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धार्मिक ग्रंथ मनुष्य को भगवान से मिलाने का कार्य करते हैं: भूपेन्द्र शास्त्री

कथा के पूर्व नगर में निकली भव्य कलश यात्रा
सिलवानी। जब तक इंसान की मन, वाणी व क्रियाएं एक नहीं होंगी तब तक भगवान की प्राप्ति होना संभव नहीं है। भागवत कथा के पहले दिन साधु संतों की अगुआई में नगर के कांठिया मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली।
नगर खेरापति पंडित भूपेंद्र शास्त्री के मुखारविंद से संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का श्रद्धालुओं को रसास्वादन किया जाएगा। कथा प्रारंभ होने से पूर्व नगर में कांठिया मंदिर से कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई कार्यक्रम स्थल मां विजयासन मंदिर पहुंची। नागरिकों ने कलश यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। कथा के प्रथम दिवस कथा वाचक पंडित भूपेंद्र शास्त्री ने माता को बालक की प्रथम गुरु बताया तथा कहा कि माता पिता ही बालक को संस्कारित बनाते है। यदि माता पिता बालक को संस्कार नहीं दे सके तो बड़ा होकर बालक गलत रास्ते को आत्मसात कर सकता है। बालक के ऐसा किए जाने से अभिभावक को आत्मग्लानि का सामना करना पड़ता।
नगर के विजयासन मंदिर में संगीतमय श्रीमद भागवत कथा साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ का आयोजन 21 से 27 नवंबर तक किया जा रहा है। कथा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगी, आयोजक सोनी परिवार से सभी से कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने का आग्रह किया है।

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