मध्य प्रदेश

शहर की जल सप्लाई व्यवस्था में परेशानी : कलेक्टोरेट कॉलोनी की टी में लीकेज होने से रोज 50 घरों का पानी हो रहा है बर्बाद

शहर की जल सप्लाई व्यवस्था में परेशानी : कलेक्टोरेट कॉलोनी की टी में लीकेज होने से रोज 50 घरों का पानी हो रहा है बर्बाद,
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन।
कलेक्टोरेट कॉलोनी में पानी की टंकी से लीकेज हो रहा है। जिससे रहवासी गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत से बेहद परेशान हैं।शहर के घर-घर में जिस पानी की सप्लाई की जाती है। उसे 34 किमी की दूरी पर स्थित हलाली डेम से शहर तक पाइप लाइन के माध्यम से लाया जाता है। बायपास रोड स्थित फिल्टर प्लांट पर इस पानी को शुद्घ करके शहर में सप्लाई किया जाता है। इस हलाली डेम से आने वाले पानी को शुद्घ करने के लिए नगरपालिका को फिटकरी और ब्लीचिंग पावडर पर लाखों रुपए की राशि खर्च करना पड़ती है। इस पानी को शहर में नगरपालिका द्वारा नल कनेक्शन के माध्यम से घर-घर तक सप्लाई किया जाता है। इस तरह लगने वाली लागत के बाद ये पानी काफी कीमती हो जाता है। इसलिए इतने कीमती पानी की व्यर्थ बर्बादी हो तो लापरवाही ही कही जाएगी। इतना पानी प्रतिदिन जाया हो रहा कि इससे रोज ही करीब 100 घरों की जरूरत को पूरा किया जा सकता हैं। ये पानी की लीकेज कलेक्टोरेट कॉलोनी स्थित पाइप लाइन की टी से हो रही है। वहां दूर-दूर तक पानी जमा हो गया है। इसके चलते सुधार कार्य में होने वाली परेशानी को देखते हुए सुधार कार्य की शुरू नहीं हो पाए हैं। बताया जा रहा है दल-दल हो जाने के कारण खुदाई करने में भी परेशानी आने की संभावना को देखते हुए काम ही शुरु नहीं कर रहे है।
बकाया वसूली में भी परेशानी…
शहर में लोगों जलकर जमा कराने में भी रुचि नहीं रखते। जबकि नगरपालिका को पानी सप्लाई व्यवस्था बनाए रखने पर बड़ी राशि खर्च करना पड़ती है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं। जो जलकर जमा ही नहीं करते। इसके चलते नगरपालिका को भी राजस्व जुटाने को लेकर काफी परेशान होना पड़ता है। इस तरह से लाखों रुपए का जलकर शहरवासियों पर बकाया है। नगरपालिका ने बकाया वसूली के एक टीम लगाई हुई जो बकाया राशि वालों को नोटिस देने के बावजूद जलकर जमा न करने वाले लोगाें के नल कनेक्शन काटने का काम भी किया जा रहा है।
ट्यूबवेल और फिल्टर प्लांट से करते हैं पानी की सप्लाई…..
शहर में करीब 6500 से अधिक नल कनेक्शन हैं। इनमें हलाली डेम और 15 से 20 ट्यूबवेल के माध्यम से पानी की सप्लाई की जाती है। हलाली से पानी आने में रुकावट होने पर शहर में लगे नगरपालिका के ट्यूबवेलों से पानी की सप्लाई की जाती है। गर्मी के दिनों में जल स्तर गिरने से ट्यूबवेल भी कम पानी देने लगते हैं। इस तरह से शहर में पानी की कमी आने लगती है। हालांकि, हलाली से पानी आने की बाद शहरवासियों को पानी की समस्या में कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन नपा सप्लाई को लेकर बेहतर काम नहीं कर पा रही है।
कई जगह कम दबाव से पानी आने से दिक्कत….
शहर में हर कभी पाइप लाइन फूटने और जगह-जगह लीकेज के चलते पानी कम दबाव से ही सप्लाई हो पाता है। इससे लोगों को अपनी जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल पाता। इसको लेकर नलों से पानी आने के बावजूद भी लोगों को उनकी जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल पा रहा है। पानी की कमी से शहर में बड़ी संख्या में लोग परेशान हैं। लेकिन सप्लाई व्यवस्था सुचारु नहीं हो पा रही है। कभी लाइन फूटने से पानी की सप्लाई ही रुक जाती है तो कभी कम दबाव से पानी आता है। शहरवासियों के मुताबिक नपा को पानी की सप्लाई व्यवस्था में सुधार करके पानी की कमी को दूर करने का काम करना चाहिए। अब गर्मी का सीजन शुरु होने जा रहा है। इसको देखते हुए पानी की और अधिक जरूरत होगी। आसपास के हैंडपंपों का जल स्तर भी कम हो जाता है। इस तरह पानी कि किल्लत और बढ़ जाती है।
सड़क ठेकेदार कर रहा पाइप लाइन डैमेज..
पीडब्ल्यूडी और सड़क ठेकेदार द्वारा किए जा रहे हैं नाली निर्माण के कारण पीआईयू कार्यालय के आगे नगर पालिका द्वारा डैमेज लाइन फोड़ दी गई है। बाद में एक पखवाड़े के बाद ठीक कराई गई थी।तब कहीं जाकर पानी सप्लाई पुनः चालू की गई थी।सीईओ साहब के बंगले के पास एक लाइन डैमेज पाई गई ।नाला भरा होने के कारण तत्काल नगर पालिका द्वारा नाला खाली कराया गया ।वर्तमान में सीओ साहब के बंगले के पास डिस्ट्रीब्यूशन 12 सौ एमएम लाइन दुरुस्ती का कार्य चल रहा है वार्ड क्रमांक 9, 10 मे जल सप्लाई बाधित है।

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