ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग रविवार, 17 सितम्बर 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾

रविवार 17 सितम्बर 2023

17 सितम्बर 2023 दिन रविवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष कि द्वितीया तिथि है। आज कन्या राशी की संक्रान्ति है, और इसी दिन भगवान श्रीविश्वकर्म देव जी का जयन्ती आदिकाल से मनायी जाती है। आज उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के प्रथम चरण में (प्रातः 04:11 AM) पर आ जाएंगे। आज पवित्र गोदावरी नदी में स्नान करने एवं घर और वस्त्र दान करने का बहुत ही महत्व बताया गया है। आप सभी सनातनियों को विश्वकर्मा पुजा की हार्दिक शुभकामनायें।।
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
⛈️ मास – भाद्रपद मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – शुक्ल पक्ष भाद्रपद | द्वितीया तिथि 11:09 AM तक उपरांत तृतीया
✏️ तिथि का स्वामी – द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्मा जी और तृतीया तिथि की स्वामी माँ गौरी और कुबेर देव जी है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र हस्त 10:02 AM तक उपरांत चित्रा
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा है। तथा नक्षत्र देव बुध है।
🔕 योग – ब्रह्म योग 04:27 AM तक, उसके बाद इन्द्र योग
प्रथम करण : कौलव – 11:08 ए एम तक
द्वितीय करण : तैतिल – 11:57 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : रविवार का शुभ (गलिक काल) 03:37 पी एम से 05:16 पी एम
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से पान या घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सायं – 4:30 से 6:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:55:00 A.M
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:05:00 P.M
🎆 ब्रह्म मुहूर्त : 04:33 ए एम से 05:20 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:57 ए एम से 06:07 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:51 ए एम से 12:40 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:18 पी एम से 03:08 पी एम
🐂 गोधूलि मुहूर्त : 06:24 पी एम से 06:48 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:24 पी एम से 07:35 पी एम
💧 अमृत काल : 05:10 ए एम, सितम्बर 18 से 06:55 ए एम, सितम्बर 18
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:52 पी एम से 12:39 ए एम, सितम्बर 18
🪷 द्विपुष्कर योग : 10:02 ए एम से 11:08 ए एम
सर्वार्थ सिद्धि योग : 06:07 ए एम से 10:02 ए एम
🌊 अमृत सिद्धि योग : 06:07 ए एम से 10:02 ए एम
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में केसर चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – अमृत योग/सर्वार्थसिद्धि योग/ वराह जयंती, मुस्लिम रबि – उल – अव्वल मासारंभ, विश्वकर्मा पूजा , पीएम नरेंद्र मोदी का जन्‍मदिन (PM Narendra Modi Birthday), विश्व रोगी सुरक्षा दिवस’, भगवान विश्वकर्मा जयन्ती, हैदराबाद मुक्‍ति दिवस, चित्रकार (कार्टूनिस्ट) गगनेन्द्रनाथ टैगोर जयन्ती, स्वतंत्रता सैनानी वामनराव बलिराम लाखे जन्मोत्सव, भारत में राष्ट्रीय मजदूर दिवस
✍🏼 विशेष – द्वितीया तिथि को कटेरी फल का तथा तृतीया तिथि को नमक का दान और भक्षणदोनों त्याज्य बताया गया है। द्वितीया तिथि सुमंगला और कार्य सिद्धिकारी तिथि मानीजाती है। इस द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्माजी हैं। यह द्वितीया तिथि भद्रानाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वितीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्णपक्ष में शुभ फलदायिनी होती है।
🗼 Vastu Tips 🗽
अगर सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाना पड़े तो क्या करें?
मान लीजिए अगर आप बहुत दिनों के बाद घर में शाम के समय आ रहे हैं और आपके पीछे से घर बंद था। जिसकी वजह से पूरा घर में धूल-मिट्टी से पसरा हुआ है या आपके घर में कोई कार्यक्रम था, जिसके चलते आपके लिये घर में झाडू मारना आवश्यक हो गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार एक बात का ख्याल जरूर रखें। सूर्यास्त के बाद आप जब भी झाडू लगाएं तो उस कूड़े या मिट्टी को घर के बाहर न फेंके, कहीं एक जगह पर कूड़ेदान में ही रख दें और सुबह होने पर बाहर फेंक दें। माना जाता है कि शाम के समय मिट्टी घर के बाहर फेंकने से लक्ष्मी घर से बाहर चली जाती है और अलक्ष्मी घर में प्रवेश कर जाती है।
झाड़ू कब बदलना चाहिए?
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में पुरानी झाड़ू को बदलकर नई झाड़ू इस्तेमाल करने के लिये शनिवार के दिन का चुनाव करना चाहिए। शनिवार को नई झाड़ू का उपयोग करना बेहद शुभ माना जाता है। इसके अलावा झाड़ू को सदैव कृष्ण पक्ष में खरीदना उचित रहता है, जबकि शुक्ल पक्ष में खरीदी गई झाड़ू दुर्भाग्य का सूचक होती है। इसलिए इस समय में झाड़ू कभी नहीं खरीदनी चाहिए।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
किन घरों में कभी भी भूत पिशाच नहीं आते?
श्रीमान, भूत पिशाच वैसे तो सामान्य रूप से स्वत किसी विशेष कारण बिना किसी के भी घर में प्रवेश नही करते है।ज्यादातर लोगो द्वारा घर के बाहर की गई कुछ गलतियों के कारण ही उनके पीछे पीछे अथवा साथ में आ जाते हे।इसके अलावा उनके लिए कुछ अलग प्रकार की परिस्थिया यानी उनके अनुकूल वातावरण घर में बनने पर वह स्वत प्रवेश कर जाते है।आपने पूछा है की भूत पिशाच किन घरों में प्रवेश नही करते हे।जिन घरों में सात्विक प्रवृति के लोग रहते हे,भगवान की नित्य पूजा होती हो, सुबह ,शाम दीपक प्रज्ज्वलित होता हो,तुलसी तथा पानी के पत्र रखने की जगह दीपक रखा जाता हो,कुल देवी ,कुल देवता का समय समय पर पूजन होता हो,हवन ,कथा व्रत इत्यादि कर्म होते हो , दान पुण्य भी होते हो ,वहा कभी भी ये प्रवेश नही करते हे।अगर आपको फिर भी किसी विशेष परिस्थिति के बारे में कुछ जानना हो ,तो आप पुनः पूछ सकते है
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
बरगद का दूध पीने के क्या फायदा है?
चीनी से बने बताशे पर 5-6 बूंद बरगद के दूध को टपकाएं और दिन में 5-7 बार खाएं। ऐसा करने से आपकी यौन शक्‍ति बढ़ेगी और वीर्य पतला भी नहीं होगा। यह प्रयोग आपको दो सप्ताह तक करना होगा।ऐसा नहीं है कि यह केवल पुरूषो के लिये ही काम आता है।यह महिलाओ के लिए भी उपयोगी है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
माता पार्वती ने समुद्र देवता को क्यों और क्या श्राप दिया था?
शिव महापुराण के अनुसार, भगवान शिव को पाने के लिए हिमालय पुत्री पार्वती ने कठोर तपस्या की थी, उनकी तपस्या के तेज से तीनो लोक भयभीत हो उठे। जब सभी देवता इस समस्या को हल करने के लिए इसका उपाय ढूंढने में लगे थे तब समुद्र देवता माता पार्वती के स्वरूप पर मोहित हो गए|
जब माता पार्वती की तपस्या पूरी हो गई तब समुद्र देवता ने देवी उमा से विवाह का प्रस्ताव रखा। उमा ने समुद्रदेव की भावनाओं का ध्यान रखते हुए सम्मानपूर्वक कहा कि मैं पहले से ही भगवान शिव से प्रेम करती हूं। यह सुनकर समुद्र देव क्रोधित हो गए और भोलेनाथ को भला बुरा कहने लगे। उन्होंने भगवान शंकर का तिरस्कार करते हुए कहा कि ‘उस भस्मधारी आदिवासी में ऐसा क्या है जो मुझमें नहीं है, मैं सभी मनुष्यों की प्यास बुझाता हूं और मेरा चरित्र दूध की तरह सफेद है। हे उमा, मुझसे विवाह के लिए हामी भर दो और समुद्र की रानी बन जाओ।’
महादेव के अपमान होते देख माता पार्वती को समुद्र देवता पर अत्यंत क्रोधित हुईं और गुस्से में उन्होंने समुद्र देव को शाप दे दिया कि जिस मीठे जल पर तुम्हें इतना अभिमान और घमंड है, वह खारा हो जाएगा और तुम्हारा जल ग्रहण करना किसी भी मनुष्य के लिए सुरक्षित नहीं रहेगा। धार्मिक मान्यतानुसार तब से ही समुद्र का पानी खारा और पीने योग्य नहीं रहा।
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⚜️ प्रजापति व्रत दूज को ही किया जाता है तथा किसी भी नये कार्य की शुरुआत से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति हेतु ब्रह्माजी का पूजन अवश्य करना चाहिये। वैसे तो मुहूर्त चिंतामणि आदि ग्रन्थों के अनुसार द्वितीया तिथि अत्यन्त शुभ फलदायिनी तिथि मानी जाती है। परन्तु श्रावण और भाद्रपद मास में इस तिथि का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसलिये श्रावण और भाद्रपद मास कि द्वितीया तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये।
शास्त्र कहता है, द्वितीया तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है, उस व्यक्ति का हृदय साफ नहीं होता है। इस तिथि के जातक का मन किसी की खुशी को देखकर आमतौर पर खुश नहीं होता, बल्कि उनके प्रति ग़लत विचार रखता है। इनके मन में कपट और छल का घर होता है, ये अपने स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए किसी को भी धोखा दे सकते हैं। इनकी बातें बनावटी और सत्य से बहुत दूर होती हैं। इनके हृदय में दया की भावना बहुत ही कम होती है तथा यह किसी की भलाई तभी करते हैं जबकि उससे अपना भी लाभ हो। ये परायी स्त्री से अत्यधिक लगाव रखने वाले होते हैं जिसके वजह से कई बार इन्हें अपमानित भी होना पड़ता है।

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