जनकल्याण शिविरों की जानकारी जनता तक नहीं पहुंच रही, आयोजन बन रहे औपचारिकता: राव लाखन सिंह लोधी

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
जबेरा/दमोह। जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता राव लाखन सिंह लोधी ने भाजपा सरकार द्वारा आयोजित जनकल्याण एवं जन निवारण शिविरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इन शिविरों का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समाधान करना है, लेकिन पर्याप्त प्रचार-प्रसार के अभाव में बड़ी संख्या में लोग इनसे वंचित रह जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं, युवा और जरूरतमंद नागरिकों तक शिविरों की जानकारी समय पर नहीं पहुंचाई गई। जनपद पंचायत जबेरा क्षेत्र की अधिकांश ग्राम पंचायतों में न तो व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया गया और न ही ऐसी प्रभावी व्यवस्था बनाई गई, जिससे आमजन को शिविरों की जानकारी मिल सके। ऐसे में लोगों की समस्याओं का समाधान और योजनाओं का लाभ प्रभावित हो रहा है।राव लाखन सिंह लोधी ने आरोप लगाया कि भाजपा के मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधि इन शिविरों को विकास का प्रतीक बताकर राजनीतिक श्रेय लेने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर जनता की भागीदारी अपेक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक आयोजन कर देना सुशासन नहीं कहलाता, बल्कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक इसकी जानकारी पहुंचे।उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार का उल्लेख करते हुए कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में संचालित “आपकी सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम के दौरान ग्राम-ग्राम तक सूचना पहुंचाने के लिए कोटवारों, मुनादी और लाउडस्पीकर युक्त वाहनों का उपयोग किया जाता था। साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाता था, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहती थी।लोधी ने कहा कि सरकार का दायित्व केवल शिविर आयोजित करना नहीं, बल्कि उनकी जानकारी प्रत्येक परिवार तक पहुंचाना भी है। प्रशासन को भविष्य में जनकल्याणकारी योजनाओं और शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक लाभ से वंचित न रहे।उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश के मुख्यमंत्री का जबेरा विधानसभा क्षेत्र में कोई कार्यक्रम प्रस्तावित होता है, तो भाजपा के नेता, कार्यकर्ता और प्रशासनिक अमला गांव-गांव जाकर लोगों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने के लिए पूरी ताकत लगा देता है। बसों और अन्य वाहनों की व्यवस्था कर भीड़ जुटाई जाती है, लेकिन जब आम जनता की समस्याओं के समाधान और जनकल्याण शिविरों की जानकारी घर-घर पहुंचाने की बात आती है, तब वैसी सक्रियता दिखाई नहीं देती।अंत में राव लाखन सिंह लोधी ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि यदि भाजपा के नेता, मंत्री, कार्यकर्ता अथवा प्रशासनिक अधिकारी उनके गांव या क्षेत्र में पहुंचें, तो उन्हें यह अवश्य बताएं कि जनकल्याण शिविरों की जानकारी समय पर नहीं मिलने के कारण अनेक लोग इनसे वंचित रह गए।



