छात्रावास में जागरूकता शिविर आयोजित, विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों की दी जानकारी

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा एवं संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार मंगलवार को ढीमरखेड़ा स्थित अनुसूचित जनजाति छात्रावास में जागरूकता, सुरक्षा एवं संरक्षण शिविर का आयोजन किया गया । शिविर में न्यायाधीश पूर्वी तिवारी ने छात्रावास के विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी ।
इस दौरान न्यायाधीश श्रीमती पूर्वी तिवारी ने पॉक्सो एक्ट की धारा 3, 5, 7 एवं 9 के बारे में सरल भाषा में समझाते हुए बताया कि बच्चों को अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना बेहद आवश्यक है । उन्होंने किसी भी प्रकार के शोषण, दुर्व्यवहार अथवा अनुचित व्यवहार से बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति उनके साथ गलत व्यवहार करता है तो वे चुप न रहें, बल्कि बिना किसी डर के इसकी जानकारी अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को दें ।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी विपरीत परिस्थिति में साहस के साथ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया । शिविर का उद्देश्य बच्चों को कानूनी जानकारी देकर उनके लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना और उन्हें शोषण के विरुद्ध जागरूक बनाना रहा ।
कार्यक्रम में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेश प्यासी सहित अधिवक्ता रमेश पटेल, अवधेश असाटी एवं जयप्रकाश नारायण शुक्ला उपस्थित रहे । उन्होंने भी विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों, बाल संरक्षण एवं सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं ।



