मध्य प्रदेश

तीन माह से लंबित मानदेय को लेकर आशा ऊषा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

समय पर भुगतान नहीं मिलने से आर्थिक संकट, जिला स्तरीय आंदोलन की दी चेतावनी
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । आशा ऊषा कार्यकर्ता महिला संगठन (मध्यप्रदेश) के बैनर तले आशा एवं ऊषा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को उमरियापान में प्रदर्शन कर पिछले तीन माह से लंबित मानदेय एवं अन्य देयकों के शीघ्र भुगतान की मांग उठाई । कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संबंधित अधिकारियों के माध्यम से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन प्रेषित किया तथा जल्द भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की ।
प्रदर्शन के दौरान आशा एवं ऊषा कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाती हैं और शासन की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं । गर्भवती महिलाओं की निगरानी, टीकाकरण कार्यक्रम, नवजात शिशुओं की देखभाल, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान तथा विभिन्न सर्वे कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती है । इसके बावजूद उन्हें पिछले तीन माह से मानदेय और अन्य प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया है ।
कार्यकर्ताओं ने बताया कि लगातार भुगतान लंबित रहने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । कई कार्यकर्ताओं के सामने परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और आवश्यक जरूरतों की पूर्ति करना मुश्किल हो गया है । उनका कहना है कि सीमित आय पर निर्भर रहने वाले परिवारों के लिए तीन माह तक भुगतान न मिलना गंभीर समस्या बन गया है ।
संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि आशा एवं ऊषा कार्यकर्ता ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं । वे विपरीत परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं, लेकिन उनके श्रम का उचित सम्मान समय पर भुगतान के रूप में नहीं मिल पा रहा है । उन्होंने शासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की कि लंबित मानदेय एवं अन्य देयकों का तत्काल भुगतान कराया जाए, ताकि कार्यकर्ताओं को राहत मिल सके ।
प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो जिले भर की आशा एवं ऊषा कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचकर व्यापक आंदोलन करेंगी । संगठन ने चेतावनी दी कि भुगतान संबंधी समस्या का समाधान नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी ।
इस दौरान बड़ी संख्या में आशा एवं ऊषा कार्यकर्ता उपस्थित रहीं और एक स्वर में समय पर भुगतान की मांग उठाते हुए शासन-प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की अपेक्षा जताई ।

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