एक पेड़ मां के नाम, पर्यावरण संरक्षण कविता

ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर । एक पेड़ मां के नाम पर्यावरण संरक्षण को लेकर सिहोरा निवासी सुशील शर्मा ने अपनी सुंदर सी कविता के माध्यम से प्रस्तुत किए हैं देखे जीवन में एक पेड़ की महात्तवा कितनी जरूरी और आवश्यक हैं।
जाने कविता के माध्यम से – मां के नाम पर एक पेड़ भी, जो कहीं आप लगायेंगे ।
होगा गौरव सदा आपका, दुनिया में यश पायेंगे ।।
धूप से चलकर राहगीर जब, वृक्ष के नीचे आयेगा ।
बैठ बृक्ष के नीचे शीतल, ठंडी छाया पायेगा ।।
मिले सुंकूंन उसे गर्मी से, तन-मन खुश हो जायेगा।
समय-समय पर फल भी देगा, भूखा-भूख मिटायेगा ।।
हर प्राणी को प्राणवायु ये शुद्ध सुहानी देते हैं।
पंछी इसमें करें बसेरा, जो मन को हर लेते हैं।।
कुहुके-कोयल-कुंहं-कुंहूं, और बोलेंगे तोता मैना।
चंहके-चिड़िया डाल-डाल पर लगता अति सुन्दर हैना ।।
बरसाती मौसम बर्षा में, भींगें नहीं बचायेगा।
लकड़ी देगा वृक्ष आपका, काम सभी के आयेगा ।।
देख रहा है सबका मालिक, परहित करने वालों को ।
जिसकी -जैसी नियति जानता, तपन के हरने वालों को।।
धरा रहे ये हरी-भरी, धरती मां का सिंगार यही।
पेड़ लगाओ सबसे मेरी, बिनती बारंबारं यही ।।
आप रहेंगे जब-तक दुनियां, में दुनियां से जायेंगे ।
जानकार शर्मा सुशील जो, भी होंगे यश गायेंगे ।।



