ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग रविवार, 13 अगस्त 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 13 अगस्त 2023

आज रविवार का प्रदोष व्रत है। आज यायी (मुद्दई) जयद् योग भी है। आप सभी सनातनियों को रविवार के प्रदोष व्रत की हार्दिक शुभकामनायें।।
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
⛈️ मास – श्रावण मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – श्रावण माह कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि 08:20 AM तक उपरांत त्रयोदशी
✏️ तिथि स्वामी – त्रयोदशी तिथि के स्वामी कामदेव को माना गया है। तथा तिथि में धन के स्वामी कुबेर जी है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र आद्रा 08:26 AM तक उपरांत पुनर्वसु
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र का स्वामी राहु है । राशि के स्वामी ग्रह बुध का प्रभाव भी रहता है।
🔊 योग – वज्र योग 03:55 PM तक, उसके बाद सिद्धि योग
प्रथम करण : तैतिल – 08:19 ए एम तक
द्वितीय करण : गर – 09:20 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : रविवार का शुभ (गलिक काल) 03:37 पी एम से 05:16 पी एम
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से पान या घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सायं – 4:30 से 6:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:35:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:35:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:23 ए एम से 05:06 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:44 ए एम से 05:49 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:59 ए एम से 12:52 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:38 पी एम से 03:31 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:03 पी एम से 07:24 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 07:03 पी एम से 08:07 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:05 ए एम, अगस्त 14 से 12:48 ए एम, अगस्त 14
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में केसर चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – प्रदोष व्रत/भारतीय सिनेमा की ख्यातिप्राप्त अभिनेत्रियों श्रीदेवी जयन्ती, अभिनेता सुनील शेट्टी जन्मोत्सव, अभिनेत्री वैजयंती माला जन्म दिवस, महान् शिक्षाशास्त्री रमेश चन्द्र दत्त जन्म दिवस, भारत की वीरांगना अहिल्याबाई होल्कर पुण्य तिथि, मध्य अफ्रीकी गणराज्य स्वतंत्रता दिवस, भारतीय महिला क्रांतिकारी भीकाजी कामा शहीद दिवस, सोमनाथ चटर्जी पुण्यतिथि, विश्व अंगदान दिवस
✍🏼 तिथि विशेष:- त्रयोदशी तिथि को बैंगन त्याज्य होता है। अर्थात आज त्रयोदशी तिथि में भूलकर भी बैंगन की सब्जी या भर्ता नहीं खाना चाहिए। त्रयोदशी तिथि जयकारी अर्थात विजय दिलवाने वाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों क्षेत्रों में सिद्धियों को देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी होती है।
🗼 Vastu Tips 🗽
वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे स्टडी रूम में सही रंग के चुनाव के बारे में। वास्तु के अनुसार बच्चों के रूम में सही रंग के चुनाव का भी उतना ही ध्यान रखना चाहिए, जितना कि- बाकी चीज़ों का, क्योंकि रंग से उस जगह का वातावरण तय होता है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक बच्चों के स्टडी रूम में हल्का पीला, हल्का गुलाबी या हल्का हरा रंग करवाना बेहतर होता है। पीला रंग विद्या का रंग होता है और हरा रंग बुद्धि के देवता का रंग है। अतः स्टडी रूम के लिए इन रंगों का चुनाव करने से बच्चे की बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होती है, उसका विवेक मजबूत होता है और स्मरण शक्ति अच्छी होती है।
किताबों को रखने के लिए सही दिशा क्या है? वास्तु शास्त्र के अनुसार स्टडी रूम में किताबों की अलमारी और पढ़ाई करते वक्त बच्चे के बैठने की सही दिशा भी जरूरी है। किताबों की अलमारी को रखने के लिए स्टडी रूम में पश्चिम दिशा का चुनाव करना चाहिए। अगर पश्चिम दिशा में ज्यादा स्पेस न हो तो पश्चिम से दक्षिण की तरफ वाली दिवार के पास रख सकते हैं। इसके अलावा पढ़ाई करते समय बच्चे का मुंह पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए। अगर पूर्व दिशा में व्यवस्था न हो तो आप उत्तर-पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके भी पढ़ सकते हैं। इससे बच्चे को चीजें आसानी से समझ में आती हैं
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
पुदीना इमली की चटनी के फायदे- पुदीना इमली की चटनी खाने के कई फायदे हैं। ये चटनी असल में एंटा एसिड की तरह काम करती है और फिर पेट में एसिड रिफल्स को कम कर देती है। पुदीना पेट को जहां ठंडा करता है, गुड़ ब्लोटिंग को रोकता है। तीसरा, इमली विटामिन सी और एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है जो कि पूरे पाचन तंत्र पर कारगर तरीके से काम करता है।
तो, इस प्रकार से ये चटनी आपकी सेहत के लिए हर प्रकार से फायदेमंद है। तो, अगर आपने कभी पुदीना इमली की चटनी ट्राई नहीं की है तो इसे एक बार जरूर ट्राई करें। ये आपकी सेहत के लिए हर प्रकार से फायदेमंद होगा
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
जुकाम और बुखार से बचने के टिप्स बार-बार चेहरा न छुएं जुकाम, बुखार और फ्लू से बचने के लिए आप बार-बार चेहरे, नाक और मुंह को छूने से बचें। अगर आपके आस-पास किसी को कोल्ड हुआ हो तो उससे दूरी बनाएं और मास्क का प्रयोग करें।
खूब पानी पिएं पानी की कमी के कारण भी शरीर में बीमारियां लगती हैं। पानी से हमारे शरीर में मौजूद टॉक्सिन बाहर निकल जाते हैं। अगर आप से सादा पानी नहीं पिया जाता है तो आप पानी में नींबू, लैमनग्रास, पुदीना आदि मिलाकर भी पी सकते हैं।
साफ-सफाई की ख्याल रखें बरसात के मौसम में साफ-सफाई का खास ख्याल रखना चाहिए। गंदगी में मक्खी और अन्य कीटाणु पनपते हैं, जिनसे बीमारियां फैलती हैं। इंफेक्शन से बचने के लिए आप बाहर से आने पर कपड़ों को सीधे धुलने के लिए डालें।
एयर कंडीशनर में न सोएं बदलते मौसम में एयर कंडीशनर में सोने से बचें। दरअसल, रात के समय ज्यादा ठंडक हो जाती है ऐसे में एयर कंडीशनर में सोने पर आप ठंड के कारण बुखार का शिकार हो सकते हैं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
शादी से पहले लड़के और लड़की दोनों के लिए ही जीवनसाथी का चुनाव बहुत मायने रखता है। शादी को लेकर जल्दबाजी में किया गया फैसला दो जिंदगियां बर्बाद कर देता है। आचार्य श्री गोपी राम ने अपने शास्त्र में बताया है कि महिला के इन गुणों के वजह से शादी के बाद पति और परिवार का जीवन खुशियों से भर जाता है। ऐसी लड़की से शादी होना सौभाग्य की बात है, इनके घर में होने से धरती पर ही जीवन स्वर्ग सा लगता है।। चलिए हम आपको बताते हैं
मर्यादा का ख्याल रखना शादी के बाद जिस लकड़ी के लिए उनका पति ही सबकुछ होता है। जो भूलकर भी पराए पुरुष के बारे में न सोचती हो ऐसी पत्नी पतिव्रता कहलाती है। ऐसी स्त्रियां कभी अपनी मर्यादा नहीं लांघती हैं। ऐसी स्त्रियां शादी के बाद ये पति का हर सुख-दुख में साथ देती है। आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं कि जीवनसाथी के व्यवहार से उसके सच्चे और अच्छे होने का पता लगाया जा सकता है। इसलिए शादी से पहले लाइफ पार्टनर ऊपरी तौर पर कैसा दीखता उससे ज़्यादा उनके अंदर के गुणों और संस्कारों पर ध्यान देना चाहिए।
झगड़ा नहीं करने वाली जो लड़कियां शांत स्वभाव की होती हैं और किसी भी छोटी से छोटी बात पर पति या ससुरालवालों से झगड़ा नहीं करती हैं। ऐसी लड़कियों का उनके ससुराल में बहुत आदर और मान होता है।
धर्म पर यकीन करनेवाली धर्म कर्म से जुड़ी स्त्री के घर में कभी सुख-शांति भंग नहीं होती। ऐसी स्त्री न केवल अपने ससुराल वालों को अपने गुणों से प्रस्सन करती है बल्कि उनके ये गुण उनके बच्चों के अंदर भी आते हैं। इससे कई पीढ़ियों का उद्धार हो जाता है। धर्म व्यक्ति को अनिष्ट करने से रोकता है।
लालच से दूर रहने वाली जिन स्त्रियों में लालच की भावना नहीं होती वो स्त्रियां घर को स्वर्ग बना देती हैं। मुष्किल समय में धैर्य और संतोष ही काम आता है। जो स्त्री शादी के बाद अपने परिवार की आर्थिक हालत को देखते हुए संतुलन बनाए रखकर अपनी खाव्हिशों को पूरा करती है वो पति और ससुराल वालों की नज़र में किसी हीरा से कम नहीं होती।
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ इस त्रयोदशी तिथि के देवता मदन (कामदेव) हैं। शास्त्रानुसार भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र हैं भगवान कामदेव। कामदेव प्रेम और आकर्षण के देवता माने जाते हैं। जिन पुरुषों अथवा स्त्रियों में काम जागृत नहीं होता अथवा अपने जीवन साथी के प्रति आकर्षण कम हो गया है, उन्हें आज के दिन भगवान कामदेव का उनकी पत्नी रति के साथ पूजन करके उनके मन्त्र का जप करना चाहिये। कामदेव का मन्त्र – ॐ रतिप्रियायै नम:। अथवा – ॐ कामदेवाय विद्महे रतिप्रियायै धीमहि। तन्नो अनंग: प्रचोदयात्।
आज की त्रयोदशी तिथि में सपत्निक कामदेव की मिट्टी कि प्रतिमा बनाकर सायंकाल में पूजा करने के बाद उपरोक्त मन्त्र का जप आपका वर्षों का खोया हुआ प्रेम वापस दिला सकता है। आपके चेहरे की खोयी हुई कान्ति अथवा आपका आकर्षण आपको पुनः प्राप्त हो सकता है इस उपाय से। जो युवक-युवती अपने प्रेम विवाह को सफल बनाना चाहते हैं उन्हें इस उपाय को करना चाहिये। जिन दम्पत्तियों में सदैव झगडा होते रहता है उन्हें अवश्य आज इस उपाय को करना चाहिये।
त्रयोदशी तिथि ज्योतिषशास्त्र में अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति महापुरूष होता है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान होता है और अनेक विषयों की अच्छी जानकारी रखने वाला होता है। यह व्यक्ति काफी विद्वान होता है तथा अन्यों के प्रति दया भाव रखने वाला एवं किसी की भी भलाई करने हेतु सदैव तत्पर रहने वाला होता है । इस तिथि के जातक समाज में काफी प्रसिद्धि हासिल करते ही हैं।

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