Aaj ka Panchang आज का पंचांग शनिवार, 17 जून 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 17 जून 2023
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – आषाढ़ मास
🌑 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – आषाढ़ मास कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि 09:11 AM तक उपरांत अमावस्या
✏️ तिथि स्वामी – चतुर्दशी तिथि के देवता हैं शंकर।चतुर्दशी तिथि में भगवान देवदेवेश्वर सदाशिव की पूजा करके मनुष्य समस्त ऐश्वर्यों से समन्वित हो जाता है ।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र रोहिणी 04:25 PM तक उपरांत म्रृगशीर्षा
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र का स्वामी शुक्र है।और नक्षत्र स्वामी चन्द्रमा है।
🔊 योग – शूल योग 01:01 AM तक, उसके बाद गण्ड योग
⚡ प्रथम करण : शकुनि – 09:11 ए एम तक
✨ द्वितीय करण – चतुष्पाद – 09:36 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:03 ए एम से 04:43 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:23 ए एम से 05:23 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:54 ए एम से 12:50 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:42 पी एम से 03:38 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:20 पी एम से 07:40 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:21 पी एम से 08:21 पी एम
💧 अमृत काल : 01:03 पी एम से 02:44 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:02 ए एम, जून 18 से 12:42 ए एम, जून 18
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:23 ए एम से 04:25 पी एम
🌊 अमृत सिद्धि योग : 05:23 ए एम से 04:25 पी एम
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-शनि मंदिर में दहीबड़े व जल से भरा पात्र चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
💮 पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/अमृत योग/पितृकार्य अमावस्या, पिता दिवस, अभिनेता मोतीलाल स्मृति दिवस, स्वतंत्रतता संग्राम सेनानी गोपबंधु दास पुण्य तिथि, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई स्मृति दिवस, राजमाता जीजाबाई स्मृति दिवस, स्वतंत्रता सेनानी ज्योति प्रसाद अग्रवाल जन्म दिवस, मरुस्थलीकरण और सूखे का मुकाबला करने के लिए विश्व दिवस, विश्व रेगिस्तान तथा सूखा रोकथाम दिवस, नेशनल ईट योर वेजिटेबल्स डे, आइसलैंड राष्ट्रीय दिवस
✍🏼 विशेष – चतुर्दशी तिथि को शहद त्याज्य होता है। चतुर्दशी तिथि को एक क्रूरा तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं चतुर्दशी तिथि को उग्रा तिथि भी माना जाता है। यह चतुर्दशी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्दशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। इस चतुर्दशी तिथि के देवता भगवान शिवजी हैं।
🗼 Vastu Tips 🗽
जब भी घर बनता है तो वास्तु का विशेष ध्यान रखा जाता है, इससे हमें लाभ होता है। यदि घर बनाते वक्त वास्तु की सभी बातों का ध्यान रखा जाए तो आप कभी भी किसी भी चीज से परेशान नहीं होंगे। फिर वो आर्थिक स्थिति हो या मन को मिलने वाली शांति सभी चीजें सामान्य चलती हैं। दरअसल, वास्तु शास्त्र में घर की साज-सज्जा को लेकर कई नियम बताए गए हैं अगर इन नियमों का पालन किया जाए तो आपको जीवन में आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है। इससे घर में पॉजिटिविटी भी फैलती है। ऐसे में वास्तु शास्त्र में आज आचार्य श्री गोपी राम से जानिए सीढ़ियों के बारे में।
हमारी जिंदगी में सीढ़ियों का बहुत महत्व है। आमतौर पर हमें जब भी किसी को तरक्की या सफलता का उदहारण देना होता है तो सबसे पहले सीढ़ियों का नाम जरूर लिया जाता है, उनका उदाहरण दिया जाता है। सीढ़ियों की तरह हमारी सफलता भी ऊंचाई पर पहुंचती रहे इसलिए वास्तु शास्त्र में सीढ़ियों के सही दिशा में होने व अन्य उपाय भी बताएं गए हैं।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
थायराइड के लिए रामबान है ब्राजील नट्स
सेलेनियम रिच फूड शामिल करने से आपके थायराइड की समस्या का समाधान हो सकता है. इसके लिए आप ब्राज़ील नट्स को डाइट में शामिल कर सकते हैं. ब्राज़ील नट्स सेलेनियम का अच्छा स्रोत होता है. सेलेनियम थायराइड हार्मोन के स्तर में सुधार करने का कार्य करता है. विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि थायराइड हार्मोन की कमी के कारण होने वाली समस्याओं में ब्राज़ील नट्स सहायक साबित हो सकता है!
बता दें कि थायराइड ग्रंथि के टिशु में बॉडी के अन्य अंग की तुलना में सबसे ज्यादा अधिक सेलेनियम पाया जाता है. ये थायराइड को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाता है और थायराइड हार्मोन के प्रोडक्शन में अहम भूमिका निभाता है. इस लिहाज से ब्राज़ील नट एक ऐसा ड्राई फ्रूट है जो थायराइड ग्रंथि को बेहतर तरीके से कम करने में मदद करता है. हालांकि डॉक्टर का मानना है कि इसकी थोड़ी मात्रा है शरीर के लिए पर्याप्त होती है।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
माइग्रेन का पेन तो टेंपरेचर बढ़ने पर भी सताने लगता है यानि एक तरफ कुआं, दूसरी तरफ खाई। सिरदर्द के मरीज़ों को तो ना एसी में चैन, ना गर्मी में सुकून। सुकून मिलेगा कैसे? लोगों की लापरवाही है कि खत्म ही नहीं होती। बहुत से लोग ऐसे हैं जो तेज़ धूप से घर आते ही फ्रिज का पानी पी लेते हैं या ठंडी चीज़ खा लेते हैं और फिर उनके माथे में ऐसा दर्द होता है कि सिर फटने लगता है।
इस कंडीशन को ब्रेन फ्रीज होना कहते हैं। दरअसल एकदम से ठंडा शरबत, कोल्ड ड्रिक, पी लेने या आइसक्रीम खा लेने से मुंह के उपरी हिस्से का तापमान कई गुना ज़्यादा ठंडा हो जाता है जिसे नॉर्मल करने के लिए दिमाग की ब्लड वेसल्स तेज़ी से सिकुड़ती और खुलती हैं जो सिरदर्द की वजह बनती हैं।
ये तो हुई गर्मी से होने वाले सिरदर्द की बात लेकिन हेडेक एक-दो नहीं बल्कि पूरे 150 किस्म के होते हैं जो कब किस वजह से हो जाएं कह नहीं सकते। बिल्कुल, जैसे शरीर में पानी की कमी हेडेक दे सकती है पेट में गैस बन जाए या बीपी हाई हो जाए तो सिर फटने लगता है। एक नई स्टडी तो ये भी कहती है कि ज़्यादा एक्सरसाइज़ से भी सिर दुखता है जिसे एक्ज़र्शन हेडेक कहते हैं।
📖 गुरु भक्ति योग_ 🕯️
जीवन चलाने के लिए धन का होना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। आज-कल हर कोई चाहता है उनके पास बहुत सारा धन हो, लेकिन लोग कमाते तो बहुत है फिर भी उनके पास 1 रुपये भी नहीं टिकता है। ऐसे लोगों के जीवन में आर्थिक संकट बना ही रहता है। हमने ये भी बताया है कि किन लोगों के पास पैसा ज्यादा दिन तक नहीं ठहरता।
गलत तरीके से कमाया हुआ धन आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार गलत तरीके से कमाया हुआ धन पल भल की खुशी जरूर दे सकता है, लेकिन ये ज्यादा दिनों के लिए टिकता नहीं है। ऐसा पैसा मनुष्य को भविष्य में दुख देता है। अनैतिक कार्य करके कमाया धन सूद समेत नष्ट हो जाता है।
धोखे से कमाई आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार जो व्यक्ति धोखा देकर धन कमाते है उनके साथ बाद में बुरा ही होता है। मां लक्ष्मी उनसे रूठ जाती है। ऐसी परिस्थिति में धन विनाश के साथ व्यक्ति का जीवन भी बर्बाद हो जाता है। ऐसे लोग कर्ज के बोझ में चले जाते हैं।
अनैतिक कार्य से कमाई मां लक्ष्मी को चंचल माना जाता है। इनका वास वहीं होता है जिसने मेहनत से कमाई की हो। चोरी, अन्याय, जुआ खेलकर कमाया धन क्षणभर का होता है।सही रास्ते पर चलकर ही समृद्धि हासिल की जा सकती है। मेहनत की कमाई से घर में बरकत होती है। मां लक्ष्मी भी वहीं वास करती हैं।
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⚜️ चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना करवाना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है।
जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्दशी तिथि को होता है वह व्यक्ति नेक हृदय का एवं धार्मिक विचारों वाला होता है। इस तिथि को जन्मा जातक श्रेष्ठ आचरण करने वाला होता है अर्थात धर्म के मार्ग पर चलने वाला होता है। इनकी संगति भी उच्च विचारधारा रखने वाले लोगों से होती है। ये बड़ों की बातों का पालन करते हैं तथा आर्थिक रूप से सम्पन्न होते हैं। देश तथा समाज में इन्हें उच्च श्रेणी की मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।


