पाइप लाइन बिछाने गली-गली खोद दी सीसी सड़कें, नहीं किया समतलीकरण
17 करोड़ से अधिक खर्च, पानी की समस्या जस की तस
सिलवानी। नगर परिषद् के नागरिकों को आज भी शुद्ध और पर्याप्त पेयजल मुहैया नहीं हो पा रहा है। सरकार नागरिकों को उनके घर पर ही पर्याप्त व शुद्ध जल मुहैया कराना चाहती है। इस काम के लिए करोड़ों रुपए का बजट उपलब्ध कराया गया। ठेकेदार ने अधिकारी और नेताओं से सांठगांठ कर पूरी राशि आहरित कर ली, लेकिन राशि के हिसाब से कोई काम ठीक तरह से नहीं किया। यही नहीं नलजल योजना के लिए खोदे गए मार्गों का दंश भी नागरिकों को परेशानी के रूप में झेलना पड़ रहा है। इतनी बड़ी अनियमितता को लेकर अब तक आला प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
जानकारी के मुताबिक नगर में नगरवासियों को शुद्ध जल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह राजपूत के विशेष प्रयास पर 18 करोड़ की लागत की शहरीय मुख्यमंत्री पेयजल योजना प्रारंभ की थी। इस इस कार्य को 18 माह में पूर्ण करना था। पीसी स्नेहिल कंपनी द्वारा कर्मचारी रीतेश सिंह को नियुक्त किया गया था जिसके पास नल जल योजना के कार्य का अनुभव और ना ही किसी प्रकार डिग्री डिप्लोमा है। नगर परिषद द्वारा रीतेश सिंह नल जल योजना के कार्य का अनुभव और ना ही किसी प्रकार डिग्री डिप्लोमा नहीं होने का नोटिस दिया गया था, इसके बावजूद रीतेश सिंह नल जल योजना का कार्य कर रहा है।
ऐसा क्या दिया मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना के ठेकेदार ने जो सक्षम अधिकारी कठोर कार्यवाही करने से बचते नजर आ रहे है। 18 माह की योजना 5 साल बीत जाने के बाद भी कार्य पूर्ण नहीं किया। अधूरा कार्य होने के बाद भी नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों ने 100 प्रतिशत कर दिया और बार-बार नागरिकों की शिकायत और मीडिया में खबर प्रकाशन के बाद निर्माण एजेंसी पर कार्यवाही के नाम सिर्फ नोटिस खेल खेल रही है।
गौर करने वाली बात है कि करोड़ों रुपए की इस योजना में अधिकारी और नेताओं ने कथित रूप से मिलकर जमकर पलीता लगाया। यहां बतादें कि गुजरात की पीसी स्नेहिल कंपनी को इस काम का टेंडर दिया गया था। इसने काम अधूरा करके अधिकारियों और नेताओं की मिलीभगत से योजना का पूरा पैसा ले लिया, लेकिन आज तक लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया। सीसी सड़कंे भी तोड़ दिए गए। इसके बाद न तो नया सीसी सड़क बनाई गई और ना ही मार्ग को समतल किया गया। यही वजह है कि बारिश के समय में अत्याधिक जल जमाव से पैदल निकलना तक मुश्किल हो जाता है। लोग फिसल कर गिरते हैं और जगह-जगह बारिश का पानी भरता है।
पाइप लाइन जगह-जगह उखड़ी
जिस नलजल योजना के लिए सरकार ने करोड़ों रुपए का बजट स्वीकृत किया है, उसके वर्तमान में यह हाल हैं कि गली-गली में पेयजल पाइप लाइन कई बार फूट रही है। अधिकांश घर तो ऐसे हैं जिनके बाहर तक ही लाइन पहुंचाई गई है। उसमें भी टोंटी नहीं लगाई गई। ऐसे में आसानी से समझा जा सकता है कि सप्लाई चालू करने पर पानी का कितना दुरुपोग होता होगा।
करोड़ों की योजना में जमकर पलीता लगाया
अधिकारी और नेताओं की मिलीभगत से ही करोड़ों रुपए की इस योजना को जमकर पलीता लगाया गया है। खामियाजा नगर के आम नागरिक झेल रहे हैं। इतने बड़े घोटाले को किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने संज्ञान में नहीं लिया। आधे अधूरे प्रोजेक्ट से जनता परेशानी झेलने को विवश है।
राजेश मांझी, नागरिक



