मध्य प्रदेश

अधिकारी कर्मचारियों का संयुक्त दल करेगा नुकसान का आंकलन, जिले में अतिवृष्टि-बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे शुरू

दो दिन में बुलाई रिपोर्ट कौन क्या करेगा सर्वे….
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन।
प्राकृतिक आपदा से मकान क्षति एवं फसल नुकसान का आंकलन राजस्व, कृषि, उद्यानिकी एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास के अधिकारी-कर्मचारियों के संयुक्त दल से कराया जाएगा। सर्वेक्षण कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं। क्षति आंकलन के साथ ही पीड़ितों को मुहैया कराई गई मदद की जानकारी भी शामिल रहेगी। फसलों की क्षति का सर्वे पीड़ित की मौजूदगी में ही करने एवं सूची ग्राम पंचायतों के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने सहित सभी ग्रामीणों के सामने सूची पढ़कर सुनाने एवं दावे-आपत्ति लिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
रायसेन जिले में बीते सप्ताह में दो बार आई अत्यधिक बारिश-बांधों के पानी को छोडऩे से आई बाढ़ से निचली बस्तियों, तटीय इलाके गांवों में हुए घरों-सामग्री और खरीफ फसलों के हुए नुकसान का सर्वे-आंकलन जिला प्रशासन के निर्देश पर शुरू कराया गया है।
चूंकि अभी कई स्थानों पर नाले-बाढ़ का पानी नहीं उतरा है। पहुंच मार्ग भी बंद हैं, इसलिए सर्वे दल प्रभावित स्थान-गांवों में देर शाम तक नहीं पहुंच पाए थे। किसानों के मुताबिक बाढ़ के पानी में खरीफ फसल धान-सोयाबीन, उड़द-अरहर के डूबने से सडऩ-गलन से नुकसान हुआ है। किसान संगठनों ने जल्द सर्वे व नुकसानी आंकलन कराकर पीड़ित किसानों को राहत-मुआवजा राशि वितरण करने की मांग की है। हालांकि प्रशासन के मुताबिक जिले में निचली-बस्तियों, बेतवा कौड़ी रीछन नदी के तटीय इलाकों के रहवासी और फसलों को कितना नुकसान पहुंचा यह फौरी सर्वे एवं वास्तविक आंकलन से ही सामने पाएगा। रिपोर्ट जिले के सभी एसडीएम तहसीलदारों से बुलाई गई है। दो दिन के भीतर क्षति की संपूर्ण जानकारी निर्धारित फॉर्मेट में जिला कलेक्ट्रेट भेजने के निर्देश भी है।
ये जानकारियां मांगी गईं : कलेक्टर अरविंद दुबे बोले कि प्रभावित ग्रामों की संख्या, जनहानि, पशुहानि, मकान क्षति, फसल क्षति हैक्टेयर में, रेस्क्यू किए गए लोगों की संख्या, संचालित राहत शिविरों की संख्या, शिविर में रखे गए लोगों की संख्या, बाढ़/अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त पुल-पुलिया एवं क्षतिग्रस्त सड़कों की जानकारी तहसीलवार बुलाई गई है।

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