे खुजली और दाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में तुंरत डॉक्टर को दिखाएं क्योंकि खुजली पूरे शरीर पर होती है और बढ़ती जाती है।
भून न लगना और मतली, क्रिएटिनिन बढ़ने का गंभीर लक्षण है। इसका मतलब यही है कि क्रिएटिनिन लेवल इतना बढ़ गया है कि अब आपको भूख भी नहीं लग रही है और आपका खाने का भी मन नहीं है। इसके अलावा जो आप खा भी रहे हैं वो पच नहीं पा रहा है और इसलिए आपको बार-बार मतली की समस्या हो सकती है।
पैरों में सूजन पैरों में सूजन के पीछे एक बड़ा कारण क्रिएटिनिन बढ़ना हो सकता है। दरअसल, पैरों का सूजन दो चीजों से जुड़ा होता है। पहला लिवर के प्रोसेस से और दूसरा किडनी के प्रोससे से। जब किडनी में टॉक्सिक कंपाउंड बढ़ता है तो इसकी वजह से पैरों में सूजन बढ़ती है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
भगवान ने स्त्री की रचना करते समय उसमें क्या कमी रखी?
आप कह रहे हैं भगवान ने स्त्री की रचना करते समय उसमें क्या कमी राखी।
मैं तो कहता हूं भगवान ने स्त्री को ही पूरे ब्रह्मांड का सबसे संपूर्ण कलाकृति बनाई ।
स्त्री में किसी भी चीज की कमी नहीं है हर चीज भरपूर है स्त्री ही परमात्मा की सबसे अनमोल और पूर्ण कलाकृति है।
परमात्मा ने स्त्री को ही सर्वश्रेष्ठ कलाकृति बनाई । जिसका मुकाबला दुनिया में किसी से भी नहीं की जा सकती
आपको पता होगा कि स्त्री के माध्यम से ही भगवान राम धरती पर आए।
स्त्री के माध्यम से ही भगवान श्री कृष्णा धरती पर आये।
न जाने कितने कितने गुरु पीर पैगंबर महान शक्तियां स्त्री के ही शरीर से आती है।
आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आखिर स्त्री क्यों इतना अमूल्य है ।
स्त्री परमात्मा की अद्भुत रचना है संपूर्ण है अपने आप में पूर्ण जीवन है।
जिसमें लेस मात्रा भी कमी नहीं है और मैं तो कहता हूं स्त्री क्या सृष्टि में कोई ऐसा चीज नहीं है जिसमें कमी हो परमात्मा की हर रचना चाहे वह घास का एक तिनका हो चाहे ब्रह्मांड का कोई वस्तु हो चाहे कोई प्राणी हो चाहे कोई वनस्पति हो कुछ भी हो सब परिपूर्ण है। अपने आप में पूर्ण है।
वही कहानी की कोई इंसान जा रहा था देखा कि तरबूज बड़े-बड़े लगे हैं परमात्मा से कहा परमात्मा की भी क्या खुब रचना है इतने पतले डंठल में तरबूज लगा रखा है और इतने बड़े आम के पेड़ मे छोटे फल।
आम के नीचे चद्दर बिछा के लेट गया ऊपर से एक आम गिरा उसकी नाक पर समझ आया की अगर तरबूज आम के पेड़ पर होता तो हमारी क्या दशा होती ।
परमात्मा जो करता है अच्छे के लिए करता है परमात्मा की सृष्टि अद्भुत है परमात्मा की रचना अद्भुत है।
▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬
⚜️ चतुर्थी तिथि में तिल कादान और भक्षण दोनों भी त्याज्य है। आज गणपति, गजानन, विघ्नहर्ता श्री गणेशजी की पूजा का विशेष महत्त्व है। आज गणपति कीपूजा के उपरान्त मोदक,बेशन के लड्डू एवं विशेष रूपसे दूर्वादल का भोग लगाना चाहिये इससे मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है।
ज्योतिष शास्त्रानुसार जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्थी तिथि को होता हैवह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। चतुर्थी तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्तिबुद्धिमान एवं अच्छे संस्कारों वाला होता है। ऐसे लोग अपने मित्रों के प्रति प्रेमभाव रखते हैं तथा इनकी सन्तानें अच्छी होती है। इन्हें धन की कमी का सामना नहीं करनापड़ता है और ये सांसारिक सुखों का पूर्ण उपभोग करते हैं।

