हेड कांस्टेबल पर प्रताड़ना का आरोप, एसपी से शिकायत

सुल्तानगंज । रायसेन जिले का थाना सुल्तानगंज हमेशा ही पुलिस कर्मियों की तानाशाही और मनमानी से विवादित रहा है।
एक बार फिर सुल्तानगंज थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक कल्याण सिंह गुर्जर पर किशोरी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस अधीक्षक रायसेन को दिए आवेदन में किशोरी ने कहा कि आरक्षक ने थाने के दबदबे का फायदा उठाकर उससे खाली कागज पर दस्तखत कराए। उसने लगातार फोन और वीडियो कॉल कर अभद्र बातें कीं और कई बार मिलने का दबाव बनाया।
किशोरी के अनुसार, प्रधान आरक्षक एक दिन उससे खेत के पास मिला और बातों में फंसाकर उसे वनदेवी मंदिर तक ले गया। बाद में स्कूल बुलाकर किशोरी को वह मेन रोड से कार में बिठाकर ‘थाने में काम’ का झांसा देते हुए सीधा रायसेन और फिर भोपाल ले गया। वहां उसने किशोरी को एक युवक के पास रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया। आरोप है कि युवक के परिवार से 5-8 लाख रुपये तक के लेनदेन पर बातचीत हुई थी। प्रधान आरक्षक पैसे लेकर किशोरी को वहां छोड़कर चला गया।
किशोरी ने मांग की है कि संबंधित आरक्षक को तुरंत सुल्तानगंज थाने से हटाकर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि परिवार पर दबाव या धमकी की स्थिति न बने।
इस संबंध में प्रधान आरक्षक कल्याण सिंह ने बताया कि आरोप पूरी तरह निराधार है। नाबालिग का पिता उससे पहले से बैर रखता है। उसकी बेटी पहले किसी लड़के के साथ चली गई थी, जिसे पुलिस ने दस्तयाब किया था। उसको शंका है कि मैंने लड़के पक्ष की सपोर्ट की है। इसी बात को लेकर उसने मेरे खिलाफ शिकायत की है।
सुल्तानगंज थाने में पदस्थ कर्मचारियों और विवादों हमेशा ही चोली दामन का साथ रहा है। पर विभाग इनके खिलाफ आए आवेदनों में खाना पूर्ति ही करता है। जिससे पुलिस कर्मियों के हौसले बुलंद हैं



