मध्य प्रदेश

पशु चिकित्सालय में समय पर नहीं मिलते डाक्टर, पालक परेशान, बछड़ा लेकर पहुंचे एसडीएम के पास

सिलवानी। ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित सरकारी अस्पतालों की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। इनमें सबसे खराब स्थिति पशु अस्पतालों की है। कई बार तो ऐसे अस्पताल स्टाफ के न आने के कारण कई दिनों तक बंद रहते हैं, जिसके कारण पशुपालकों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। अव्यवस्था को लेकर पशुपालकों में आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। ब्लाक क्षेत्र की अधिकांश जनता खेती व पशुपालन पर ही निर्भर है। इस स्थिति में अगर पशुपालकों को अपने पशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए दर-दर भटकना पड़े तो स्थिति विकट ही होगी। समय से इलाज न मिलने के कारण पशु अकाल ही मौत के मुंह में चले जाते हैं।
मंगलवार को नगर के गौसेवक वीरेन्द्र साहू और श्रीप्रकाश श्रीवास्तव अपनी बाइक से गाय के बछड़े को लेकर जब अस्पताल समय में पहुंचे तो अस्पताल में ताला लगा हुआ था, तो वह अस्पताल की व्यवस्था से रुष्ट होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे और एसडीएम प्रकाश नायक को अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी समस्या बताई। अक्सर अस्पताल में डॉक्टर नही रहते है। जिस पर एसडीएम ने जांच करने की बात कही।
नगर के गौसेवक गौसेवक वीरेन्द्र साहू और श्रीप्रकाश श्रीवास्तव अपने साथियों के साथ जहां भी गाय को घटना दुर्घटना में घायल होने पर अपनी जेब से राशि खर्च दवाएं खरीद कर निशुल्क इलाज करते है।
मंगलवार को लावारिश गाय के बछड़े को सेंटल बैंक के पास अज्ञात कार टक्कर मार कर घायल कर दिया। बछड़े के पैर में दो स्थानों से हड्डी टूट गई और खून बह गया। गौ सेवको ने पहले स्वयं के पास उपलब्ध दवाओं से इलाज किया बाद में अस्पताल ले गए। अस्पताल में प्लास्टर करने रूई तक नही है और कई दबाओ का अभाव है

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