क्राइम

आदिवासी युवतियों से दुष्कर्म करने वाले के घर चला बुलडोजर

यू ट्यूब से सीखा था मैजिक ऐप से आवाज बदलना, एसआइटी के हाथ जांच
सीधी। युवतियों से दुष्कर्म के मुख्य आरोपी बृजेश प्रजापति के मकान पर शनिवार शाम प्रशासन ने बुलडोजर चलवाकर धराशायी करवा दिया। अपर कलेक्टर राजेश शाही के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ राजस्व अमला आरोपी के ग्राम नौगवां दर्शन सिंह पहुंचा। वहां पाया कि आरोपी चार भाई हैं और घर में सभी का बंटवारा हो चुका है। आरोपी के हिस्से में 12 बाई 14 का कमरा था। राजस्व अमले ने नाप जोख में उसका कमरा नजूल की भूमि में होना पाया, जिसे बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए थे। कार्रवाई में संयुक्त कलेक्टर नीलेश शर्मा, एसडीएम गोपद बनास प्रिया पाठक, तहसीलदार जान्हवी शुक्ला सहित राजस्व अमला व पुलिस बल उपस्थित रहा।
ऐसे युवतियों को झांसे में लेने लगा: पुलिस के अनुसार आरोपी ने यूट्यूब में सर्च कर मैजिक ऐप से आवाज बदलना सीखा था। इसके बाद उसने अपने मोबाइल में मैजिक ऐप डाउनलोड कर महिला की आवाज में बात करने लगा और युवतियों को अपने झांसे में लेकर घटना को अंजाम देने लगा।
जिले में वॉइस चेंज एप्लीकेशन द्वारा आवाज बदलकर दुष्कर्म एवं लूट का मामला सामने आने के बाद राज्य सायबर पुलिस मुख्यालय ने अपराध से बचने एवं सचेत करने के लिए एडवायजरी जारी की है। उल्लेख किया है कि वर्तमान समय में कुछ प्रकरणों में देखने में आया है कि अपराधी वॉइस चेंजिंग एप्लिकेशन का दुरुपयोग कर खुद की आवाज को महिला की आवाज में बदलकर छात्राओं एवं महिलाओं को कॉल कर किसी बहाने से अज्ञात स्थान पर बुलाकर बलात्कार तथा लूट जैसे अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। यदि कोई अंजान व्यक्ति आपको कॉल कर महिला, बुजुर्ग, बच्चों किसी की आवाज में किसी भी प्रकार का प्रलोभन देकर या डरा धमका कर आपको किसी अज्ञात स्थान पर बुलाने का प्रयास करे तो ऐसी किसी भी कॉल पर आप सतर्क हो जाएं। अपराधी ऐसे वॉइस चेंजिंग एप का इस्तेमाल कर आपको या आपके परिजन को किसी स्थान पर बुलाकर अपराध कारित कर सकते हैं। शारीरिक क्षति पहुंचना, अभद्र कार्य के लिए मजबूर करना जैसे पैसों की डिमांड करना इसमें शामिल है।
कार्रवाई के दौरान प्रशासन और पुलिस के अधिकारी।
आदिवासी युवतियों के साथ सीरियल दुष्कर्म की घटना पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने जांच के लिए एसआईटी का गठन करने के तत्काल निर्देश दिए, जिस पर आईजी रीवा रेंज ने एसआईटी का गठन किया है। इसमें पर्यवेक्षण अधिकारी रोशनी सिंह ठाकुर एसडीओपी कुसमी, एसआई दीपक बघेल थाना प्रभारी मझौली, एसआई प्रीती वर्मा, एसआई केदार परौहा, एसआई दिव्य प्रकाश त्रिपाठी सायबर सेल, प्रधान आरक्षक महेंद्र पाटले, आरक्षक विवेक द्विवेदी, महिला आरक्षक प्रतीक्षा तिवारी तथा आरक्षक प्रदीप मिश्रा सायबर सेल शामिल हैं।

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