मध्य प्रदेश

सिलौंडी बस स्टैंड में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, प्रशासन की चुप्पी से बढ़ रहा अतिक्रमण

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। कटनी जिले के उमरियापान और सिलौड़ी क्षेत्र के शासकीय बस स्टैंड में दबंगों द्वारा अतिक्रमण इतना हावी है कि यात्रियों यात्रियों को प्रतिक्षालय तक नसीब नहीं हो हो रहा।
बस स्टैंड में ना बस खड़े करने की जगह है , ना बैठने की, ना पीने का पानी उपलब्ध है, ना प्रसाधन की व्यवस्था है ।
प्रशासन ग्रामीण की शिकायत पर ध्यान नही दे रहा है।
नायब तहसीलदार सरकारी भूमि ना होने का बहाना बता रहे है परंतु सच्चाई में खसरा नबर 494 में सरकारी भूमि दर्ज है। जिस पर ग्राम के दबंग लोगों ने कब्जा किया है। जिसमें बकायदा नायब तहसीलदार के द्वारा नोटिस भी दिया था और जुर्माना भी लिया था। लेकिन सत्ता के संरक्षण के कारण कोई भी करवाई नही हो रही है।
लगातार दबंगों के द्वारा अपने दुकान के सामने की सरकारी भूमि, सरकारी नाला में कब्जा कर रहे है। और नायब तहसीलदार सिर्फ पटवारी जांच की बात कर ग्रामीणों को भटका रहे है। सिलौंडी बस स्टैंड में महिलाओ और कॉलेज की बालिका को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है बालिका और महिला को प्रसाधन नही होने के कारण अपनी शर्म इज्जत को छोड़कर सड़क किनारे प्रसाधन करने को मजबूर है।
ग्रामीण ने बताया कि शासकीय नाला के ऊपर भी प्रसाधन बन सकता है मगर प्रशासन राजनीतिक दबाव और पैसों के लेने देने के कारण चुप्पी साधे है।
गौरतलब है कि सबसे ज्यादा ढीमरखेड़ा में जनप्रतिनिधि महिला होने के बाद भी महिलाओं को सम्मान नहीं मिल रहा है। क्षेत्र में महिला सांसद , जनपद अध्यक्ष, जनपद सदस्य, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, सरपंच और 13 महिला पंच होने के बावजूद सिलौड़ी बस स्टैंड में एक महिला प्रसाधन नहीं है। ग्रामीण ने बताया कि जल्द से जल्द यदि सिलौंडी बस स्टैंड में मूलभूत सुविधा प्रसाधन की व्यवस्था नही हुई तो उग्र आंदोलन होगा । इस संबंध में नायाब तहसीलदार नरेंद्र खरे ने बताया कि में अभी कुछ दिन पहले ही सिलौड़ी आया हूं। पटवारी से प्रतिवेदन मांगकर आगे की कार्रवाई करता हूं ।

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