ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 25 अगस्त 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 25 अगस्त 2023

25 अगस्त 2023 दिन शुक्रवार को शुद्ध श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। आज कुमारी नवमी व्रत है। आज के इस व्रत को कौमारी नवमी व्रत भी कहा जाता है। आप सभी सनातनियों को कौमारी नवमी व्रत की हार्दिक शुभकामनायें।।
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
⛈️ मास – अधिक श्रावण मास
🌓 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि : श्रावण माह शुक्ल पक्ष नवमी तिथि 02:02 AM तक उपरांत दशमी
🖍️ तिथि स्वामी – नवमी तिथि की स्वामी देवी दुर्गा हैं ऎसे में जातक को दुर्गा की उपासना अवश्य करनी चाहिए.
💫 नक्षत्र : नक्षत्र अनुराधा 09:14 AM तक उपरांत ज्येष्ठा
🪐 नक्षत्र स्वामी : अनुराधा नक्षत्र का स्वामी शनि है, जो राशि स्वामी मंगल का शत्रु है।
🔊 योग : वैधृति योग 06:50 PM तक, उसके बाद विष्कुम्भ योग
प्रथम करण : बालव – 02:42 पी एम तक
द्वितीय करण : कौलव – 02:02 ए एम, अगस्त 26 तक
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:21:43
🌅 सूर्यास्त – सायं 18:58:24
🎆 ब्रह्म मुहूर्त : 04:27 ए एम से 05:11 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:49 ए एम से 05:55 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:57 ए एम से 12:49 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:32 पी एम से 03:24 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:51 पी एम से 07:13 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:51 पी एम से 07:57 पी एम
💧 अमृत काल : 12:03 ए एम, अगस्त 26 से 01:37 ए एम, अगस्त 26
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:01 ए एम, अगस्त 26 से 12:45 ए एम, अगस्त 26
सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:55 ए एम से 09:14 ए एम
❄️ रवि योग : 09:14 ए एम से 05:56 ए एम, अगस्त 26
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-लक्ष्मी मंदिर में चांदी से बनी श्रंगार सामग्री चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : सर्वार्थसिद्धि योग/द्विपुष्कर योग, क्रिकेटर संजीव कुमार शर्मा जन्मोत्सव, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल जन्म दिवस, उपन्यासकार काजोल ऐकत जन्म दिवस, भौतिकी विज्ञानी और रसानशास्‍त्री माइकल फैराडे पुण्यतिथि, भारतीय अभिनेता अजीत वाच्छानी स्मृति दिवस, अभिनेता राजीव कपूर जन्म दिवस, हरिभाऊ उपाध्याय पुण्यतिथि, प्रसिद्ध क्रांतिकारी मख़दूम मोहिउद्दीन शहीद दिवस, उरुग्वे स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा
✍🏼 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🗺️ Vastu Tips 🗽
वास्तु में शास्त्र में हर एक चीज को रखने के लिए एक सही दिशा निर्धारित होती है, जिससे उस चीज के और उस दिशा के शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। उसी प्रकार धातु की चीजों को रखने के लिये भी एक सही दिशा निर्धारित है। आपको बता दें कि वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में धातु की चीजें रखने के लिए सबसे सही दिशा पश्चिम और वायव्य कोण, यानि उत्तर-पश्चिम दिशा है। इन दोनों ही दिशाओं में धातु की कोई चीज रखना शुभ फलदायी होता है।
वास्तु के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम दिशा में धातु की चीजें रखने से पिता को लाभ मिलता है। उनका दिमाग स्वस्थ रहता है। आपको मानसिक रूप से किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती। साथ ही आपकी बौद्धिक क्षमता में बढ़ोतरी होती है।
वहीं पश्चिम दिशा में धातु की चीज़ें रखने से सबसे अधिक फायदा घर की छोटी बेटी को होता है। इससे उनका हर्ष तत्व मजबूत होता है और उनकी खुशी बनी रहती है। साथ ही मुंह से जुड़ी परेशानियां नहीं होती और चेहरे का निखार बना रहता है।
▶️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
वायरल इन्फेक्शन के साथ सिरदर्द क्यों होता है-वायरल इन्फेक्शन सबसे ज्यादा इन्फ्लुएंजा की वजह से फैलता है। इन्फ्लुएंजा, जिसे आमतौर पर “फ्लू”, मोनोन्यूक्लिओसिस “मोनो” के रूप में जाना जाता है इसमें व्यक्ति सामान्य सर्दी के कारण बुखार और सिरदर्द से परेशान रहता है। मोनोन्यूक्लिओसिस, आमतौर पर हल्का होता है और फ्लू अपने इन लक्षणों के साथ लंबे समय तक रहता है। ऐसे में होता ये है कि बंद नाक की वजह से ऑक्सीजन का सप्लाई ब्रेन तक बाधित रहता है जिससे सिर में दर्द महसूस होता है। इसके अलावा कई बार कफ नैसेल पैसेज में जमा हो जाता है जिससे ठीक होने के बाद भी लंबे समय तक सिर दर्द रह सकता है। साथ ही कई बार बीमारी से रिकवरी के दौरान कमजोरी की वजह से भी सिर दर्द रहता है।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
तेज गति वाली एक्सरसाइज करना-महिलाओं को तेज गति वाली एक्सरसाइज खास कर वेट लिफ्टिंग जैसे इंटेंस एक्सरसाइज को करने से बचना चाहिए। अगर आप कर भी रही हैं तो आपको इसे लगातार करने से बचना चाहिए। ऐसा करना आपकी मांसपेशियों की कमजोर कर सकती हैं और फिर ये बच्चेदानी खिसकने का कारण बन सकता है।
सीढ़ियों पर बार-बार चढ़ने जैसे कठोर मूवमेंट्स -सीढ़ियों पर बार-बार चढ़ने और उतरने जैसे कठोर मूवमेंट्स भी पेल्विक मसल्स को कमजोर कर सकती हैं। ये चीज अक्सर उन महिलाओं के साथ होती है जो कि घर के कामों को तेज गति से करती हैं और इस दौरान इस बात का ध्यान नहीं देंती कि इसका आपके ब्लैडर के हिस्से पर क्या असर हो रहा है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
हर इंसान अपने जीवन में दो चीजों को लेकर चलता है एक अच्छाई और दूसरी बुराई। ये किसी सीक्के के दो पहलू की तरह है जिसके बिना आप किसी भी व्यक्ति को समझ नहीं सकते। लेकिन, दूसरों के बारे में चीजों को बताना तो आसान होता है पर तब क्या जब ये चीजें खुद के अंदर हो रही हों। जी हां, ज्यादातर लोग अपने अंदर की बुराई को देख नहीं पाते और इसकी वजह से वो कब पूरी तरह से नेगेटिव पर्सनालिटी बन जाते हैं, उन्हें इस बात का पता भी नहीं चलता है। ऐसे में जरूरी है आप अपने अंदर की इन 5 खामियों को प्वाइंट आउट करें।
नेगेटिव पर्सनालिटी बनाती हैं ये 5 बातें-कठोर और अहंकारी होना अगर आपका दृष्टिकोण लोगों के प्रति बेहद कठोर और बहुत आलोचनात्मक है तो आप नेगेटिव पर्सनालिटी बनने की ओर हैं। क्योंकि भले ही आप दूसरों की तुलनात्मक अवलोकन कर रहे हैं लेकिन, असल में आप अहंकारी हैं और अपने अहंकार को बढ़ावा दे रहे हैं और घमंडी बनते जा रहे हैं।
अगर आप फैसला सुनाने वालों में से हैं और आप दूसरे की बातों को नहीं सुनना चाहते तो ये आपको नेगेटिव पर्सनालिटी की ओर ले जा सकता है। क्योंकि इसी वजह से लोग आपके दूरी बनाएंगे और आपके डर से चीजें करेंगे न कि आपकी इज्जत से।
बेईमानी करना अगर आप अपने छोटे से काम में भी बेईमानी कर रहे हैं और ये सोच रहे हैं कि इससे कुछ नहीं होगा तो आप गलत है। क्योंकि बेईमानी कभी कम नहीं होती, हर दिन बढ़ती जाती है। आज आपने एक छोटे से काम में बेईमानी की है, कल आप बड़े तौर पर करेंगे और फिर एक दिन आपकी ईमानदारी मर जाएगी।
हमेशा निराशावादी रहे निराशा आपके मन को ही नहीं आपको भी खत्म कर सकती है। तो, अगर आप हमेशा निराशावादी शब्दों का इस्तेमाल करते हैं या फिर हमेशा बुरी चीजें घटित होने की आशा करते हैं तो ये नेगेटिव पर्सनालिटी की ओर संकेत करता है।
पुरानी बाते करना नेगेटिव पर्सनालिटी वाले लोग अक्सर पुरानी बातें करके परेशान रहते हैं और भविष्य में भी वैसा ही होने की चिंता जताते हैं। तो, अगर आपके अंदर आपको ये चीजें नजर आ रही हैं तो आपको संभल जाना चाहिए और इन तमाम चीजों को करने से बचना चाहिए।
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⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।
नवमी तिथि को जन्म लेने वाला व्यक्ति भाग्यशाली एवं धर्मात्मा होता है। इस तिथि का जातक धर्मशास्त्रों का अध्ययन कर शास्त्रों में विद्वता हासिल करता है। ये ईश्वर में पूर्ण भक्ति एवं श्रद्धा रखते हैं। धनी स्त्रियों से इनकी संगत रहती है तथा इसके पुत्र गुणवान होते हैं।

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