स्वास्थकर्मी और डॉक्टर भगवान का दूसरा रूप है : आरती आदिवासी

गर्भवती महिला का हीमोग्लोबिन कम होने के बावजूद भी स्वस्थ कर्मियों के परामर्श से सफलतापूर्वक प्रसव रिपोर्टर : मनीष यादव
पलेरा । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलेरा में स्वस्थ कर्मियों एवं डॉक्टर की लगन और मेहनत और परामर्श की पराकाष्ठा से एक महिला ने नवजात शिशु को सफलता पूर्वक जन्म दिया है किसी ने यूं ही नहीं कहा कि डॉक्टर, नर्स,भगवान का दूसरा रूप है ऐसा ही एक मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलेरा में देखने को मिला है जहां महिला का दो दिन पहले ब्लेड कम होने के बावजूद भी स्वस्थ कर्मियों की सूझबूझ से सफलतापूर्वक महिला का प्रसव कराया गया गौरतलब है कि आरती आदिवासी और उसका परिवार दिल्ली, भोपाल में मजदूरी करने गया हुआ था विगत दिनों भोपाल से आई आरती के द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलेरा में अपना इलाज कराया गया आदिवासी महिला आरती ग्राम सिमराखुर्द, चैनपुरा गांव, तहसील पलेरा जिला टीकमगढ़ की निवासी है जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीएमओ डॉक्टर अजय गुप्ता द्वारा महिला की समस्त जांच कराई गई जिसमें हीमोग्लोबिन 5.1 निकलने पर महिला नर्सिंग ऑफिसर दिनेश कुमार द्वारा महिला को एफसीएम इंजेक्शन लगाया गया वही स्वस्थ कर्मियों के द्वारा हीमोग्लोबिन कम होने की वजह से बाहर दिखने एवं रक्त चढ़ाने की बात की गई लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण बाहर दिखाने में परिवारजन असमर्थ थे ऐसी स्थिति में स्वस्थकर्मियों डॉक्टरों की सूझबूझ से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलेरा में महिला को भर्ती कर लिया गया इसमें प्रातः 4:00 बजे महिला को प्रसव पीडा शुरू हुई परिजनों ने आशा को बताया चंपा कुमार आशा द्वारा 108 पर फोन लगाकर 108 एंबुलेंस वाहन को महिला के घर पर बुलाया गया महिला को सुरक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां पर ड्यूटी पर पदस्थ स्टाफ एएनएम राज किशोरी यादव स्टाफ नर्स सुलोचना अहिरवार द्वारा महिला की सफलतापूर्वक डिलीवरी कराई गई जच्चा बच्चा सुरक्षित है वही हाई रिस्क डिलीवरी होने के बावजूद भी स्वस्थ कर्मियों को बड़ी सफलता मिली है महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया बच्चा 2 किलो 720 ग्राम का पैदा हुआ गरीब परिवार की महिला एवं परिजनों द्वारा स्वस्थ कर्मियों की सराहना की गई प्रसव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलेरा एवं क्षेत्रीय स्टाफ आशा कार्यकर्ता आशा पर्यवेक्षक नर्सिंग ऑफिसर बीएमओ डॉ. अजय गुप्ता, कुणाल चतुर्वेदी बीसीएम एवं एएनएम राज किशोरी और नर्सिंग ऑफिसर सुलोचना अहिरवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।



