रतनजोत खाने से 18 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में उपचार जारी

कलेक्टर ने पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली
सिलवानी । मंगलवार को सिलवानी तहसील के आदिवासी बाहुल्य ग्राम पुद्दर में रतनजोत खाने से 18 बच्चों की उल्टी, दस्त तबीयत बिगड़ी, जिन्हें सिविल अस्पताल लाया गया, जिनका उपचार जारी, देर रात कलेक्टर रोहित सिसोनिया सिलवानी पहुंचे और बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए।
रायसेन जिले की सिलवानी तहसील के ग्राम पुद्दर ( सलैया) में स्कूल पढ़ने गए बच्चों ने रतनजोत खाने से 18 बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि स्कूल के पास लगे रतनजोत के पौधे को खाने के बाद बच्चों को उल्टी, दस्त पेट दर्द की शिकायत होने लगी। इसके बाद 108 एंबुलेंस की मदद से 16 बच्चों को सिविल अस्पताल सिलवानी लाया गया, जहां सभी का प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। वहीं, दो बच्चों का इलाज प्रतापगढ़ में जारी बताया जा रहा है। सिविल अस्पताल के डॉक्टर राहुल धाकड़ ने बताया कि फिलहाल अस्पताल में भर्ती सभी बच्चों की स्थिति ठीक है। बच्चों को प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है।
घटना की जानकारी मिलने पर एसडीएम अलका सिंह, एसडीओपी आशुतोष त्यागी, तहसीलदार नरेंद्र परमार एवं थाना प्रभारी संजीत परते सहित अन्य अधिकारी सिविल अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए उपचार की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं, कलेक्टर रोहित सिसोनिया ने वीडियो कॉलिंग के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा देर रात कलेक्टर रोहित सिसोनिया सिलवानी हॉस्पिटल पहुंचे और उन्होंने बच्चों और परिजनों से स्वास्थ्य की जानकारी ली और स्वास्थ्य विभाग को समुचित उपचार और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक बच्चे को अलग अलग बेड उपलब्च कराने के निर्देश दिए।
इस संबंध में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. आरएस पटेल ने बताया कि बच्चों ने रतनजोत के बीजों को खाने योग्य समझकर खा लिया था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल लाया गया। सभी बच्चों का उपचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों के पूर्णतः स्वस्थ होने तक उन्हें अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में रखा जाएगा।
इस संबंध में रोहित सिसोनिया कलेक्टर ने बताया कि बच्चों का समुचित उपचार किया जा रहा है। उन्होंने स्वयं बच्चों से वन टी वन जानकारी ली और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए है। वहीं शिक्षा विभाग के माध्यम से रतनजोत के बीज खाने के प्रति जागरूक करने का अभियान चलाने की बात कही।



