महका पिपरिया एवं डोमा ग्रामों को शराब, मांसाहार मुक्त करने हेतु भगवती मानव कल्याण संगठन ने चलाई मुहिम

रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर। सागर जिले की देवरी व केसली तहसीलो के अधिकांश गांव इन दिनो गाहे बगाहे सट्टा शराब जुआ गांजा अफीम आदि जैसे प्राणघातक मादक पदार्थों के हब बने हुए है जिन्हे नशे के इस जंजाल से निकालने एवं हमेशा हमेशा के लिए इनसे मुक्ति दिलाने के लिए समाज के जागरुक व बुध्दि जीवी वर्ग के लोग प्राणपण से जुटे हुए है लेकिन कानून व्यवस्था के रखवाले ही कुछ भृष्ट लोग ही सट्टा शराब जुआ व मादक पदार्थो की सप्लाई मे लिप्त तस्करो को मिलीभगत के तहत गलबहियां डालकर हरी झंडी को अंजाम दे रहे है जिससे इस अवैध कारोबारो को समूल रुप से मिटाने मे लोगो को खासी दिक्कते आ रही है बतादे की देवरी विधान सभा क्षेत्र मे सबसे ज्यादा सक्रिय धार्मिक संगठन भगवती मानव कल्याण संगठन धार्मिक क्रान्ति के माध्यम गांवगांव मे अलख जगाकर मातारानी की ज्योति प्रज्वलित कर आरती भजन पूजन के अनुष्ठान कर नशामुक्त मांसाहार मुक्त चरित्रवान चेतनावान समाज का निर्माण कर राष्ट्र रक्षा धर्म रक्षा कर हुए मानवता की सेवा के तहत आदिवासी प्रखंड केसली तहसील के महका पिपरिया व डौमा गांवो मे संगठन के कार्यकर्ताओ ने गांव के जागरुक लोगो जनप्रतिनिधियो व सरपंच आदि के साथ मिलकर एक जुटता का परिचय देते हुए सामूहिक बैठके आयोजित कर लोगो की आम राय लेकर गांवो मे चलने वाले गैरकानूनी कृत्य सट्टा शराब जुआआदि पर अंकुश लगाने गांवो को नशामुक्त मांसाहार मुक्त बनाने के निर्णय लिये गये इस अनुकरणीय व आदर्श विचार को संकल्प बध्द कर संगठन ने लिए गये इन सामाजिक निर्णयो को पूरा करने के लिये शासन प्रशासन पुलिस से हर संभव मदद के लिये गत दिवस अनुविभागीय अधिकारी तहसीलदार केसली व संबंधित पुलिस थाना गौरझामर के टीआई नासिर फारुकी को इस आशय के ज्ञापन सामुहिक रूप से सौपे है जिसमे मांग की गई कि गांवो मे बिकने वाली अबैध शराब को सख्ति से रोका जावे जो गांवो मे सबसे ज्यादा बुराई बर्बादी के साथसाथ नई पीढ़ी मे वाहन दुर्घटनाओ का कारण बनी हुई है सट्टा के ओपन क्लोज व जोडी के चक्कर लोग कंगाल हो रहे है सट्टाखिलाने वाले असामाजिक तत्वो पर कठोरता से कार्रवाई की जावे लोगो की शिकायत फोन अथवा मोवाइल पर मिलने पर पुलिस सक्रिय रहे उल्लेखनीय है की इस प्रकार की समाज मे व्याप्त सामाजिक बुराईयो को मिटाने व गांवो मे अमन चैन शांति व्यवस्था कायम रहे लोग आपस मे हिलमिकर रहे इसके लिए ही धार्मिक संगठन आगे आकर सामाजिक सदृभाव के लिए काम कर रहे है



