आज का पंचाग शुक्रवार 16 सितम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 17 सितम्बर 2022
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
🤷🏻♀️ 16 सितम्बर 2022 दिन शुक्रवार को अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। आज यमघंट योग होने के वजह कोई भी श्राद्ध या किसी प्रकार का कोई भी अन्य कार्य नहीं किया जायेगा।।
।। श्री हरि आप सभी का कल्याण करें ।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात शनिवार को पीपल वृक्ष में मिश्री मिश्रित दूध से अर्घ्य देने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। पीपल के नीचे सायंकालीन समय में एक चतुर्मुख दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी ग्रह दोषों की निवृति हो जाती है।
पुराणों में वर्णित है कि पिप्पलाद ऋषि ने अपने बचपन में माता पिता के वियोग का कारण शनि देव को जानकर उनपर ब्रह्म दंड से प्रहार कर दिया, जिससे शनि देव घायल हो गए। देवताओं की प्रार्थना पर पिप्पलाद ऋषि ने शनि देव को इस बात पर क्षमा किया कि शनि जन्म से लेकर 16 साल तक की आयु तक एवं उनके भक्तो को किसी को भी कष्ट नहीं देंगे। तभी से पिप्पलाद का स्मरण करने से ही शनि देव के प्रकोप से मुक्ति मिल जाती है।
शिवपुराण के अनुसार शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि की पीड़ा शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – आश्र्विन मास
🌗 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथिः-षष्ठी तिथि 08:43:00 तक तदोपरान्त सप्तमी तिथि।
✏️ तिथि स्वामीः- षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान कार्तिकेय जी हैं तथा सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देव हैं।
💫 नक्षत्रः- कृतिका नक्षत्र 23:58:05 तक तदोपरान्त रोहिणी नक्षत्र
🪐 नक्षत्र स्वामीः- कृतिका नक्षत्र के स्वामी सूर्य देव हैं। रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चन्द्र देव हैं।
🔊 योगः- वज्र 29:49:14 तक तदोपरान्त सिद्धि
⚡ प्रथम करण : वणिज – 12:19 पी एम तक
✨ द्वितीय करण: विष्टि – 01:12 ए एम, सितम्बर 17 तक बव
🔥 गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 07:38:00 A.M से 09:11:00 A.M तक।
⚜️ दिशाशूलः- शुक्रवार को पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करना चाहिए तथा ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दही खा कर निकलें।
🤖 राहुकालः- राहु काल 10:43:00 से 12:15:00 बजे तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:27:47
🌅 सूर्यास्त – सायं 18:39:11
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:33 ए एम से 05:20 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:56 ए एम से 06:06 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:51 ए एम से 12:40 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:19 पी एम से 03:08 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:13 पी एम से 06:37 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 06:25 पी एम से 07:35 पी एम
💧 अमृत काल : 07:20 ए एम से 09:04 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:53 पी एम से 12:39 ए एम, सितम्बर 17
❄️ रवि योग : 09:55 ए एम से 06:07 ए एम, सितम्बर 17
💥 व्रज योग – आज का पूरा दिन पार कर के अगले दिन सुबह 5 बजकर 51 मिनट तक
☄️ कृतिका नक्षत्र – आज सुबह 9 बजकर 56 मिनट तक
🪩 स्वर्ग लोक की भद्रा – आज दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से देर रात 1 बजकर 16 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन- शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को खीर खिलाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – कपिला षष्ठी , कुछ पंचांग में आज कोई श्राद्ध नहीं है, षष्ठी का श्राद्ध ( उदयतिथि अनुसार आज 12:21 से पहले, सप्तमी का श्राद्ध, मुक्तावलि व्रत, सौभाग्यसूचक रोहिणी व्रत, भारतीय सैनिक ए. बी. तारापोरे शहीदी दिवस, मलेशिया दिवस, विश्व ओजोन परत संरक्षण दिवस
✍🏽 विशेष – मित्रों, षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय हैं तथा नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है।
🗽 Vastu tips 🗼
वास्तु शास्त्र के अनुसार लाल रंग की चीज़ों को उचित दिशा में रखने को लेकर ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। घर में उपयोग में आने वाली लाल रंग से संबंधित चीज़ों में टब, बाल्टी, कारपेट, सब्जियां आदि शामिल हो सकती हैं। लाल रंग से संबंधित चीज़ों को घर की दक्षिण दिशा में रखना चाहिए। ऐसा करने से शुभ वास्तु के शुभ परिणाम मिलते हैं। क्योंकि लाल रंग का संबंध अग्नि तत्व से है और दक्षिण दिशा का संबंध भी अग्नि तत्व से ही है। इसलिए दक्षिण दिशा में लाल रंग से संबंधित चीज़ें रखना अच्छा होता है।
आंखों की रोशनी दक्षिण दिशा में लाल रंग की चीज़ें रखने से घर की मंझली कन्या को हर तरह से फायदा मिलता है। आंखों की रोशनी सही बनी रहती है और उनसे संबंधित किसी तरह की परेशानी नहीं होती।
👀 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
हल्का या मध्यम भूरा रंग के आंखों वाले केयरिंग स्वभाव के होते है। इनको काम के साथ-साथ मस्ती करना पसंद होता है। ये किसी भी चीज को बहुत आसानी से पा लेते हैं। इनका सौम्य स्वभाव इन्हें जल्दी दोस्त बनाने में मदद करता है। ऐसे लोग स्वतंत्र, आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय होने के बाद भी आप अपने भावों को बयां नहीं कर पाते हैं। आप खुद की परेशानियों को दरकिनार करके दूसरों की मदद करते हैं। इस रंग के आंख वाले लोग एक अच्छे दोस्त होने के साथ बहुत अच्छे प्रेमी भी हैं। लेकिन इन लोगों की एक कमजोरी यह है कि ये दूसरों की मदद करने के चक्कर में अपनी गंभीर परेशानियां दरकिनार कर देते हैं।
हेजल रंग की आंखों वाले बहुत सकारात्मक स्वभाव के होते हैं। इन्हें अपनी जिंदगी में एडवेंचर बहुत पसंद है, लेकिन रूटीन लाइफ फॉलो करना इन्हें नापसंद है, इन्हें मॉज मस्ती करना ज्यादा अच्छा लगता है। ऐसे लोग अपनी जिंदगी में बहुत बोल्ड और हिम्मत वाले होते हैं, लेकिन ऐसे लोग अपने राज को दूसरों से छुपा कर रखते हैं। इन लोगों की सबसे बड़ी खामी यह होती है कि यह लोग बहुत जल्दी गुस्सा हो जाते हैं। यह जिस भी नए रिश्ते में प्रवेश करते हैं वह बहुत जल्दी टूट जाता है।
🍻 आरोग्य संजीवनी 🍶
कम नींद बना रही बीमार कम नींद लोगों को बीमार बना रही है, फिजिकली भी और मेंटली भी। सबसे पहले बात अगर इम्यून सिस्टम की करें तो नींद कम लेने से 70% नेचुरल किलर सेल्स घट जाते हैं। एंटीबॉडी का प्रोडक्शन कम होने से इंफेक्शन का रिस्क बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, अगर आप पांच रात प्रॉपर नींद नहीं ले पाते हैं तो नींद की कमी से इंसुलिन रेजिस्टेंस, स्ट्रेस हॉर्मोन और इंफ्लेमेशन बढ़ता है। नतीजा बॉडी में शुगर का लेवल बिगड़ने लगता है।
कम नींद बना सकती है दिल का मरीज शिकागो यूनिवर्सिटी की स्टडी के मुताबिक रोजाना सिर्फ दो घंटे की कम नींद, एक हेल्दी इंसान को प्री-डायबिटिक और फिर डायबिटिक स्टेज में पहुंचा सकती है। फिर नींद में ये कमी आर्टरीज को ब्लॉक कर सकती है। जिससे बीपी बढ़ता है, हार्ट पर प्रेशर बढ़ता है, ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले ब्लड वेसेल्स डैमेज होते हैं और फिर 45 की उम्र आते-आते हार्ट अटैक के चांसेज पूरे 200 परसेंट बढ़ जाते हैं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी के अनुसार सच्चा या सही मित्र जीवन की अनमोल धरोहर है। जिसका कोई मित्र नहीं उसका कोई जीवन भी नहीं। जीवन में मित्र की जरूरत सभी को होती है, लेकिन आप कैसे पहचान करेंगे कि आपका सही मित्र या दोस्त कौन है? कहीं मित्र के रूप में आप अपने शत्रु के साथ तो नहीं रह रहे हैं? यदि ऐसा है तो आपका जीवन बर्बाद हो सकता है।
जो मित्र आपके सामने चिकनी-चुपड़ी बातें करता हो और पीठ पीछे आपके कार्य को बिगाड़ देता हो, उसे त्याग देने में ही भलाई है। हम कहते हैं कि ऐसा मित्र उस बर्तन के समान है, जिसके ऊपर के हिस्से में दूध लगा है परंतु अंदर विष भरा हुआ होता है।
वही गृहस्थी सुखी है, जिसकी संतान उनकी आज्ञा का पालन करती है। पिता का भी कर्तव्य है कि वह पुत्रों का पालन-पोषण अच्छी तरह से करें। इसी प्रकार ऐसे व्यक्ति को मित्र नहीं कहा जा सकता है, जिस पर विश्वास नहीं किया जा सके और ऐसी पत्नी व्यर्थ है जिससे किसी प्रकार का सुख प्राप्त न हो।
आतुरे व्यसने प्राप्ते दुर्भिक्षे शत्रुसण्कटे।
राजद्वारे श्मशाने च यात्तिष्ठति स बान्धवः॥
🤷🏻♀️ अर्थात : सच्चा मित्र वहीं है जो बीमारी में, असमय शत्रु से घिर जाने पर, राजकार्य में सहायक रूप में और मृत्यु पर श्मशान भूमि में ले जाने मदद करता है।
यानी यदि आपके घर परिवार में यदि कोई बीमार हो जाए और तब कोई व्यक्ति आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहे तो समझो कि वह आपका सच्चा मित्र है। दूसररा यह कि यदि आप किसी मुसीबत में घिर जाओ या शत्रु आपको घेर ले तब ऐसे संकट के समय कोई दोस्त आपकी मदद करे तो समझो की वही सच्चा मित्र है। तीसरा यह कि किसी भी प्रकार के यदि आपका मित्र आपको किसी महत्वपूर्ण कार्य या राजकार्य में साथ देता है तो व भी आपका सच्चा मित्र है।
वहीं आपका सच्चा मित्र है जो आपके जीवन के रहस्य या निजी बातों को किसी अन्य के समक्ष प्रकट न करता हो। खासकर ऐसी बातें जिससे आपकी बदनामी हो या आप मुसीबत से घिर जाएं। यदि आपकी कोई खास बात वह सार्वजनिक कर दे तो वह आपका मित्र नहीं है।
ΦΦΦ❀((हरि ॐ))❀ΦΦΦ
⚜️ आपके उपर यदि मंगल कि दशा चल रही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो भगवान कार्तिकेय का पूजन करें। मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी कार्य में सफलता प्राप्ति के लिये षष्ठी तिथि के सायंकाल में शिवमन्दिर में छः दीप दान करें। कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा पर बाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं एवं सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती है।
जिस व्यक्ति का जन्म षष्ठी तिथि को होता है, वह व्यक्ति सैर-सपाटा पसंद करने वाला होता है। इन्हें देश-विदेश घुमने का कुछ ज्यादा ही शौक होता है अत: ये काफी यात्राएं करते रहते हैं। इनकी यात्रायें मनोरंजन और व्यवसाय दोनों से ही प्रेरित होती हैं। इनका स्वभाव कुछ रूखा जैसा होता है और छोटी छोटी बातों पर भी लड़ने को तैयार हो जाता हैं।

