मध्य प्रदेश

ब्लड डोनेशन कैंप: 18 महिला शिक्षकों सहित स्टाफ ने किया 12 यूनिट रक्तदान

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन।
अस्पतालों में भर्ती मरीजों को ब्लड की उपलब्धता न होने पर किस तरह से परेशान होना पड़ता है, अस्पतालों में ये स्थिति कई बार देखने को मिल जाती है। उस समय ब्लड का महत्व आम लोगों को समझ में आता है कि रक्तदान कितना जरूरी है। यदि ब्लड बैंकों में ब्लड उपलब्ध रहेगा तो जरूरतमंदों को आसानी से उपलब्ध हो जाएगा। अनुपलब्धता की स्थिति में होने वाली परेशानी को ध्यान में रखते हुए रक्तदान आवश्यक तौर पर किया जाना चाहिए।
इन्हीं विचारों को लेकर सांची रोड स्थित संत फ्रांसिस कॉन्वेंट स्कूल में गुरुवार को ब्लड डोनेशन कैंप लगाया गया। ब्लड डोनेशन कराने के लिए ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. प्रत्युश रंजन ने स्कूल प्राचार्य सिस्टर अर्चना से चर्चा कर कैंप की रूप रेखा तय की। इस दौरान स्कूल परिसर में 21 यूनिट रक्तदान किया गया। इससे बड़ी बात ये रही कि कि 18 महिला शिक्षकों ने पहली बार रक्तदान किया। इस तरह से नए रक्तदाता जुड़ने से आगामी दिनों में भी ब्लड बैंक की खून की उपलब्धता बनाए रखने के लिए उपयोगी होगी।
ब्लड बैंक अधिकारी बोले- अच्छा रिस्पांस मिला
ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. प्रत्युश रंजन के मुताबिक जिले में ब्लड डोनेशन को लेकर जागरुकता बढ़ रही है। बीते सालों में 800 से 900 यूनिट ब्लड डोनेट किया जाता था। पिछले साल 1270 यूनिट ब्लड डोनेट किया गया है, जबकि 2 महीने कोरोना काल में ब्लड डोनेशन नहीं हुआ। इस तरह से महज 10 महीने में ही इतना ब्लड डोनेट किया गया।
स्कूल प्राचार्य बोलीं- मानव सेवा जरूरी
स्कूल प्राचार्य सिस्टर अर्चना ने इस दौरान कहा कि हमने अपने स्टॉफ से जब ब्लड डोनेशन के लिए चर्चा की तो सब ने उत्साहित होकर अपनी स्वीकृति दी। इसके बाद पीड़ित मानवता की सेवा के लिए ब्लड डोनेशन कैंप रखा। ब्लड बनाया नहीं जा सकता। डोनेशन ही एक मात्र माध्यम है जिससे जरूरतमंद लोगों को ब्लड उपलब्ध कराया जा सकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए स्टॉफ ने ब्लड डोनेशन कैंप में भागीदारी कर रक्तदान किया।

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