ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग सोमवार, 02 जनवरी 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 02 जनवरी 2023

महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
🚩 02 जनवरी 2023 दिन सोमवार को पौष मास के शुक्ल पक्ष कि पुत्रदा नाम का एकादशी व्रत है। आज की इस एकादशी व्रत को दक्षिण भारत में वैकुण्ठ एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन दक्षिण भारतीय मंदिरों में भगवान वैकुंठनाथ का भव्य श्रृंगार एवं दर्शन होता है। आज सभी सनातनियों को भगवान राम-कृष्ण या फिर विष्णु के मंदिरों में अवश्य जाकर भगवान का दर्शन करना चाहिये। आप सभी एकादशी व्रतियों को एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनायें। शास्त्रानुसार एकादशी सर्वश्रेष्ठ एवं सर्वाधिक पुण्यदायी व्रत होता है। इसे हर एक व्यक्ति को अवश्य करना चाहिये। आप सभी सनातनियों को पुत्रदा अथवा वैकुण्ठ एकादशी व्रत हार्दिक मंगलकामनाएँ।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन – उत्तरायण
🌦️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – पौष माह
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – सोमवार शाम 07:12 बजे से 02 जनवरी 2023 को रात 08:23 बजे तक
✏️ तिथि स्वामी – एकादशी (ग्यारस) के देवता हैं विश्वेदेवगणों और विष्णु। इस तिथि को विश्वेदेवों पूजा करने से संतान, धन-धान्य और भूमि आदि की प्राप्ति होती है। यह आनन्दप्रदा अर्थात सुख देने वाली तिथि हैं।
💫 नक्षत्र : भरणी – 02:24 पी एम तक
🪐 नक्षत्र स्वामी – भरणी नक्षण का स्वामी ग्रह शुक्र है। – इस नक्षत्र के देवता यम है।
🔊 योग : साध्य – 06:53 ए एम, जनवरी 03 तक
⚡ प्रथम करण : वणिज – 07:43 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : विष्टि – 08:23 पी एम तक
🔥 गुलिक काल :- सोमवार का शुभ गुलिक काल 13:42:16 से 14:59:53 तक
⚜️ दिशाशूल – सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई दर्पण देखकर घर से प्रस्थान कर सकते है।
🤖 राहुकाल – सोमवार को प्रात: काल 7:30 बजे से 9 बजे तक राहुकाल माना गया है राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:46:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:14:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:25 ए एम से 06:20 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:52 ए एम से 07:14 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:04 पी एम से 12:46 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:09 पी एम से 02:50 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:33 पी एम से 06:01 पी एम
🎆 सायाह्न सन्ध्या : 05:36 पी एम से 06:58 पी एम
💧 अमृत काल : 09:17 ए एम से 10:59 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:58 पी एम से 12:52 ए एम, जनवरी 03
❄️ रवि योग : 07:14 ए एम से 02:24 पी एम
🚓 यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏻 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को छैने से बनी मिठाई भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – पुत्रदा एकादशी व्रत (सर्वे.)/भद्रा, वैकुंठ एकादशी (द.भा.), तैलंग स्वामी जयन्ती – (पौष, शुक्ल एकादशी), मासिक कार्तिगाई, धर्म सावर्णि मन्वादि – (पौष, शुक्ल एकादशी), राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस, राष्ट्रीय विज्ञान कथा दिवस, देश प्रेम दिवस, भारत रतन स्थापना दिवस, स्वतंत्रता सेनानी – मौलाना मज़हरुल हक़ शहिद दिवस, (प्रसिद्ध महिला स्वतंत्रता सेनानी) डॉ. राधाबाई पुण्य तिथि, गुजराती साहित्यकार राजेन्द्र शाह पुण्य तिथि,
✍🏼 विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।
🗼 Vastu Tips 🗽
मनुष्य अपनी दिनचर्या में कई काम ऐसे कर देता है, जिसका खामियाजा उन्हें कई तरह से भुगतना पड़ता है. ऐसा नहीं है कि व्यक्ति जानबूझकर इन सब चीजों को करता है, बल्कि जानकारी के अभाव में कुछ काम ऐसे हो जाते हैं, जो उसके जीवन को बुरी तरह से प्रभावित करके उसके लिए कई सारी परेशानियां खड़ी कर देती हैं. इन्हीं में से एक है सही दिशा में पैर करके सोना. वास्तु शास्त्र में व्यक्ति द्वारा सोने की दिशा भी निर्धारित की गई है. व्यक्ति को किस दिशा में सिर और किस दिशा में पैर करके सोना चाहिए
शरीर से बाहर निकल जाती है ऊर्जा आचार्य श्री गोपी राम जी बताते हैं कि यदि व्यक्ति गलत दिशा में पैर करके सोता है तो उसके शरीर की सारी ऊर्जा बाहर निकल जाती है, क्योंकि गलत दिशा में पैर करके सोने से शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
🗝️ जीवनोपयोगी कुंजियां
🔹 क्या न करें : दिन में बिल्कुल न सोयें । आरामप्रियता, सुखशीलता, एक स्थान पर सतत बैठे रहना, स्वादलोलुपता इनसे बचें । सुबह देर तक न सोयें ।
🔹 1 गिलास गुनगुने पानी में 1 नींबू व 25 तुलसी पत्तों का रस अथवा 15-20 मि.ली. तुलसी अर्क व 1 चम्मच शहद मिलाकर सप्ताह में 2-3 दिन (रविवार को छोड़कर) सुबह खाली पेट लें ।
🔹 वजन घटाने हेतु सहायक औषधियाँ : त्रिफला रसायन कल्प, शोधनकल्प चूर्ण, पंचरस, हरड़ चूर्ण या टेबलेट, त्रिफला चूर्ण या टेबलेट, गोमूत्र या गोमूत्र अर्क, गोझरण वटी, गिलोयादि अर्क । (ये आश्रम के सत्साहित्य सेवा केन्द्रों पर उपलब्ध हैं ।) आयुर्वेद के अनुसार तिल के शुद्ध तेल का सेवन दुबले शरीर में चरबी बढ़ाता है व मोटे शरीर से चरबी घटाता है अर्थात् यह वजन बढ़ाने तथा घटाने दोनों में सहायक है ।
🧄 आरोग्य संजीवनी 🍶
इन घरेलू नुस्खों से हाई कोलेस्ट्रॉल होगा कंट्रोल
खाली पेट खाएं लहसुन सिर्फ खाने के स्वाद को ही नहीं बढ़ाता बल्कि हार्ट को भी स्वस्थ रखता है। लहसुन हार्ट को हेल्दी रखने के अलाव ब्लड प्रेशर को भी नॉर्मल करने में मदद करता है। इसलिए रोजाना 3-4 लहसुन की कली खाने से शरीर में मौजूद कोलेस्ट्रॉल का लेवल करीब 9 से 15 फीसदी तक कम किया जा सकता है।
अखरोट भी है फायदेमंद अखरोट भी कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बराबर करने का काम करता है। इसे खाने से ब्लड वेसल्स जमा हुए कोलेस्ट्रॉल को धीरे धीरे पिघलाता है जिससे अपने आप ही कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बैलेंस होने लगती है।
ओट्स भी असरदार ओट्स का सेवन करने से भी कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित किया जा सकता है। इसमें ग्लूकॉन नाम का तत्व पाया जाता है। यही ग्लूकॉन आंतों की सफाई करने का काम करता है। इससे शरीर कोलेस्ट्रॉल को अब्सॉर्प नहीं कर पाता। लगातार इसका सेवन करने से करीब 3 महीने में आपको असर दिखने लगेगा।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
बेहतर जीवन के लिए हमारी नीतियां बहुत उपयोगी मानी जाती है. इनका अनुसरण करने वाला व्यक्ति जिंदगी में कभी परेशान नहीं होता. मुश्किल वक्त में हारता नहीं बल्कि उससे निकलने का रास्ता खोज ही लेता है.हमारी नीति कहती है कि असली सफलता वही है जो दूसरों को भी सफल बनने के लिए प्रेरित करे, ऐसे लोगों पर धन की देवी लक्ष्मी जी भी प्रसन्न रहती है. दूसरों की कामयाबी से ईष्या रखने वाला कभी खुश नहीं रह सकता है और न ही अपना लक्ष्या प्राप्त कर सकता है. जानें आचार्य श्री गोपी राम के कुछ खान अनमोल वचन.
हमारी नीति के अनुसार जब व्यक्ति दूसरों की गलतियों से सीख लेता है तो वह कभी मात नहीं खाता. अगर खुद पर प्रयोग करके सीखेंगे तो उम्र भी कम पड़ जाएगी और संघर्ष बढ़ जाएगा. सफलता हासिल करने है तो दूसरों का अनुभव जानने में गुरेज न करें.
आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं कि दोस्ती हमेशा अपने समान ओहदा रखने वाले व्यक्ति से करना चाहिए. कम या अधिक प्रतिष्ठा रखने वालों के मित्रता ज्यादा दिन तक नहीं टिकती. जिस तरह सांप, बकरी और बाघ की कभी आपस में दोस्ती नहीं कर सकते हैं. उसी प्रकार कभी भी विपरीत स्वभाव के वालों से दोस्ती नहीं करना चाहिए
इसलिए हम कहते हैं कि विद्या अर्जित करना उस कामधेनु गाय के समान है जो मनुष्य को हर मौसम में अमृत प्रदान करती है, इसलिए ज्ञान जब भी, जहां से भी मिले उसे ग्रहण कर लेना चाहिए. ज्ञान कभी व्यर्थ नहीं जाता. स्वदेशे पूज्यते राजा विद्वान्सर्वत्र पूज्यते । अर्थात राजा की पूछ परख सिर्फ उसी के राज्य में होती है लेकिन विद्वानों और ज्ञानियों को सभी क्षेत्रों में पूजा जाता है. ज्ञान ऐसी शक्ति है जो संकट में व्यक्ति की सबसे बड़ी ताकत बनती है
हमारे कहने के अनुसार ऐसा धन किसी काम का नहीं जिसके लिए धर्म का त्याग करना पड़े, क्योंकि धर्म को हमेशा धन से ऊपर रखना चाहिए. वहीं जिस पैसे के लिए दुश्मनों की खुशामद करना पड़े, अपने अभिमान से समझौता करना पड़े उसका मोह करना सबसे बड़ी मूर्खता है. ऐसा करने वाला व्यक्ति अपने वजूद के साथ मान-सम्मान भी खो देता है
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⚜️ एकादशी तिथि के देवता विश्वदेव होते हैं। नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। एकादशी तिथि एक आनंद प्रदायिनी और शुभ फलदायी तिथि मानी जाती है। इसलिये आज दक्षिणावर्ती शंख के जल से भगवान नारायण का पुरुषसूक्त से अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी प्रशन्न होती है एवं नारायण कि भी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।
एकादशी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वो धार्मिक तथा सौभाग्यशाली होता है। मन, बुद्धि और हृदय से ऐसे लोग पवित्र होते हैं। इनकी बुद्धि तीक्ष्ण होती और लोगों में बुद्धिमानी के लिए जाने जाते है। इनकी संतान गुणवान और अच्छे संस्कारों वाली होती है, इन्हें अपने बच्चों से सुख एवं सहयोग भी प्राप्त होता है। समाज के प्रतिष्ठित लोगों से इन्हें मान सम्मान मिलता है।

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