क्राइम

गोली काण्ड का पर्दाफाश, 7 आरोपी गिरफ्तार शिकारी खुद हुआ शिकार

सिलवानी । थाना बेगमगंज में दिनांक 23 दिसंबर 25 की रात्रि में घायल अवस्था में ग्राम रम्पुरा से वृंदावन आदिवासी को ईलाज हेतु लाया गया था और डाक्टरों द्वारा चेक करने पर उसे मृत घोषित कर दिया था। मृतक के शरीर पर गोली चलने से दो घाव पेट व अण्डाशय में पाये गये थे। बेगमगंज पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया। आज सुबह घटना स्थल पर जाकर देखने पर एसडीओपी बेगमगंज श्री आलोक श्रीवास्तव और थाना प्रभारी बेगमगंज ने तस्दीक किया कि घटना स्थल का सबंध ग्राम ककरूआ गुलाब थाना सुल्तानगंज में हल्के आदिवासी के खेत होने से अग्रिम कार्यवाही हेतु एसडीओपी सिलवानी अनिल सिंह मौर्य और थाना प्रभारी सुल्तानगंज उनि श्यामराज सिंह और थाना प्रभारी बम्होरी उनि प्रीतम सिंह मौके पर पहुंचे पाया गया कि घटना स्थल जहा मृतक जहां घायल अवस्था में पडा था वहां एक पुरानी दो नाल की भरमार बंदूक टूटी हुई अवस्था में मिली। तकनीकी तथ्यों एवं तथा परिस्थितिजन्य साक्ष्य एवं मृतक के शरीर में आयी चोटो की जांच से स्पष्ट हुआ कि फायर के दौरान उक्त बंदूक की नाल फट गई थी और गोली के टुकडे मौके पर ही फायर करने वाले वृंदावन आदिवासी के शरीर में घुस गये थे। अत्यधिक रक्त स्त्राव हुआ था और उसका भाई वीरेन्द्र और रिस्तेदार बेगमगंज अस्पताल ले गये थे।
पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपूशे के मार्गदर्शन में सिलवानी अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस)अनिल सिंह मौर्य व बेगमगंज अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) आलोक श्रीवास्तव मय पुलिस स्टाफ ने मौके पर पहुंचकर गहराई से विवेचना की और पूरे मामले का खुलासा कुछ ही घण्टो में कर दिया है।
घटना में पाया गया कि मृतक वृंदावन आदिवासी पिता करन सिंह आदिवासी उम्र 38 साल निवासी ग्राम ककरूआ गुलाब अपने पास एक बिना लायसेंस की अवैध भरमार बंदूक खेत में छुपाकर रखता था। रात को अपने कुछ मित्रों के साथ शिकार करने के उद्देश्य से अपने खेत के पास गया और एक खरगोश पर फायर करते समय उसकी भरमार बंदूक की नाल फट गई और जिसके कारण वह चोटग्रस्त हुआ। परिजन इलाज के लिए ले गये जब तक घटना के बारे में किसी ने कुछ नही बताया था। परंतु पुलिस पूछताछ में पाया गया कि मृतक का सगा भाई वीरेन्द्र पिता करन सिंह आदिवासी तथा रिस्तेदार व मित्र सुनील पिता तखत सिंह, अमित पिता माधव, धनराज पिता मंगल, चैन सिंह पिता बाबूलाल, मोनू पिता भगवान सिंह, सोनू पिता भगवान सिंह शिकार के उद्देश्य से गये थे। वृंदावन स्वयं फायर किया था एवं बंदूक स्वयं रखे था जिसके कारण घटना घटित हुई और स्वयं वृंदावन की मृत्यु हो गयी।
पुलिस द्वारा मर्ग जांच पर धारा 106 (1), 61, 3 (5) बीएनएस 25/27 आर्म्स एक्ट, 52 सहपठित धारा 9 वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 संशोधित 2022 कायम कर सभी आरोपियों को (मृतक को छोडकर) गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।
पूरे प्रकरण में थाना प्रभारी बेगमगंज राजीव उईके, थाना प्रभारी सुल्तानगंज उनि श्यामराज सिंह, थाना प्रभारी बम्होरी उनि प्रीतम सिंह, सउनि अमृतलाल मालवीय, सउनि हरिओम चौबे, सउनि गणेश चौरसे, प्रधान आरक्षक सुरेश ताण्डिलकर, प्रधान आरक्षक संजय, आरक्षक गजेन्द्र, आरक्षक ब्रजेन्द्र, आरक्षक सौरभ, आरक्षक दीपक की विशेष भूमिका रही।

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