ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग रविवार, 29 अक्टूबर 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾

रविवार 29 अक्टूबर 2023 29 अक्टूबर 2023 दिन रविवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष कि प्रतिपदा तिथि है। धर्मशास्त्र एवं आयुर्वेद के मतानुसार कार्तिक मास में दाल एवं छाछ का सेवन नहीं करना चाहिए। यह दोनों दाल एवं छाछ कार्तिक मास में त्याज्य बताया गया है। लिखा है:- धर्मशास्त्रायुर्वेद मतेन द्विदल (दाल) तक्रश्च (छांछ या मट्ठा) कार्तिकेत्यजेत्। आज सर्वार्थसिद्धियोग एवं यायी (मुद्दई) जयद् योग है। आप सभी सनातनियों को “पवित्र कार्तिक मास एवं कार्तिक स्नान” की हार्दिक शुभकामनायें।। भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।। 🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है। रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें । रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है। 🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124_

🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – कार्तिक मास
🌔 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – कार्तिक मास कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि 11:53 PM तक उपरांत द्वितीया
✏️ तिथि स्वामी : प्रतिपदा (पड़वा) के देवता हैं अग्नि। इस तिथि में अग्निदेव की पूजा करने से धन और धान्य की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र भरणी 04:42 AM तक उपरांत कृत्तिका
🪐 नक्षत्र स्वामी : नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह होता है। तथा नक्षत्र के देवता यम है।
📢 योग : सिद्धि योग 08:00 PM तक, उसके बाद व्यातीपात योग
प्रथम करण : बालव – 12:49 पी एम तक
द्वितीय करण : कौलव – 11:52 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : रविवार का शुभ (गलिक काल) 03:37 पी एम से 05:16 पी एम
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से पान या घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सायं – 4:30 से 6:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:25:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:35:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:48 ए एम से 05:39 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:13 ए एम से 06:31 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:42 ए एम से 12:27 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 01:56 पी एम से 02:41 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:39 पी एम से 06:04 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:39 पी एम से 06:56 पी एम
💧 अमृत काल : 12:08 ए एम, अक्टूबर 30 से 01:39 ए एम, अक्टूबर 30
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:39 पी एम से 12:31 ए एम, अक्टूबर 30
🌸 त्रिपुष्कर योग : 04:42 ए एम, अक्टूबर 30 से 06:31 ए एम, अक्टूबर 30
🚓 यात्रा शकुन-ईलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में गुड़ चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – त्रिपुष्कर योग/ कार्तिक मासारंभ/ ग्रहण करिदिवस, भारतीय बॉक्सर विजेन्द्र कुमार सिंह जन्म दिवस, कमलादेवी चट्टोपाध्याय पुण्य तिथि, राष्ट्रीय बिल्ली दिवस . राष्ट्रीय साधु दिवस. राष्ट्रीय दलिया दिवस. रिकॉर्ड दिवस, अंतर्राष्ट्रीय इंटरनेट दिवस, मूल समाप्त
✍🏼 विशेष – रविवार को बिल्ब के वृक्ष / पौधे की पूजा अवश्य करनी चाहिए इससे समस्त पापो का नाश होता है, पुण्य बढ़ते है।रविवार के दिन भगवान सूर्य देव को आक का फूल अर्पण करना किसी भी यज्ञ के फल से कम नहीं है, इससे सूर्य देव की सदैव कृपा बनी रहती है ।रविवार को अदरक और मसूर की दाल का सेवन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए ।
🏝️ Vastu tips 🗽
मुख्य द्वार भवन की जिस दिशा में हो उस दिशा को नौ समान भागों में बाँटकर पाँच भाग दाहिने ओर से और दो भाग बायीं ओर से छोड़कर बीच के शेष भाग में ही मुख्य द्वार बनाना शुभ रहता है ।
भवन के मुख्य द्वार का आकार भवन के अन्य द्वारों की अपेक्षा बड़ा होना चाहिए ।
भवन के मुख्य द्वार के लिए उत्तर या पूर्व दिशा को काफी अच्छा माना जाता है। मुख्य द्वार को यथासंभव मध्य पश्चिम या दक्षिण में नहीं बनाना चाहिए।
मुख्य द्वार चार भुजाओं की चौखट वाला बनाना चाहिए। अर्थात इसमें दहलीज भी होनी चाहिए हैं। दहलीज युक्त भवन का मुख्य द्वार अति शुभ माना जाता है । यह मान्यता है कि बिना दहलीज़ के भवन में माँ लक्ष्मी प्रवेश नहीं करती है या टिकती नहीं है और ऐसे घर के सदस्य भी संस्कारहीन हो जाते है ।
यह भी माना जाता है कि दहलीज वाले घर में नकारात्मक उर्जा या किसी के भी द्वारा किया गया बुरा कर्म भवन में प्रवेश नहीं कर पाता ।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
लगातार बढ़ रहे स्ट्रोक के मामले : हेल्थ एक्सपर्ट बताता है कि भारत देश में हर साल स्ट्रोक के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं इसके लिए शहर में एक स्ट्रोक यूनिट की स्थापना की जाने की जरूरत है. इन स्ट्रोक यूनिट में मरीज को ले जाने से पहले इमरजेंसी क्लॉट घुलने वाली दवा दी जानी चाहिए। इमरजेंसी की स्थिति में स्ट्रोक रोगी को क्लॉट घोलने वाली दवा दी जाती है ताकि रोगी को अस्पताल ले जाने का समय मिल सके।
ऐसे करें अपना बचाव : आचार्य श्री गोपी राम बताते हैं कि स्ट्रोक जैसी खतरनाक बीमारी से बचने के लिए आपको अपनी लाइफ स्टाइल में बदलाव करना चाहिए ऐसा करने से इस बीमारी का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है। इसके लिए जरूरी है कि आप डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों को कंट्रोल में रखें और किसी भी तरह का धूम्रपान न करें। सर आपका सेवन भी आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है। इस बीमारी के खतरे को कम करने के लिए सप्ताह में काम से कम 6 घंटे व्यायाम के साथ अच्छी डाइट लेना बहुत जरूरी है। अगर आप अपने डेली रूटीन में इन बातों का ध्यान रखते हैं तो स्ट्रोक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
🫀 आरोग्य संजीवनी 🫁
दिल की बीमारी, से बचने के लिए नित्य कच्चा लहसुन खाएं | शोध के अनुसार कच्चा लहसुन रोज सुबह खाली पेट छील कर खाने से खून का संचार ठीक रहता है और दिल को मजबूत बनाता है, इससे कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है।
सेब का जूस और आंवले का मुरब्बा खाने से दिल बेहतर ढंग से काम करता है, यह दिल की बीमारी, का अचूक उपाय है।
दिल की बीमारी,में शहद बहुत ही लाभदायक है | शहद दिल को मजबूत बनाता है। इसलिए एक चम्मच शहद प्रतिदिन अवश्य ही लें।
रोज 50 ग्राम कच्चा ग्वारपाठा खाली पेट खाने से भी कोलेस्ट्रॉल कम हो जाता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
दिवाली पर मां लक्ष्मी और श्री गणेश की पूजा
वैसे तो हर जगह मां लक्ष्मी की पूजा के साथ भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। लेकिन दिवाली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा उनके दत्तक पुत्र श्री गणेश के साथ की जाती है। मान्यता है कि दिवाली कार्तिक मास की अमावस्या तिथि के दिन मनाई जाती है और कार्तिक मास में भगवान विष्णु योग निद्रा में रहते हैं। इस कारण मां लक्ष्मी की पूजा के साथ भगवान विष्णु की पूजा दिवाली के दिन नहीं की जाती है। भगवान विष्णु देवउठनी एकादशी के दिन अपनी योग निद्रा से जागते हैं।
मां लक्ष्मी की पूजा में क्या न करें
हम सभी जानते हैं कि मां लक्ष्मी भगवान विष्णु की अर्धांगिनी हैं। दिवाली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा में कभी भी मां को सफेद पुष्प और वस्त्र नहीं चढ़ाने चाहिए। क्योंकि मां लक्ष्मी सुहागिन हैं। इस कारण उन्हें सफेद फूल और वस्त्र चढ़ाना वर्जित है।
मां लक्ष्मी उसी घर में वास करती हैं जहां साफ सफाई रहती है। यदि आप मां लक्ष्मी की कृपा पाना चाहते हैं। तो दिवाली के दिन आप अपने घर की साफ सफाई अच्छे से करने के बाद ही मां लक्ष्मी की पूजा करें। जहां साफ सफाई नहीं होती मां लक्ष्मी वहां से नराज हो कर चली जाती हैं।
मां लक्ष्मी की पूजा के दौरान आप उन्हें लाला फूल, लाल गुलाब या फिर गुलहड़ का फूल चढ़ा सकते हैं। मां लक्ष्मी को लाल फूल बहुत प्रिय हैं। जो लोग मां लक्ष्मी को लाला फूल अर्पित करते हैं मां लक्ष्मी उन पर अपनी असीम कृपा बरसाती हैं। उनके जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं रहती।
मां लक्ष्मी को तुलसी की पत्ती कभी मत चढ़ाएं। मान्यता है कि भगवान विष्णु के शालिग्राम रूप का तुलसी से विवाह हुआ था। इस कारण मां लक्ष्मी का तुलसी से बैर है।
यदि आपके पास धन अधिक मात्रा में है तो उसे गलत कार्यों में न खर्च करें। इससे मां लक्ष्मी का अपमान होता है और वो निर्धन होने का श्राप दे देती हैं। आप चाहते हैं कि मां लक्ष्मी का आशीर्वाद आपके जीवन में सदैव बना रहे। तो गरीबों और जरूरतमंदो की धन से साहयता अधिक से अधिक करें।
दिवाली के दिन मां लक्ष्मी के श्री यंत्र की स्थापना करें, मां को कौड़ी चढ़ाएं, गोमती चक्र अर्पित करें। ऐसा करने से आपकी कभी आर्थिक हानी नहीं होगी।
दिवाली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा के साथ भगवान गणेश की पूजा अवश्य करें। पूजा करने से पहले स्वच्छ वस्त्र जरूर धारण करें।
पूजा करने से पहले दिवाली के दिन घर के आंगन में रंगोली बनाएं। मान्यता है कि मां लक्ष्मी जब आगमन करती हैं तो रंगोली देख वह बहुत प्रसन्न हो जाती हैं।
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⚜️ प्रतिपदा तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी मानी जाती है। आज अग्निदेव से धन एवं तेज प्राप्त करने अथवा किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति करवायी जा सकती हैं। इसके लिए आज अग्नि घर पर ही प्रज्ज्वलित करके घी से (ॐ अग्नये नम: स्वाहा) इस मन्त्र से हवन करना चाहिये।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म प्रतिपदा तिथि में होता है वह व्यक्ति अनैतिक कार्यों में संलग्न रहने वाला होता है। ऐसा व्यक्ति कानून के विरूद्ध जाकर काम करने वाला भी होता है। ऐसे लोगों को मांस मदिरा काफी पसंद होता है अर्थात ये तामसी भोजन के शौकीन होते हैं। आम तौर पर इनकी दोस्ती ऐसे लोगों से होती है जिन्हें समाज में सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता अर्थात बदमाश और ग़लत काम करने वाले लोग।

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