CMO निलंबित, नगरीय प्रशासन आयुक्त ने जारी किया आदेश

वित्तीय अनियमिताओं के आरोप, विभागीय जांच भी होगी
टीकमगढ़ नपा सीएमओ गीता मांझी पर गिरी गाज
रिपोर्टर : मनीष यादव
टीकमगढ़ । नगर पालिका सीएमओ गीता मांझी को आखिरकार सस्पेंड कर दिया गया है। उनके खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं और काम में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए गए हैं। मंगलवार को नगरीय प्रशासन आयुक्त भारत यादव ने उनको निलंबित करने का पत्र जारी किया है। एक दिन पहले ही सीएमओ के खिलाफ भाजपा और कांग्रेस के 26 पार्षदों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा था।
दरअसल, नगर पालिका में पिछले करीब 1 साल से अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार और सीएमओ गीता माझी के बीच विवाद चल रहा है। अध्यक्ष के साथ भाजपा और कांग्रेस के 26 पार्षदों ने भी सीएमओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। 26 जुलाई को पार्षदों ने सीएमओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने के लिए विशेष सम्मेलन बुलाया था, लेकिन सीएमओ बैठक में नहीं पहुंची थी। अध्यक्ष और भाजपा कांग्रेस के पार्षदों ने एक राय होकर उप यंत्री दीपक विश्वकर्मा को सीएमओ का प्रभार देकर बैठक की कार्रवाई पूरी की थी। विशेष सम्मेलन के अगले दिन सीएमओ ने प्रभारी सीएमओ सहित उप यंत्री को नोटिस जारी कर दिया था।
सीएमओ के रवैए के विरोध में सोमवार को भाजपा और कांग्रेस के 26 पार्षदों ने नगरीय प्रशासन आयुक्त के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। पार्षदों ने सीएमओ पर जानबूझकर काम नहीं करने के आरोप लगाते हुए उन्हें हटाए जाने की मांग की थी। नपा अध्यक्ष और पार्षदों के विरोध के चलते आखिरकार आज नगरीय प्रशासन आयुक्त ने सीएमओ गीता मांझी को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया है।
*वित्तीय अनियमिताओं के लगे आरोप*
नगरीय प्रशासन आयुक्त ने पत्र में कहा है कि सीएमओ ने जेम पोर्टल से नियम विरुद्ध तरीके से 18 बार खरीदी की। उनका यह कृत्य वित्तीय अनियमितताओं की श्रेणी में आता है। इसके अलावा केंद्र और राज्य शासन की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में रुचि नहीं दिखाई है। प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, पेयजल, भवन भूमियों के नामांतरण, एनयूएलएम जैसी कई योजनाओं में गीता मांझी ने अपने पदीय कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया है। जिससे शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ आमजन को प्राप्त नहीं हो रहा है।
*सस्पेंड के साथ विभागीय जांच के आदेश*
सीएमओ गीता मांझी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है। साथ ही पत्र में कहा है कि मप्र नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 86, 94 और 95 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाकर विभागीय जांच संस्थित की जाती है। निलंबन अवधि में मांझी का मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन विकास सागर संभाग सागर रहेगा।



