मध्य प्रदेश

3 दिन से नगर में मचा हाहाकार, नगर पालिका ने स्वयं के टैंकर दमकल और प्राइवेट टैंकरों से कुछ वार्डों में भेजा पानी

सेमरी बांध में नाम मात्र का बचा पानी जल सप्लाई प्रभावित होने से
सलैया स्टाप डैम के फाउंडेशन के नीचे भरे पानी को इंटेकवेल तक भेजने लगाई मोटरे
कलेक्टर से परमिशन लेकर आनन-फानन में कराए जा रहे हैं पांच खनन

ब्यूरो चीफ: शब्बीर अहमद
बेगमगंज । रायसेन जिले का बेगमगंज पेयजल समस्या से जूझ रहा है 3 दिन से जल सप्लाई नहीं होने से हाहाकार मच गया है। नगर पालिका द्वारा पीने के लिए पानी उपलब्ध कराने के लिए टैंकर दमकलों से पानी भेजने की व्यवस्था की गई है जो ऊंट के मुंह में जीरे के समान हैं।
मूंग की फसल के लिए किसानों ने सारा पानी खींच लिए जाने से सेमरी बांध के अंदर पानी नाम मात्र का बचा होने से जल संकट पैदा हुआ है।
लोकसभा चुनाव से पहले तहसीलदार द्वारा सेमरी नदी से सिंचाई कर रहा है किसानों पर कार्यवाही करने पर राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई को बीच में रोकना पड़ा था जिससे अब यह स्थिति नगर में बनी है की डेम और नदी में पानी ही नहीं बचा है। सेमरी नदी के सलैया घाट पर बने स्टाप डैम के फाउंडेशन के नीचे काफी पानी रुका हुआ है जिसे इंटकवेल तक भेजने के लिए नगर पालिका द्वारा 3 दिन से चार विद्युत मोटर दो इंजन व अन्य तरीकों से 24 घंटे पानी नीचे फेंका जा रहा है। जिसके लिए लगातार आठ कर्मचारी 24 घंटे ड्यूटी दे रहे हैं ।
नागरिकों का आरोप है कि नगर के अंदर जो जलस्रोत थे उन्हें पहले ही पूरी तरह से खत्म कर दिया गया । और सेमरी जलाशय पर ही निर्भर रहने के कारण यह स्थिति बनी है।
यदि शीघ्र कोई व्यवस्था नहीं हो पाई तो स्थिति और ज्यादा बिगड़ने का खतरा बना हुआ है ।
नगर पालिका परिषद सेमरी जलाशय योजना के अधिकारी किसानो और अधिकारियों पर दोषारोपण कर रहे हैं कि मूंग की सिंचाई पर पाबंदी नहीं लगाने से यह स्थिति बनी।
एक और जहां जल संकट है वहीं नगर पालिका के निर्माण कार्य प्राइवेट मकान निर्माण और बिना टोटी के नलों से पानी फेंकने पर पर रोक प्रशासन द्वारा नहीं लगाई गई है।

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